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Pilibhit News: 10 ग्रामीण मार्गों पर दौड़ेंगी रोडवेज बसें, पांच लाख आबादी को मिलेगा लाभ
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शहर के बरेली मार्ग पर टेंपों पर लटक कर जाते यात्री। संवाद
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पीलीभीत। लंबे समय से परिवहन सेवाओं की कमी से जूझ रहे जिले के 10 ग्रामीण मार्गों पर जल्द ही रोडवेज बसें दौड़ेंगी। इनके संचालन के रूपरेखा तय हो चुकी है। इन मार्गों पर बस चलने से करीब पांच लाख की आबादी को आवागमन में बेहतर सुविधा मिलेगी। इससे डग्गामार वाहनों की मनमानी थमेगी। डिपो के अधिकारी-कर्मचारी जिले के अन्य ग्रामीण मार्गों का सर्वे भी कर रहे हैं।
पीलीभीत डिपो से 103 बसों का संचालन किया जा रहा है। इसमें सबसे अधिक बसों का संचालन दिल्ली मार्ग पर किया जा रहा है। इसके अलावा कानपुर, लखनऊ, आगरा, रुद्रपुर, हल्द्वानी सहित अन्य स्थानों के लिए भी पीलीभीत से बसें संचालित की जा रही हैं। लंबी दूरी मार्गाें पर अधिक बसों के संचालन का असर स्थानीय मार्गों की परिवहन सुविधाओं पर भी पड़ रहा है। इस वजह से इन मार्गों पर डग्गामार वाहन हावी हैं। यात्री मजबूरी में डग्गामार वाहनों से जोखिम के बीच सफर करने को मजबूर हैं।
शाम के समय वाहनों की समस्या होने पर यात्री ट्रक, डीसीएम व अन्य मालवाहक वाहनों का सहारा लेकर सफर करते हैं। अब शासन स्तर से आदेश जारी किया गया कि पंचायत स्तर तक बसों का संचालन किया जाए। इससे ग्राम पंचायत स्तर के लोगों का जिला मुख्यालय से सीधा जुड़ाव हो सके। आदेश के बाद अफसरों की ओर से कवायद की गई।
जिले के 10 वाहन चालकों ने ग्राम पंचायत स्तर पर वाहनों को संचालन को लेकर आवेदन किया गया। आवेदन के बाद इन वाहन संचालकों को विभाग की ओर से अनुमति दे दी गई। अब यह वाहन संचालक जिले के ग्राम पंचायत स्तर पर वाहनों का संचालन करेंगे। इससे जिले की करीब पांच लाख की आबादी को इस योजना का लाभ मिल सकेगा।
कई मार्ग अब भी योजना से रह गए वंचित
जिले के अफसरों की ओर से शासन से आदेश के बाद इसको लेकर कवायद की गई। इसमें लोगों ने आवेदन किए। इसके बाद भी जिले के कई प्रमुख मार्ग इस योजना से वंचित रह गए है। इसमें बीसलपुर तहसील क्षेत्र का फरीदपुर मार्ग, दियोरिया मार्ग, बंडा मार्ग सहित अन्य मार्ग शामिल हैं। वहीं, अफसरों का दावा है कि जिले के अन्य मार्गों पर अभी सर्वे कराया जा रहा है।
रात्रि सेवा पर नहीं दिया गया ध्यान
शासन स्तर से निर्देश मिलने पर अफसर विभागीय खानापूरी तो कर लेते हैं, लेकिन यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जाता है। बीसलपुर मार्ग पर छह बजे के बाद परिवहन सेवाएं पूरी तरह से ठप हैं। इसके बाद भी इस मार्ग पर छह बजे के बाद किसी बस का संचालन नहीं किया गया है। मार्ग पर संचालित डग्गामार वाहन ऐसे में इसका फायदा उठाते हैं। घंटों चौराहे पर खड़े होने के बाद यात्रियों को उनके गंतव्य को पहुंचाते है। संवाद
