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Pilibhit News: बच्चों-किशोरों के 40 रोगों का इलाज अब होगा एक ही जगह

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 20 Feb 2026 12:29 AM IST
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40 diseases of children and adolescents will now be treated at one place.
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डीएम ने प्राचार्य को मेडिकल कॉलेज परिसर में डीईआईसी के लिए जमीन देने को कहा
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पीलीभीत। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत अब जल्द ही जिला अस्पताल में 1-18 वर्ष तक के बच्चों, किशोर और युवाओं के लिए डीईआईसी (ड्रिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेशन सेंटर) खुलने जा रहा है।

यहां बच्चों को एक ही स्थान पर 40 प्रकार के बीमारियों की जांचें व उपचार की सुविधा भर्ती होने के साथ मिल सकेगी। वहीं, गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग के बाद बच्चों को निशुल्क उपचार के लिए उच्च संस्थान रेफर किया जाएगा।
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शासन ने केंद्र के निर्माण के लिए 200 बेड के नवनिर्मित जिला अस्पताल में वार्ड के लिए 6000 वर्ग मीटर जमीन चिह्नित करने के निर्देश मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को दिए है। जिले में भी बाल रोगियों के गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा में इजाफा होने जा रहा है। राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत जिला अस्पताल में डीईआईसी केंद्र खोला जाएगा। इसमें लगभग 40 प्रकार की बीमारियों की जांचों के साथ उसका उपचार किया जाएगा। लंबे समय तक उपचार के लिए दवाएं आदि भी दी जाएंगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। संवाद
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केंद्र को भर्ती वार्ड का रूप दिया जाएगा

डीईआईसी को भर्ती वार्ड का रूप दिया जाएगा, जिसमें बच्चों की स्थिति के बाद उनको भर्ती करने की भी सुविधा रहेगी। वहीं, ऐसे बच्चे जिनका इलाज उच्च संस्थान में संभव हो, उसके लिए बच्चों को उच्च संस्थान इलाज के लिए निशुल्क रेफर करेगा। पूर्व में पीलीभीत के डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा को शासन के मिले निर्देशों के बाद इसकी स्थापना के लिए जगह एमसीएच विंग, नया जिला अस्पताल में चिह्नित करने के निर्देश दिए।
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इन 40 बीमारियों का हो सकेगा इलाज

डीईआईसी केंद्र के लिए बच्चों में जन्मजात हृदय रोग, कटे होंठ, क्लब फुट, ड्राउन सिंड्रोम, बहरापन, न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट, अस्थमा, किडनी रोग, एनीमिया, कूपोषण, ऑटिज्म, मानसिक मंदता सहित 40 प्रकार के इलाज किए जाएंगे। इन रोगियों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता भी बढ़ाई जाएगी।
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डीईआईसी केंद्र की स्थापना के लिए वार्डों को देखा जा रहा है। जल्द ही प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। - डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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