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Raebareli News: नमूने फेल होने पर पांच दवा निर्माताओं पर मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 16 Jun 2026 01:00 AM IST
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रायबरेली। जिले में विभिन्न मेडिकल स्टोरों से लिए गए छह दवाओं के नमूने प्रयोगशाला जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर शिवेंद्र प्रताप सिंह ने पांच दवा कंपनियों के संचालकों के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप सिद्ध होने पर जुर्माने के साथ सजा भी हो सकती है।
ड्रग इंस्पेक्टर ने जांच अभियान के दौरान विभिन्न मेडिकल स्टोरों से दवाओं के नमूने एकत्र किए थे। इनमें हिमाचल प्रदेश के बद्दी (सोलन) स्थित अल्ट्रा ड्रग्स फाउंडेशन में निर्मित एसएलएक्स सिरप का नमूना उर्वी मेडिकल स्टोर, रोखा से लिया गया था। इसी प्रकार उत्तराखंड के देहरादून स्थित कौती हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड की क्विनडे टैबलेट और केवी कफ सिरप के नमूने शुभम मेडिकल स्टोर, हरचंदपुर से भरे गए थे।
हरियाणा स्थित जी-9 बायोस्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड की सिफासिन-250 डीटी का नमूना देव फार्मा, घसियारी मंडी से लिया गया था। पंजाब के मोहाली स्थित एलेंटिया फार्मा की मौक्सी नोवा-250 का नमूना सौरभ मेडिकल स्टोर, धरई सलोन से तथा हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित जेएम लेबोरेटरीज की सेफजोल प्लस टैबलेट का नमूना शहर के अर्पण मेडिको शॉप से लिया गया था।
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सभी नमूनों को परीक्षण के लिए विधि विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में सभी छह दवाओं के नमूने मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। इसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने अल्ट्रा ड्रग्स फाउंडेशन, कौती हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड, जी-9 बायोस्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, एलेंटिया फार्मा और जेएम लेबोरेटरीज के संचालकों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया।
ड्रग इंस्पेक्टर शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जांच में नमूने फेल होने के आधार पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ मुकदमा किया गया है। मेडिकल स्टोर संचालकों ने दवाओं की खरीद के वैध बिल प्रस्तुत कर दिए थे, इसलिए उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया।
ड्रग इंस्पेक्टर ने जांच अभियान के दौरान विभिन्न मेडिकल स्टोरों से दवाओं के नमूने एकत्र किए थे। इनमें हिमाचल प्रदेश के बद्दी (सोलन) स्थित अल्ट्रा ड्रग्स फाउंडेशन में निर्मित एसएलएक्स सिरप का नमूना उर्वी मेडिकल स्टोर, रोखा से लिया गया था। इसी प्रकार उत्तराखंड के देहरादून स्थित कौती हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड की क्विनडे टैबलेट और केवी कफ सिरप के नमूने शुभम मेडिकल स्टोर, हरचंदपुर से भरे गए थे।
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हरियाणा स्थित जी-9 बायोस्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड की सिफासिन-250 डीटी का नमूना देव फार्मा, घसियारी मंडी से लिया गया था। पंजाब के मोहाली स्थित एलेंटिया फार्मा की मौक्सी नोवा-250 का नमूना सौरभ मेडिकल स्टोर, धरई सलोन से तथा हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित जेएम लेबोरेटरीज की सेफजोल प्लस टैबलेट का नमूना शहर के अर्पण मेडिको शॉप से लिया गया था।
सभी नमूनों को परीक्षण के लिए विधि विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में सभी छह दवाओं के नमूने मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। इसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने अल्ट्रा ड्रग्स फाउंडेशन, कौती हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड, जी-9 बायोस्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, एलेंटिया फार्मा और जेएम लेबोरेटरीज के संचालकों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया।
ड्रग इंस्पेक्टर शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जांच में नमूने फेल होने के आधार पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ मुकदमा किया गया है। मेडिकल स्टोर संचालकों ने दवाओं की खरीद के वैध बिल प्रस्तुत कर दिए थे, इसलिए उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया।