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Pilibhit News: संकष्टी चतुर्थी के अवसर पर महिलाओं ने किया पूजन
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 07 Jan 2026 12:16 AM IST
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पूरनपुर क्षेत्र के गांव अमरैया कलां में सकट चतुर्थी पर पूजा करती महिलाएं- ग्रामीण
- फोटो : 1
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पीलीभीत। संकष्टी (सकट) चतुर्थी का पर्व शहर सहित पूरे जिले में परंपरागत ढंग से मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने अपने घरों पर तिल, गुड़, चावल, बाजरा आदि के उपयोग से कई प्रकार के पकवान तैयार करके भगवान गणेश जी को अर्पित किए। साथ ही पुत्रों की दीर्घायु और परिवार में सुख-शांति के लिए प्रार्थना की।
पूरनपुर। संतान सुख, विघ्न के विनाश और खुशहाली के लिए मंगलवार को सकट चतुर्थी पर्व श्रद्धा के साथ मनाया। महिलाओं ने बेटों की सलामती के लिए निर्जला व्रत रखकर तिल, गुड़ से पूजा- अर्चना की। पर्व को लेकर बाजार में तिल और गुड़ के खरीदारों की भीड़ रही। अधिकतर घरों में शाम को भगवान गणेश की चौकी बनाकर फल, फूल, दूब, गुड़, तिल, लड्डू, तिलकुट अर्पित कर पूजा की। सकट चतुर्थी की कथा का पाठ किया। भगवान को भोग के बाद चंद्रमा के दर्शन कर जल, दूध, अक्षत, तिल आदि अर्पित कर महिलाओं ने व्रत का पारायण किया। कुछ घरों में दिन में ही पूजा, अर्चना की गई। पर्व को लेकर मान्यता है कि इस दिन माता पार्वती ने संतान की रक्षा और कल्याण के लिए व्रत किया था।
गांव अमरैयाकलां में एकत्र हुईं महिलाओं ने सामूहिक पूजा की। प्रेमादेवी ने सकट पर्व की कथा पढ़कर सुनाई। महिलाओं ने तिल, चावल के लड्डू चढ़ाए। घरों में पकवान बनाए। सामूहिक पूजा में कंचन देवी कुशवाहा, सुधा, संतरा देवी, गीता देवी, दिव्या, राजकुमारी, अंशिका, राजेश्वरी देवी, सुमन देवी, मीना देवी, सुधा देवी, बबिता, नंदरानी, ओमवती, रामवती, गुड्डी देवी, सरोजा देवी, मुल्लो देवी, लालमती, धर्मवती, प्रीती आदि शामिल रहीं। इसके अलावा अन्य गांवों में भी सकट चतुर्थी परंपरागत ढंग से मनाई।
बीसलपुर। मंगलवार की शाम नगर समेत पूरे तहसील क्षेत्र में महिलाओं ने सकट चतुर्थी का पर्व मनाया। इस मौके पर महिलाओं ने तिल और गुड़ से प्रतीकात्मक रूप से निर्मित बकरे का विधि विधान से पूजन कर बलि दी। बच्चों में इस पर्व को लेकर काफी उत्साह देखा गया। दियोरिया, चुर्रा सकतपुर, मानपुर, ईंट, मधवापुर, मकरंदापुर, अमृता खास, बौनी, खरगापुर, खनंका, बमरौली और भीकमपुर में भी यह पर्व धूमधाम से मनाया गया।
घुंघचाई। ग्रामीण क्षेत्रों में सकट चतुर्थी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर पुत्र की लंबी आयु की कामना की। घुंघचाई के अलावा गांव दिलावरपुर, कसगंजा, नरायनपुर, लुकटिहाई, केशोपुर, जनकापुर, गुलडिया भूपसिंह आदि में महिलाओं ने पर्व मनाया। गुड़ और तिल से देवी- देवताओं की पूजा-अर्चना की।
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गांव अमरैयाकलां में एकत्र हुईं महिलाओं ने सामूहिक पूजा की। प्रेमादेवी ने सकट पर्व की कथा पढ़कर सुनाई। महिलाओं ने तिल, चावल के लड्डू चढ़ाए। घरों में पकवान बनाए। सामूहिक पूजा में कंचन देवी कुशवाहा, सुधा, संतरा देवी, गीता देवी, दिव्या, राजकुमारी, अंशिका, राजेश्वरी देवी, सुमन देवी, मीना देवी, सुधा देवी, बबिता, नंदरानी, ओमवती, रामवती, गुड्डी देवी, सरोजा देवी, मुल्लो देवी, लालमती, धर्मवती, प्रीती आदि शामिल रहीं। इसके अलावा अन्य गांवों में भी सकट चतुर्थी परंपरागत ढंग से मनाई।
बीसलपुर। मंगलवार की शाम नगर समेत पूरे तहसील क्षेत्र में महिलाओं ने सकट चतुर्थी का पर्व मनाया। इस मौके पर महिलाओं ने तिल और गुड़ से प्रतीकात्मक रूप से निर्मित बकरे का विधि विधान से पूजन कर बलि दी। बच्चों में इस पर्व को लेकर काफी उत्साह देखा गया। दियोरिया, चुर्रा सकतपुर, मानपुर, ईंट, मधवापुर, मकरंदापुर, अमृता खास, बौनी, खरगापुर, खनंका, बमरौली और भीकमपुर में भी यह पर्व धूमधाम से मनाया गया।
घुंघचाई। ग्रामीण क्षेत्रों में सकट चतुर्थी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर पुत्र की लंबी आयु की कामना की। घुंघचाई के अलावा गांव दिलावरपुर, कसगंजा, नरायनपुर, लुकटिहाई, केशोपुर, जनकापुर, गुलडिया भूपसिंह आदि में महिलाओं ने पर्व मनाया। गुड़ और तिल से देवी- देवताओं की पूजा-अर्चना की।