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Pilibhit News: उत्पीड़न का आरोप लगाकर विद्यार्थियों ने हाईवे पर किया हंगामा
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बीसलपुर के नवोदय विद्यालय के इसी छात्रावास में छात्रों ने स्वयं को कर लिया था बंदसंवाद
- फोटो : 1
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बीसलपुर। जवाहर नवोदय विद्यालय में तीन कक्षाओं के विद्यार्थियों ने शुक्रवार को उत्पीड़न का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। तमाम विद्यार्थी विद्यालय परिसर से निकलकर शाहजहांपुर-पीलीभीत हाईवे पर पहुंचकर हंगामा किया। इसकी सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पहुंचकर स्थिति संभाली। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को काफी समझाया, तब वे विद्यालय में वापस लौटे। सुरक्षा के लिहाज से विद्यालय गेट पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
विद्यालय की प्राचार्य प्रतिभा चौधरी के अनुसार, कक्षा 12 के कुछ विद्यार्थियों के कक्षा में समय पर न आने की लगातार शिकायत मिल रही थीं। यह भी शिकायत मिल रही थी कि कुछ छात्र अवैध रूप से मोबाइल फोन रखते हैं। इन्हीं शिकायतों को लेकर शुक्रवार को सुबह करीब 11 बजे कक्षा 12 के सभी विद्यार्थियों की अनुशासन समिति की बैठक बुलाई गई। बैठक में छात्रों को कक्षाओं में समय पर पहुंचने और मोबाइल फोन न रखने के निर्देश दिए गए। इसी बीच अनुशासन समिति के कुछ शिक्षकों ने कक्षा 12 के छात्रावास में जाकर 14 मोबाइल फोन बरामद किए। सभी मोबाइल अनुशासन समिति की बैठक में उन्हें सौंपे गए।
प्राचार्य का कहना है कि जब उन मोबाइल फोन के बारे में छात्रों से पूछा तो कोई जवाब नहीं दिया। उसके बाद छात्रों से कक्षा में जाने को कहा, लेकिन वह कक्षा में न जाकर छात्रावास के उदयगिरि वरिष्ठ हाउस में पहुंच गए। छात्रों ने छात्रावास भीतर से बंद कर लिया और उसके बाद बैठक करने लगे। कुछ ही देर में प्राचार्य और स्टाफ के सभी लोग उदयगिरि हाउस के बाहर पहुंचे, उन्होंने छात्रों से हाउस का दरवाजा खोलने को कहा। छात्रों ने दरवाजा खोलने से साफ मना कर दिया। उसके बाद शिक्षकों ने दरवाजा तोड़ दिया और छात्रों को बाहर निकाला। उसके बाद छात्र कक्षा में न जाकर पैदल ही शाहजहांपुर-पीलीभीत हाईवे के रोहनिया चौराहे पर पहुंच गए।
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छात्रों ने विद्यालय परिसर और चौराहे पर विद्यालय प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की। उसके बाद शिक्षकों ने रोहनिया चौराहे पर जाकर छात्रों को समझाया और विद्यालय ले आए। इसी बीच सूचना मिलने पर एसडीएम नागेंद्र पांडेय, सीओ राहुल पांडेय, तहसीलदार हबीबउर रहमान अंसारी और कोतवाल संजीव शुक्ला फोर्स लेकर विद्यालय पहुंच गए। इन अधिकारियों की मौजूदगी में भी छात्रों ने विद्यालय प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की। शाम को इन अधिकारियों ने विद्यालय के भोजनालय में छात्रों की बैठक लेकर उन्हें समझाया। संवाद
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छात्रों ने लगाया शिक्षकों पर पीटने का आरोप
हंगामा करने में शामिल अनेक छात्रों ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि कुछ शिक्षकों ने उन लोगों से गाली-गलौज कर पिटाई भी की है। हालांकि प्राचार्य ने छात्रों के इस आरोप को बेबुनियाद बताया।
