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Muzaffarnagar: बीबीए पास ने बनाया पढ़े-लिखे दोस्तों का गैंग, 80 करोड़ की ठगी में बने पार्टनर, 6 शातिर गिरफ्तार
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Thu, 19 Feb 2026 09:25 PM IST
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सार
पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह को पकड़ लिया है। ये लोग साइबर ठगों को मोटी रकम लेकर बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। इन लोगों ने एक साल में 150 से अधिक लोगों को शिकार बनाया।
गिरफ्तार किए गए छह आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
साइबर थाना और फुगाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी फर्जी दस्तावेजों पर गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। गिरोह ने एक वर्ष में 150 से अधिक लोगों से 80 करोड़ रुपये की ठगी की है। गिरोह के दो सदस्य अभी फरार हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खातों में से दो खातों में 30 लाख रुपये जमा हुए थे। आरोपियों से काफी दस्तावेज, एटीएम कार्ड, सात बैंकों की प्री-एक्टिवेटेड किट मिली है।
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एसपी देहात आदित्य बंसल ने पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता कर बताया कि महाराष्ट्र में मेक माई ट्रिप के माध्यम से फर्जी क्यूआर कोड भेजकर कुछ दिन पहले एक यात्री से 50 हजार रुपये की ठगी की गई। यह शिकायत प्रतिबिंब पोर्टल पर की गई। पता चलने पर साइबर थाना व फुगाना थाना पुलिस ने जांच की तो पाया कि जनपद के कई युवकों ने फर्जी कॉल की हुई है। काफी रकम फुगाना में अक्षय के खाते में पहुंची, जिसे निकाला भी गया। टीम ने कई मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल के साथ ही बैंक खातों को चेक किया तो मामला साफ हुआ।
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जांच में सामने आया कि साइबर ठगी करने वाले गिरोह के लिए जिले के कई युवक काम कर रहे हैं। इसके बाद अक्षय, हर्ष कुमार, भव्यांश, सचिन, हरेंद्र व आर्यन को पकड़ा गया। इनके दो साथी राजा व अनुराग मौके से निकल गए। गिरोह के सरगना अक्षय पर आईटी एक्ट, मारपीट सहित पांच आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। सभी आरोपियों का चालान कर दिया गया है।
150 से अधिक बैंक खातों की डिटेल मिली
एसपी देहात ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते हैं। बैंक खातों में विदेश से ठगी का पैसा भेजा जाता है। इस पैसे को निकालकर ठगों के बताए खातों में जमा किया जाता है। आरोपी युवक पांच से 10 प्रतिशत कमीशन पर काम करते हैं। भारतीय रुपये को अमेरिकी डॉलर में परिवर्तित कराने के बाद जमा कराया जाता है।
गिरोह के सरगना अक्षय से मिले मोबाइल में 150 से अधिक बैंक खातों की डिटेल मिली है। इस खातों की महाराष्ट्र, केरल, गुजराज, दिल्ली व तमिलनाडु से 100 से ज्यादा साइबर ठगी की शिकायत हुई है। इस गिरोह ने एक साल में 80 करोड़ से अधिक की ठगी की है।
एसपी देहात ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते हैं। बैंक खातों में विदेश से ठगी का पैसा भेजा जाता है। इस पैसे को निकालकर ठगों के बताए खातों में जमा किया जाता है। आरोपी युवक पांच से 10 प्रतिशत कमीशन पर काम करते हैं। भारतीय रुपये को अमेरिकी डॉलर में परिवर्तित कराने के बाद जमा कराया जाता है।
