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Pilibhit News: हृदय रोग विशेषज्ञ के इस्तीफे के बाद मरीजों का इलाज प्रभावित
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जिला अस्पताल में बंद पड़ी इको मशीन। संवाद
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पीलीभीत। जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ के इस्तीफे के बाद हृदय रोगियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक के चलते केवल हृदय संबंधी मरीजों के परामर्श में दिक्कतें आ रही हैं, बल्कि इको (ईकोकार्डियोग्राफी) जांच भी पूरी तरह ठप पड़ गई है। इको मशीन होने के बावजूद अब मरीजों को इको जांच कराने के लिए भी बाहर जाना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में पहले हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. जीके अनेजा की देखरेख में मरीजों की जांच और उपचार के साथ इको जांच की सुविधा भी उपलब्ध थी। रोजाना लगभग 50 हृदय मरीज के परामर्श के साथ वह 10 से 15 मरीजों की जांच भी किए करते थे। मामूली समस्या पर दवाएं भी उपलब्ध होते थे, लेकिन बीते दो दिन पहले हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरीश कुमार अनेजा ने मेडिकल कॉलेज से इस्तीफा दे दिया।
पिछले दो दिन से जिला अस्पताल पहुंचने वाले हृदय रोग के मरीजों को मामूली मेडिसिन चिकित्सक परामर्श देकर लौटा दे रहे हैं, जबकि एक कक्ष में इको मशीन भी बंद पड़ी हुई है। ऐसे में सीने में दर्द, धड़कन की अनियमितता, सांस फूलने और अन्य हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को चिकित्सक निजी केंद्र पर से भी जांच की सलाह दे रहे हैं। इसमें सबसे बड़ी परेशानी आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को हो रही है, जो सरकारी अस्पताल की सुविधाओं पर निर्भर रहते हैं।
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जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि मेडिसिन विभाग में संबंधित विशेषज्ञ खाली हुआ है। इसलिए प्रस्ताव पद खाली हुआ है। जल्द ही इस पद पर नियुक्ति निकाली जाएगी। संवाद
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जिला अस्पताल में पहले हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. जीके अनेजा की देखरेख में मरीजों की जांच और उपचार के साथ इको जांच की सुविधा भी उपलब्ध थी। रोजाना लगभग 50 हृदय मरीज के परामर्श के साथ वह 10 से 15 मरीजों की जांच भी किए करते थे। मामूली समस्या पर दवाएं भी उपलब्ध होते थे, लेकिन बीते दो दिन पहले हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरीश कुमार अनेजा ने मेडिकल कॉलेज से इस्तीफा दे दिया।
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पिछले दो दिन से जिला अस्पताल पहुंचने वाले हृदय रोग के मरीजों को मामूली मेडिसिन चिकित्सक परामर्श देकर लौटा दे रहे हैं, जबकि एक कक्ष में इको मशीन भी बंद पड़ी हुई है। ऐसे में सीने में दर्द, धड़कन की अनियमितता, सांस फूलने और अन्य हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को चिकित्सक निजी केंद्र पर से भी जांच की सलाह दे रहे हैं। इसमें सबसे बड़ी परेशानी आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को हो रही है, जो सरकारी अस्पताल की सुविधाओं पर निर्भर रहते हैं।
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जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि मेडिसिन विभाग में संबंधित विशेषज्ञ खाली हुआ है। इसलिए प्रस्ताव पद खाली हुआ है। जल्द ही इस पद पर नियुक्ति निकाली जाएगी। संवाद