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एसडीएम को दिया मांग पत्र, रखी मांग
छात्रों ने एसडीएम को एक मांगपत्र दिया। इसमें कहा गया कि कक्षा 12 के छात्र शिक्षण के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। विद्यालय प्रशासन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए छात्रों को मोबाइल फोन और लैपटॉप नहीं दे रहे हैं। छात्रों को विद्यालय की ओर से लैपटॉप और मोबाइल फोन दिलवाए जाए। साथ ही वाई फाई की सुविधा देने की मांग की। करीब एक घंटे तक समझाने के बाद छात्र शांत हो गए।
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विद्यालय इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा हंगामा
प्राचार्य प्रतिभा चौधरी ने बताया कि विद्यालय इतिहास में ऐसा हंगामा पहली बार हुआ है ,जिसका उन्हें और स्टाफ के सभी लोगो को काफी अफसोस है। उन्होंने इस बारे में डीएम ज्ञानेंद्र सिंह और विभाग के उच्चाधिकारियों को फोन पर पूरे मामले की जानकारी दी है।
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सूचना मिलते ही आ गए तमाम अभिभावक
विद्यालय के शिक्षकों ने हंगामा करने वाले छात्रों के अभिभावकों को फोन पर सूचना दी। सूचना मिलते ही काफी संख्या में अभिभावक विद्यालय पहुंच गए। बाद में मामला शांत होने पर अभिभावक लौट गए।
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हंगामा करने में शामिल हो गए थे कक्षा 11 और 10वीं के भी छात्र
कक्षा 12 के विद्यार्थियों के हंगामा करने पर कक्षा 10 और 11 के भी छात्र शामिल हो गए थे। बमुश्किल इन सभी विद्यार्थियों को समझाकर शांत किया गया। इस दौरान विद्यालय में अफरा तफरी का माहौल रहा। पूरे दिन विद्यालय में शिक्षण भी नहीं हो पाया।
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हंगामा करने वाले विद्यार्थियों को समझाकर शांत कर दिया गया। विद्यार्थियों की ओर से जो मांगपत्र दिया गया है, उस पर विचार किया जाएगा।
- नागेंद्र पांडेय, एसडीएम, बीसलपुर
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विद्यालय की प्राचार्य प्रतिभा चौधरी के अनुसार, कक्षा 12 के कुछ विद्यार्थियों के कक्षा में समय पर न आने की लगातार शिकायत मिल रही थीं। यह भी शिकायत मिल रही थी कि कुछ छात्र अवैध रूप से मोबाइल फोन रखते हैं। इन्हीं शिकायतों को लेकर शुक्रवार को सुबह करीब 11 बजे कक्षा 12 के सभी विद्यार्थियों की अनुशासन समिति की बैठक बुलाई गई। बैठक में छात्रों को कक्षाओं में समय पर पहुंचने और मोबाइल फोन न रखने के निर्देश दिए गए। इसी बीच अनुशासन समिति के कुछ शिक्षकों ने कक्षा 12 के छात्रावास में जाकर 14 मोबाइल फोन बरामद किए। सभी मोबाइल अनुशासन समिति की बैठक में उन्हें सौंपे गए।
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प्राचार्य का कहना है कि जब उन मोबाइल फोन के बारे में छात्रों से पूछा तो कोई जवाब नहीं दिया। उसके बाद छात्रों से कक्षा में जाने को कहा, लेकिन वह कक्षा में न जाकर छात्रावास के उदयगिरि वरिष्ठ हाउस में पहुंच गए। छात्रों ने छात्रावास भीतर से बंद कर लिया और उसके बाद बैठक करने लगे। कुछ ही देर में प्राचार्य और स्टाफ के सभी लोग उदयगिरि हाउस के बाहर पहुंचे, उन्होंने छात्रों से हाउस का दरवाजा खोलने को कहा। छात्रों ने दरवाजा खोलने से साफ मना कर दिया। उसके बाद शिक्षकों ने दरवाजा तोड़ दिया और छात्रों को बाहर निकाला। उसके बाद छात्र कक्षा में न जाकर पैदल ही शाहजहांपुर-पीलीभीत हाईवे के रोहनिया चौराहे पर पहुंच गए।
