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Raebareli News: 1.35 करोड़ से पीएचसी में होंगी 63 जांचें
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Wed, 18 Mar 2026 01:34 AM IST
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रायबरेली। जिले की करीब 30 लाख ग्रामीण आबादी के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर एक बड़ी और सुखद खबर है। अब ग्रामीणों को लिवर, किडनी और खून से जुड़ी गंभीर जांचों के लिए जिला अस्पताल की लंबी दौड़ नहीं लगानी होगी और न ही निजी लैब की महंगी फीस भरनी होगी। 50 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अत्याधुनिक लैब सुविधाओं से लैस करने का फैसला लिया गया है, जहां ब्लड की 63 प्रकार की जांचें निशुल्क होंगी।
ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए शासन की ओर से 1.35 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। योजना के अनुसार, प्रत्येक चयनित पीएचसी को 2.70 लाख रुपये दिए जाएंगे। इस राशि से केंद्रों पर ऑटो एनालाइजर और हीमेटोलॉजी एनालाइजर जैसी एडवांस मशीनें और अन्य आवश्यक पैथोलॉजी उपकरण खरीदे जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने इन मशीनों को स्थापित करने और जांच प्रक्रिया शुरू करने की कवायद तेज कर दी है।
अब खत्म होगी जिला अस्पताल पर निर्भरता
वर्तमान में रायबरेली के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को जांच के लिए केवल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों या जिला अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है। पीएचसी स्तर पर जांच की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को एलएफटी, केएफटी, लिपिड प्रोफाइल और सीआरपी जैसी जरूरी जांचों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में कई बार समय पर जांच न होने से इलाज में देरी हो जाती है। नई व्यवस्था लागू होने से मरीजों को उनके घर के पास ही विशेषज्ञ जांच सुविधाएं मिल सकेंगी।
क्या-क्या बदलेगा मशीनों के आने से
ऑटो एनालाइजर मशीन : इससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों की कार्यप्रणाली जैसे लिवर फंक्शन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट, यूरिक एसिड, सी-रिएक्टिव प्रोटीन और लिपिड प्रोफाइल की सटीक रिपोर्ट मिल सकेगी। हीमेटोलॉजी एनालाइजर : यह मशीन कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) की सुविधा देगी, जिससे हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स काउंट, डब्ल्यूबीसी और आरबीसी की स्थिति का पता चलेगा। यह एनीमिया, संक्रमण और ब्लड डिसऑर्डर जैसी बीमारियों की पहचान में क्रांतिकारी साबित होगा।
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ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए शासन की ओर से 1.35 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। योजना के अनुसार, प्रत्येक चयनित पीएचसी को 2.70 लाख रुपये दिए जाएंगे। इस राशि से केंद्रों पर ऑटो एनालाइजर और हीमेटोलॉजी एनालाइजर जैसी एडवांस मशीनें और अन्य आवश्यक पैथोलॉजी उपकरण खरीदे जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने इन मशीनों को स्थापित करने और जांच प्रक्रिया शुरू करने की कवायद तेज कर दी है।
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अब खत्म होगी जिला अस्पताल पर निर्भरता
वर्तमान में रायबरेली के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को जांच के लिए केवल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों या जिला अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ता है। पीएचसी स्तर पर जांच की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को एलएफटी, केएफटी, लिपिड प्रोफाइल और सीआरपी जैसी जरूरी जांचों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में कई बार समय पर जांच न होने से इलाज में देरी हो जाती है। नई व्यवस्था लागू होने से मरीजों को उनके घर के पास ही विशेषज्ञ जांच सुविधाएं मिल सकेंगी।
क्या-क्या बदलेगा मशीनों के आने से
ऑटो एनालाइजर मशीन : इससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों की कार्यप्रणाली जैसे लिवर फंक्शन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट, यूरिक एसिड, सी-रिएक्टिव प्रोटीन और लिपिड प्रोफाइल की सटीक रिपोर्ट मिल सकेगी। हीमेटोलॉजी एनालाइजर : यह मशीन कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) की सुविधा देगी, जिससे हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स काउंट, डब्ल्यूबीसी और आरबीसी की स्थिति का पता चलेगा। यह एनीमिया, संक्रमण और ब्लड डिसऑर्डर जैसी बीमारियों की पहचान में क्रांतिकारी साबित होगा।