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प्रचार-प्रसार के अभाव में बस संचालन हो रहा ठप
शासन से आने वाले आदेश का विभागीय स्तर से पालन कर कागजी कार्रवाई ही पूरी की जाती है, मगर बसों के संचालन को लेकर प्रचार प्रसार न होने से इसका लोगों को लाभ नहीं मिल पाता है। बस संचालन किस समय, किस मार्ग पर होना है। इसको लेकर चौराहे पर किसी तरह की जानकारी नहीं मिलती है। ऐसे में इन बसों पर यात्रियों को सवारियां भी नहीं मिल पाती हैं।
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इन 10 मार्गों पर होगा बसों का संचालन
1 - ललौरीखेडा-पौटा कलां-बड़ेपुरा।
2 - पीलीभीत-गजरौला-दौलतपुर-बरखेड़ा-बरखन-नवाबगंज।
3 - पीलीभीत-अमरिया-हर्रापुर-गुलड़िया भैसा।
4 - पीलीभीत-बरखेड़ा-गजरौला-पूरनपुर।
5 - पूरनपुर-माधोटांडा-कलीनगर-पीलीभीत।
6 - पीलीभीत-ललौरीखेड़ा-शाही-जहानाबाद-कुंडरा-कोठी-रिछा स्टेशन।
7 - बीसलपुर-भडरिया मोड़-रिझोला-रसियाखानपुर।
8 - पीलीभीत-बरखेड़ा-गाजीपुर-बरखन-नवाबगंज।
9 - पीलीभीत-अमरिया-मिलक-पीलीभीत-कलीनगर-माधोटांडा-पूरनपुर-शेरगढ़।
10 - बीसलपुर-बिलसंडा-बमरौली-बीसलपुर-बिलसंडा-वीरसिंहपुर।
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शासन से आए आदेश के बाद ग्राम पंचायत स्तर पर बस संचालन को लेकर आवेदन मांगे गए थे। दस लोगों के आवेदन पहुंचे है। आवेदन के बाद इन बसों संचालकों को मार्गाें का निर्धारण कर दिया गया है। जल्द ही इन बसों का संचालन करा दिया जाएगा। इसके साथ ही अन्य मार्गों पर सर्वे किया जा रहा है।- विपुल पाराशर, एआरएम
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पीलीभीत डिपो से 103 बसों का संचालन किया जा रहा है। इसमें सबसे अधिक बसों का संचालन दिल्ली मार्ग पर किया जा रहा है। इसके अलावा कानपुर, लखनऊ, आगरा, रुद्रपुर, हल्द्वानी सहित अन्य स्थानों के लिए भी पीलीभीत से बसें संचालित की जा रही हैं। लंबी दूरी मार्गाें पर अधिक बसों के संचालन का असर स्थानीय मार्गों की परिवहन सुविधाओं पर भी पड़ रहा है। इस वजह से इन मार्गों पर डग्गामार वाहन हावी हैं। यात्री मजबूरी में डग्गामार वाहनों से जोखिम के बीच सफर करने को मजबूर हैं।
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शाम के समय वाहनों की समस्या होने पर यात्री ट्रक, डीसीएम व अन्य मालवाहक वाहनों का सहारा लेकर सफर करते हैं। अब शासन स्तर से आदेश जारी किया गया कि पंचायत स्तर तक बसों का संचालन किया जाए। इससे ग्राम पंचायत स्तर के लोगों का जिला मुख्यालय से सीधा जुड़ाव हो सके। आदेश के बाद अफसरों की ओर से कवायद की गई।
