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Raebareli News: मिलावटी खाद्य पदार्थों से पटा बाजार
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 03 Mar 2026 12:55 AM IST
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रायबरेली। होली को लेकर शुरू हुआ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) का अभियान होली पहले ही खत्म हो गया। सोमवार को कोई भी टीम घटिया व मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री को रोकने के लिए क्षेत्रों में नहीं गई। ऐसी स्थिति में बाजार मिलावटी खाद्य पदार्थों से पट गया है। रंगीन कचरी, चिप्स, पापड़ के साथ ही खोवा, पनीर व अन्य मिलावटी खाद्य पदार्थ धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
इस बार होली पर विभाग का अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह गया। बाजार में बिक रहे मिलावटी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। त्योहार पर खोवा, पापड़, चिप्स सहित अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ गई है। इसका फायदा उठाकर मिलावटखोर सक्रिय हैं। विभाग की निष्क्रियता के कारण इन पर कोई लगाम नहीं लग पा रही है। रविवार से एफएसडीए का अभियान भी ठप हो गया है। विभाग के अधिकारी की मनमानी के कारण सोमवार को कोई भी टीम मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच करने के लिए नहीं निकली। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंजनी कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि उच्चाधिकारियों ने 28 फरवरी तक होली को लेकर अभियान चलाने का निर्देश दिया था। इस बार सीज होने वाले खाद्य पदार्थों के नमूने लेने के आदेश दिए गए थे। इसी कारण पिछले साल की तुलना में कम नमूने भरे गए।
इनसेट
अभियान में भरे मात्र 26 खाद्य पदार्थों के नमूने
विभाग ने होली पर अभियान चलाकर मात्र 26 खाद्य पदार्थों के नमूने ही भरे हैं, जबकि पिछले साल होली पर 50 से अधिक नमूने लेकर जांच के लिए भेजा था। घटिया खोवा व पनीर भी पिछले साल की तुलना में आधे से भी कम नष्ट कराया गया। इससे विभाग की सक्रियता की पोल खुल गई है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को उठाना पडे़गा।
मनोज ओझा
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इस बार होली पर विभाग का अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह गया। बाजार में बिक रहे मिलावटी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। त्योहार पर खोवा, पापड़, चिप्स सहित अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ गई है। इसका फायदा उठाकर मिलावटखोर सक्रिय हैं। विभाग की निष्क्रियता के कारण इन पर कोई लगाम नहीं लग पा रही है। रविवार से एफएसडीए का अभियान भी ठप हो गया है। विभाग के अधिकारी की मनमानी के कारण सोमवार को कोई भी टीम मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच करने के लिए नहीं निकली। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंजनी कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि उच्चाधिकारियों ने 28 फरवरी तक होली को लेकर अभियान चलाने का निर्देश दिया था। इस बार सीज होने वाले खाद्य पदार्थों के नमूने लेने के आदेश दिए गए थे। इसी कारण पिछले साल की तुलना में कम नमूने भरे गए।
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अभियान में भरे मात्र 26 खाद्य पदार्थों के नमूने
विभाग ने होली पर अभियान चलाकर मात्र 26 खाद्य पदार्थों के नमूने ही भरे हैं, जबकि पिछले साल होली पर 50 से अधिक नमूने लेकर जांच के लिए भेजा था। घटिया खोवा व पनीर भी पिछले साल की तुलना में आधे से भी कम नष्ट कराया गया। इससे विभाग की सक्रियता की पोल खुल गई है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को उठाना पडे़गा।
मनोज ओझा
