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Pilibhit News: वित्तीय अनियमितताओं में प्रधान के अधिकार सीज, वसूली के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 24 Jan 2026 11:52 PM IST
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पीलीभीत। वित्तीय अनियमितताओं में डीएम ने प्रधान के अधिकार को सीज करते हुए दुरुपयोग हुई रकम के वसूली के निर्देश दिए हैं। ग्राम प्रधान पर इससे पूर्व में भी लगे आरोपों पर वसूली कराई जा चुकी है। वहीं सचिव पर विभागीय कार्रवाई की निर्देश दिए गए हैं।
बीसलपुर के गांव चुरासकतपुर निवासी झनकार सिंह ने राजकुमार, नन्कू, बुलाकीराम और धनपाल सिंह के साथ मिलकर शपथपत्र के माध्यम से डीएम ज्ञानेंद्र सिंह से शिकायत की। आरोप लगाया कि गांव में विकास कार्यों और हैंडपंप रिबोर के नाम पर भारी धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। इसपर डीएम के निर्देश पर जांच टीम गठित की गई।
जांच में पाया गया कि गांव के रामेश्वर वाल्मीक और त्रिवेनी के घर के पास हैंडपंप रिबोर का कोई कार्य कराया ही नहीं गया था, लेकिन रिकॉर्ड में इसे पूर्ण दिखाकर 70 हजार आठ सौ रुपये की धनराशि फर्जी तरीके से निकाल ली गई।
इसके अलावा वीरपाल के घर के पास स्थित हैंडपंप को बिना किसी प्रशासनिक स्वीकृति या ग्राम पंचायत की सर्वसम्मति के अपनी मर्जी से दूसरी जगह स्थापित कर दिया गया। जब जांच टीम ने हरीश मिश्रा के घर के पास हुए कार्यों के अभिलेख मांगे, तो वे भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इससे पूर्व भी करीब एक लाख 91 हजार के वित्तीय दुरुपयोग के मामले में रिकवरी की कार्रवाई की जा चुकी थी।
डीएम ज्ञानेंद सिंह ने ग्राम प्रधान शबाना को दोषी मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है और ग्राम प्रधान का पद रिक्त घोषित कर दिया है। साथ ही गबन की गई 70 हजार आठ सौ रुपये की आधी-आधी धनराशि ग्राम प्रधान और तत्कालीन सचिव भगवत सरन से सात दिन के भीतर वसूल करने के निर्देश दिए है। वहीं सचिव भगवत सरन के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने और वर्तमान सचिव नूरुद्दीन को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का आदेश जारी किया गया है।
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बीसलपुर के गांव चुरासकतपुर निवासी झनकार सिंह ने राजकुमार, नन्कू, बुलाकीराम और धनपाल सिंह के साथ मिलकर शपथपत्र के माध्यम से डीएम ज्ञानेंद्र सिंह से शिकायत की। आरोप लगाया कि गांव में विकास कार्यों और हैंडपंप रिबोर के नाम पर भारी धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। इसपर डीएम के निर्देश पर जांच टीम गठित की गई।
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जांच में पाया गया कि गांव के रामेश्वर वाल्मीक और त्रिवेनी के घर के पास हैंडपंप रिबोर का कोई कार्य कराया ही नहीं गया था, लेकिन रिकॉर्ड में इसे पूर्ण दिखाकर 70 हजार आठ सौ रुपये की धनराशि फर्जी तरीके से निकाल ली गई।
इसके अलावा वीरपाल के घर के पास स्थित हैंडपंप को बिना किसी प्रशासनिक स्वीकृति या ग्राम पंचायत की सर्वसम्मति के अपनी मर्जी से दूसरी जगह स्थापित कर दिया गया। जब जांच टीम ने हरीश मिश्रा के घर के पास हुए कार्यों के अभिलेख मांगे, तो वे भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इससे पूर्व भी करीब एक लाख 91 हजार के वित्तीय दुरुपयोग के मामले में रिकवरी की कार्रवाई की जा चुकी थी।
डीएम ज्ञानेंद सिंह ने ग्राम प्रधान शबाना को दोषी मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है और ग्राम प्रधान का पद रिक्त घोषित कर दिया है। साथ ही गबन की गई 70 हजार आठ सौ रुपये की आधी-आधी धनराशि ग्राम प्रधान और तत्कालीन सचिव भगवत सरन से सात दिन के भीतर वसूल करने के निर्देश दिए है। वहीं सचिव भगवत सरन के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने और वर्तमान सचिव नूरुद्दीन को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का आदेश जारी किया गया है।