जिले के 10 वाहन चालकों ने ग्राम पंचायत स्तर पर वाहनों को संचालन को लेकर आवेदन किया गया। आवेदन के बाद इन वाहन संचालकों को विभाग की ओर से अनुमति दे दी गई। अब यह वाहन संचालक जिले के ग्राम पंचायत स्तर पर वाहनों का संचालन करेंगे। इससे जिले की करीब पांच लाख की आबादी को इस योजना का लाभ मिल सकेगा।
कई मार्ग अब भी योजना से रह गए वंचित
जिले के अफसरों की ओर से शासन से आदेश के बाद इसको लेकर कवायद की गई। इसमें लोगों ने आवेदन किए। इसके बाद भी जिले के कई प्रमुख मार्ग इस योजना से वंचित रह गए है। इसमें बीसलपुर तहसील क्षेत्र का फरीदपुर मार्ग, दियोरिया मार्ग, बंडा मार्ग सहित अन्य मार्ग शामिल हैं। वहीं, अफसरों का दावा है कि जिले के अन्य मार्गों पर अभी सर्वे कराया जा रहा है।
रात्रि सेवा पर नहीं दिया गया ध्यान
शासन स्तर से निर्देश मिलने पर अफसर विभागीय खानापूरी तो कर लेते हैं, लेकिन यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जाता है। बीसलपुर मार्ग पर छह बजे के बाद परिवहन सेवाएं पूरी तरह से ठप हैं। इसके बाद भी इस मार्ग पर छह बजे के बाद किसी बस का संचालन नहीं किया गया है। मार्ग पर संचालित डग्गामार वाहन ऐसे में इसका फायदा उठाते हैं। घंटों चौराहे पर खड़े होने के बाद यात्रियों को उनके गंतव्य को पहुंचाते है। संवाद
प्रचार-प्रसार के अभाव में बस संचालन हो रहा ठप
शासन से आने वाले आदेश का विभागीय स्तर से पालन कर कागजी कार्रवाई ही पूरी की जाती है, मगर बसों के संचालन को लेकर प्रचार प्रसार न होने से इसका लोगों को लाभ नहीं मिल पाता है। बस संचालन किस समय, किस मार्ग पर होना है। इसको लेकर चौराहे पर किसी तरह की जानकारी नहीं मिलती है। ऐसे में इन बसों पर यात्रियों को सवारियां भी नहीं मिल पाती हैं।
इन 10 मार्गों पर होगा बसों का संचालन
1 - ललौरीखेडा-पौटा कलां-बड़ेपुरा।
2 - पीलीभीत-गजरौला-दौलतपुर-बरखेड़ा-बरखन-नवाबगंज।
3 - पीलीभीत-अमरिया-हर्रापुर-गुलड़िया भैसा।
4 - पीलीभीत-बरखेड़ा-गजरौला-पूरनपुर।
5 - पूरनपुर-माधोटांडा-कलीनगर-पीलीभीत।
6 - पीलीभीत-ललौरीखेड़ा-शाही-जहानाबाद-कुंडरा-कोठी-रिछा स्टेशन।
7 - बीसलपुर-भडरिया मोड़-रिझोला-रसियाखानपुर।
8 - पीलीभीत-बरखेड़ा-गाजीपुर-बरखन-नवाबगंज।
9 - पीलीभीत-अमरिया-मिलक-पीलीभीत-कलीनगर-माधोटांडा-पूरनपुर-शेरगढ़।
10 - बीसलपुर-बिलसंडा-बमरौली-बीसलपुर-बिलसंडा-वीरसिंहपुर।
शासन से आए आदेश के बाद ग्राम पंचायत स्तर पर बस संचालन को लेकर आवेदन मांगे गए थे। दस लोगों के आवेदन पहुंचे है। आवेदन के बाद इन बसों संचालकों को मार्गाें का निर्धारण कर दिया गया है। जल्द ही इन बसों का संचालन करा दिया जाएगा। इसके साथ ही अन्य मार्गों पर सर्वे किया जा रहा है।- विपुल पाराशर, एआरएम

शहर के बरेली मार्ग पर टेंपों पर लटक कर जाते यात्री। संवाद