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Pilibhit News: निकले थे कमाने..हादसे ने छीन लिया बेट़ा
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पीलीभीत। बेहतर भविष्य की आस में कमाई के लिए घर से निकले नेपाल निवासी सूरज ने हादसे में अपना बेटा गवां दिया। खुद भी गंभीर घायल सूरज की आंखों से अपने छोटे बेटे की फिक्र की वजह से आंसू तक नहीं निकल सके। घायल हालत में ही चिकित्सकों के पास जाकर बेटे की जानकारी लेते रहे। कई अन्य नेपाली नागरिक भी हादसे में घायल परिजनों को धैर्य बंधाते नजर आए।
नेपाल में रहने वाले सूरज अपने 11 वर्षीय बेटे शुभान और छह वर्षीय सालिन को साथ लेकर भारत नेपाल मैत्री सेवा बस से दिल्ली जाने के लिए निकले थे। साथ में परिवार की महिला सदस्य भी थी। बस में आसपास जगहों के अन्य लोग भी सवार थे। सभी लोग काम-धंधे के लिए जा रहे थे। होनी को कुछ और ही मंजूर था। छुट्टा पशु के सामने आ जाने से बस और ट्रक की टक्कर में सूरज ने अपना बेटा खो दिया। छोटा बेटा सालिन और वह खुद भी घायल हो गए। इसके बावजूद सुबह नौ बजे वह चिकित्सकों से शुभान के शव के बारे में जानकारी कर रहे थे। साथ ही सालिन के इलाज की फिक्र भी थी। पूछने पर सूरज के रुंधे गले से कोई शब्द नहीं निकले। बस सालिन की ओर इशारा कर चुप हो गए।
सोने लगे थे यात्री, हादसे के बाद मची चीख-पुकार
जिला अस्पताल में मौजूद यात्री फ्यूठान जिले के गांव बंगेफेदी निवासी प्रदीप ने बताया कि बस में करीब 45 सवारियां थीं। अधिकांश यात्री सो रहे थे। हादसा हुआ तो चीख-पुकार मच गई। जैसे-तैसे बस के बाहर आए। पुलिस की मदद से घायलों को अस्पताल भेजा गया। उन्होंने बताया कि यात्री अलग-अलग स्थानों के हैं। संवाद
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नेपाल में रहने वाले सूरज अपने 11 वर्षीय बेटे शुभान और छह वर्षीय सालिन को साथ लेकर भारत नेपाल मैत्री सेवा बस से दिल्ली जाने के लिए निकले थे। साथ में परिवार की महिला सदस्य भी थी। बस में आसपास जगहों के अन्य लोग भी सवार थे। सभी लोग काम-धंधे के लिए जा रहे थे। होनी को कुछ और ही मंजूर था। छुट्टा पशु के सामने आ जाने से बस और ट्रक की टक्कर में सूरज ने अपना बेटा खो दिया। छोटा बेटा सालिन और वह खुद भी घायल हो गए। इसके बावजूद सुबह नौ बजे वह चिकित्सकों से शुभान के शव के बारे में जानकारी कर रहे थे। साथ ही सालिन के इलाज की फिक्र भी थी। पूछने पर सूरज के रुंधे गले से कोई शब्द नहीं निकले। बस सालिन की ओर इशारा कर चुप हो गए।
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सोने लगे थे यात्री, हादसे के बाद मची चीख-पुकार
जिला अस्पताल में मौजूद यात्री फ्यूठान जिले के गांव बंगेफेदी निवासी प्रदीप ने बताया कि बस में करीब 45 सवारियां थीं। अधिकांश यात्री सो रहे थे। हादसा हुआ तो चीख-पुकार मच गई। जैसे-तैसे बस के बाहर आए। पुलिस की मदद से घायलों को अस्पताल भेजा गया। उन्होंने बताया कि यात्री अलग-अलग स्थानों के हैं। संवाद