गिरोह के सरगना अक्षय से मिले मोबाइल में 150 से अधिक बैंक खातों की डिटेल मिली है। इस खातों की महाराष्ट्र, केरल, गुजराज, दिल्ली व तमिलनाडु से 100 से ज्यादा साइबर ठगी की शिकायत हुई है। इस गिरोह ने एक साल में 80 करोड़ से अधिक की ठगी की है।
गिरोह का सरगना बीबीए पास
बताया गया कि गिरोह का सरगना अक्षय बीबीए, हर्ष बीसीए, भव्यांश बीए, हरेंद्र पॉलिटेक्निक, सचिन इंटर फेल व आर्यन इंटर पास है। सभी परिचित व दोस्त भी हैं।
ऐसे करते हैं काम
आरोपी युवक पैसों का लालच देकर भोले भाले लोगों का बैंक खाता, मोबाइल सिम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड व चेक बुक ले लेते हैं। देश-विदेश में बैठे साइबर अपराधियों को फर्जी सिम कार्ड व बैंक खाते उपलब्ध कराते हैं। खाते में फ्रॉड का पैसा मंगाया जाता है। खातों का एटीएम कार्ड उनके पास होता है। उससे पैसा निकाल कर अपना हिस्सा रख कर बाकी पैसा साइबर ठगों के बताए खातों में जमा कराते हैं। चेक बुक पर फर्जी हस्ताक्षर कर भी खातों से पैसा निकाला जाता है।
आज वे नए खाते उपलब्ध करने के लिए आए थे। उनके साथी करोदा महाजन निवासी राजा व गाजियाबाद निवासी अनुराग कुछ देर पहले मौके से निकल गए थे। उन दोनों का एक भट्ठे के कमरे में इंतजार कर रहे आरोपियों को पकड़ा गया।
बताया गया कि गिरोह का सरगना अक्षय बीबीए, हर्ष बीसीए, भव्यांश बीए, हरेंद्र पॉलिटेक्निक, सचिन इंटर फेल व आर्यन इंटर पास है। सभी परिचित व दोस्त भी हैं।
ऐसे करते हैं काम
आरोपी युवक पैसों का लालच देकर भोले भाले लोगों का बैंक खाता, मोबाइल सिम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड व चेक बुक ले लेते हैं। देश-विदेश में बैठे साइबर अपराधियों को फर्जी सिम कार्ड व बैंक खाते उपलब्ध कराते हैं। खाते में फ्रॉड का पैसा मंगाया जाता है। खातों का एटीएम कार्ड उनके पास होता है। उससे पैसा निकाल कर अपना हिस्सा रख कर बाकी पैसा साइबर ठगों के बताए खातों में जमा कराते हैं। चेक बुक पर फर्जी हस्ताक्षर कर भी खातों से पैसा निकाला जाता है।
आज वे नए खाते उपलब्ध करने के लिए आए थे। उनके साथी करोदा महाजन निवासी राजा व गाजियाबाद निवासी अनुराग कुछ देर पहले मौके से निकल गए थे। उन दोनों का एक भट्ठे के कमरे में इंतजार कर रहे आरोपियों को पकड़ा गया।
ये किए गए गिरफ्तार
- अक्षय, निवासी गांव फुगाना, थाना फुगाना, जनपद मुजफ्फरनगर।
- हर्ष आर्य, निवासी गांव सिकंदरपुर, थाना भोपा, जनपद मुजफ्फरनगर।
- भव्यांश, निवासी बेलड़ा, थाना भोपा, जनपद मुजफ्फरनगर।
- सचिन, निवासी नई बस्ती नंद गांव थाना नंद गांव, जनपद गाजियाबाद।
- हरेंद्र, निवासी गांव तुगलकपुर, थाना खानपुर, जनपद हरिद्वार (उत्तराखंड)
- आर्यन, निवासी गांधीनगर निकट राजवंश पब्लिक स्कूल, थाना नई मंडी, जनपद मुजफ्फरनगर।
- अक्षय, निवासी गांव फुगाना, थाना फुगाना, जनपद मुजफ्फरनगर।
- हर्ष आर्य, निवासी गांव सिकंदरपुर, थाना भोपा, जनपद मुजफ्फरनगर।
- भव्यांश, निवासी बेलड़ा, थाना भोपा, जनपद मुजफ्फरनगर।
- सचिन, निवासी नई बस्ती नंद गांव थाना नंद गांव, जनपद गाजियाबाद।
- हरेंद्र, निवासी गांव तुगलकपुर, थाना खानपुर, जनपद हरिद्वार (उत्तराखंड)
- आर्यन, निवासी गांधीनगर निकट राजवंश पब्लिक स्कूल, थाना नई मंडी, जनपद मुजफ्फरनगर।
ये हुई बरामदगी
ठगी में प्रयुक्त नौ मोबाइल फोन, 12 एटीएम कार्ड, दो पैन कार्ड, एक आधार कार्ड, दो चेक बुक व एक पास बुक, 7 फिनो बैंक की प्री एक्टीवेटेड किट, एक वाई-फाई राउटर मय कनेक्टिंग केबल, एक प्रिंटर व 5610 रुपये नकद।
ठगी में प्रयुक्त नौ मोबाइल फोन, 12 एटीएम कार्ड, दो पैन कार्ड, एक आधार कार्ड, दो चेक बुक व एक पास बुक, 7 फिनो बैंक की प्री एक्टीवेटेड किट, एक वाई-फाई राउटर मय कनेक्टिंग केबल, एक प्रिंटर व 5610 रुपये नकद।