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छात्रों ने विद्यालय परिसर और चौराहे पर विद्यालय प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की। उसके बाद शिक्षकों ने रोहनिया चौराहे पर जाकर छात्रों को समझाया और विद्यालय ले आए। इसी बीच सूचना मिलने पर एसडीएम नागेंद्र पांडेय, सीओ राहुल पांडेय, तहसीलदार हबीबउर रहमान अंसारी और कोतवाल संजीव शुक्ला फोर्स लेकर विद्यालय पहुंच गए। इन अधिकारियों की मौजूदगी में भी छात्रों ने विद्यालय प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की। शाम को इन अधिकारियों ने विद्यालय के भोजनालय में छात्रों की बैठक लेकर उन्हें समझाया। संवाद
छात्रों ने लगाया शिक्षकों पर पीटने का आरोप
हंगामा करने में शामिल अनेक छात्रों ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि कुछ शिक्षकों ने उन लोगों से गाली-गलौज कर पिटाई भी की है। हालांकि प्राचार्य ने छात्रों के इस आरोप को बेबुनियाद बताया।
एसडीएम को दिया मांग पत्र, रखी मांग
छात्रों ने एसडीएम को एक मांगपत्र दिया। इसमें कहा गया कि कक्षा 12 के छात्र शिक्षण के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। विद्यालय प्रशासन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए छात्रों को मोबाइल फोन और लैपटॉप नहीं दे रहे हैं। छात्रों को विद्यालय की ओर से लैपटॉप और मोबाइल फोन दिलवाए जाए। साथ ही वाई फाई की सुविधा देने की मांग की। करीब एक घंटे तक समझाने के बाद छात्र शांत हो गए।
विद्यालय इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा हंगामा
प्राचार्य प्रतिभा चौधरी ने बताया कि विद्यालय इतिहास में ऐसा हंगामा पहली बार हुआ है ,जिसका उन्हें और स्टाफ के सभी लोगो को काफी अफसोस है। उन्होंने इस बारे में डीएम ज्ञानेंद्र सिंह और विभाग के उच्चाधिकारियों को फोन पर पूरे मामले की जानकारी दी है।
सूचना मिलते ही आ गए तमाम अभिभावक
विद्यालय के शिक्षकों ने हंगामा करने वाले छात्रों के अभिभावकों को फोन पर सूचना दी। सूचना मिलते ही काफी संख्या में अभिभावक विद्यालय पहुंच गए। बाद में मामला शांत होने पर अभिभावक लौट गए।
हंगामा करने में शामिल हो गए थे कक्षा 11 और 10वीं के भी छात्र
कक्षा 12 के विद्यार्थियों के हंगामा करने पर कक्षा 10 और 11 के भी छात्र शामिल हो गए थे। बमुश्किल इन सभी विद्यार्थियों को समझाकर शांत किया गया। इस दौरान विद्यालय में अफरा तफरी का माहौल रहा। पूरे दिन विद्यालय में शिक्षण भी नहीं हो पाया।
हंगामा करने वाले विद्यार्थियों को समझाकर शांत कर दिया गया। विद्यार्थियों की ओर से जो मांगपत्र दिया गया है, उस पर विचार किया जाएगा।
- नागेंद्र पांडेय, एसडीएम, बीसलपुर

बीसलपुर के नवोदय विद्यालय के इसी छात्रावास में छात्रों ने स्वयं को कर लिया था बंदसंवाद- फोटो : 1

बीसलपुर के नवोदय विद्यालय के इसी छात्रावास में छात्रों ने स्वयं को कर लिया था बंदसंवाद- फोटो : 1

बीसलपुर के नवोदय विद्यालय के इसी छात्रावास में छात्रों ने स्वयं को कर लिया था बंदसंवाद- फोटो : 1