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Pratapgarh News: मेडिकल कॉलेज में पानी की किल्लत, सड़क पर विरोध
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मेडिकल कॉलेज में पिछले चार दिनों से पेयजल संकट गहरा गया है। ओपीडी, जूनियर रेजिडेंट्स, नर्सिंग हॉस्टल में पानी की आपूर्ति बाधित होने से मरीज, तीमारदार, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी की कमी के कारण दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।
हॉस्टल में रहने वाले जूनियर रेजिडेंट्स और नर्सिंग छात्र-छात्राओं को नहाने, भोजन बनाने और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। सोमवार को चौथे दिन भी पानी न आने पर नर्सिंग हॉस्टल में रह रहे लोगों का गुस्सा फूट गया। उन्होंने कमरे से बाहर निकलकर विरोध जताया। सूचना पर मौके पर पहुंचे सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा ने काफी देर तक समझाने का प्रयास किया। विरोध बढ़ता देख मौके पर पहुंचे प्राचार्य ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
-पेट में दो दिनों से दर्द हो रहा था। ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा खाने के लिए पानी नहीं मिला तो बाजार से खरीदकर पीना पड़ा।
शंकर सरोज भगवतगंज
रिश्तेदार को लेकर पिछले चार दिन से भर्ती हैं। वार्ड में पानी नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाहर से पानी की बोतल खरीदकर ला रहे हैं।
प्रदीप कुमार खजुरनी
पानी के लिए भटकती रही मासूम
नर्सिंग हॉस्टल में मां के साथ पांचवीं मंजिल रह रही मासूम निहारिका हाथ में बोतल लिए पानी के लिए परेशान दिखी। पास में खड़े टैंकर में पानी भी खत्म हो चुका था। टैंकर की टोटी से बूंद-बूंद टपक रहे पानी को बोतल में इकट्ठा कर अपनी प्यास बुझाई। पूछने पर बताया कि घर में पानी नहीं है, बहुत देर से प्यास लगी थी।
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टैंकर से पानी की उपलब्धता कराई जा रही है। जल्द ही समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा।
डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा, सीएमएस
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हॉस्टल में रहने वाले जूनियर रेजिडेंट्स और नर्सिंग छात्र-छात्राओं को नहाने, भोजन बनाने और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। सोमवार को चौथे दिन भी पानी न आने पर नर्सिंग हॉस्टल में रह रहे लोगों का गुस्सा फूट गया। उन्होंने कमरे से बाहर निकलकर विरोध जताया। सूचना पर मौके पर पहुंचे सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा ने काफी देर तक समझाने का प्रयास किया। विरोध बढ़ता देख मौके पर पहुंचे प्राचार्य ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
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-पेट में दो दिनों से दर्द हो रहा था। ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा खाने के लिए पानी नहीं मिला तो बाजार से खरीदकर पीना पड़ा।
शंकर सरोज भगवतगंज
रिश्तेदार को लेकर पिछले चार दिन से भर्ती हैं। वार्ड में पानी नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाहर से पानी की बोतल खरीदकर ला रहे हैं।
प्रदीप कुमार खजुरनी
पानी के लिए भटकती रही मासूम
नर्सिंग हॉस्टल में मां के साथ पांचवीं मंजिल रह रही मासूम निहारिका हाथ में बोतल लिए पानी के लिए परेशान दिखी। पास में खड़े टैंकर में पानी भी खत्म हो चुका था। टैंकर की टोटी से बूंद-बूंद टपक रहे पानी को बोतल में इकट्ठा कर अपनी प्यास बुझाई। पूछने पर बताया कि घर में पानी नहीं है, बहुत देर से प्यास लगी थी।
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टैंकर से पानी की उपलब्धता कराई जा रही है। जल्द ही समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा।
डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा, सीएमएस