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Raebareli News: अमेरिका-इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 03 Mar 2026 12:53 AM IST
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जुलूस निकालते शिया समुदाय के लोग।
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रायबरेली। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामनेई की मौत से गुस्साए शिया समुदाय के लोग सोमवार को सड़क पर उतर आए। टाउन हाॅल में सभा करने के बाद जुलूस निकाला, जिसमें सुन्नी समुदाय ने भी बराबर की भागीदारी की। अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया गया।
यह जुलूस कहारों का अड्डा, बस स्टेशन चौराहा होते हुए जिलाधिकारी आवास तक जाना था, लेकिन बस स्टेशन चौराहे पर ही ज्ञापन लेकर जुलूस को वापस लौटा दिया गया। जुलूस में उमड़ी भीड़ की वजह से रास्ते जाम हो गए। जुलूस में पुरुषों के साथ महिलाओं और बच्चों ने भी शिरकत की। अमेरिका-इजरायल मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। इन दोनों देशों के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा दिखा। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहा।
शिया धर्मगुरु मौलाना शहवार काजमी ने कहा कि खामनेई इस्लाम के सिद्धांतों पर डटे रहे। उन्होंने जालिमों के आगे सर नहीं झुकाया, बल्कि शहादत दी। मौलाना कंबर अली रिजवी ने कहा कि अपने रहबर के गम में ईरानी अवाम सड़कों पर है। हमारे जज्बे को समझना है तो मौला अली और मौलाना हुसैन के जज्बे को समझना होगा। अमेरिका ने जिस तरह का किरदार अदा किया है, उससे ट्रंप अपने ही देश अमेरिका में जलील होगा। ट्रंप ने अपनी अवाम को भी धोखा दिया है।
मौलाना मोहसिन और यावर अब्बास रिजवी ने कहा कि दुनिया मुसलमानों को पहचानती नहीं थी। खामनेई ने ऐसा किरदार अदा किया कि अब पहचान गई। खामनेई ने शहादत को गले लगा लिया। इसरार अहमद और अनवार खान ने भी अमेरिका एवं इजरायल की कायराना हरकतों का जिक्र करते हुए उनके खिलाफ जबरदस्त आक्रोश व्यक्त किया। जुलूस बस स्टेशन चौराहे पर ही समाप्त हो गया।
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य सैयद अलमदार नकवी ने बताया कि जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भेजा गया है। अंतरराष्ट्रीय अदालत में अमेरिका और इस्राइल को कटघरे में खड़ा किए जाने का मांग की गई। प्रदर्शन में हसन अब्बास, सरवर अली, मुज्तबा अजहर नकवी, नवाब अली तकी, सदफ आब्दी, नुसरत फातिमा, अफरोज जहां आदि मौजूद रहे।
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यह जुलूस कहारों का अड्डा, बस स्टेशन चौराहा होते हुए जिलाधिकारी आवास तक जाना था, लेकिन बस स्टेशन चौराहे पर ही ज्ञापन लेकर जुलूस को वापस लौटा दिया गया। जुलूस में उमड़ी भीड़ की वजह से रास्ते जाम हो गए। जुलूस में पुरुषों के साथ महिलाओं और बच्चों ने भी शिरकत की। अमेरिका-इजरायल मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। इन दोनों देशों के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा दिखा। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहा।
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शिया धर्मगुरु मौलाना शहवार काजमी ने कहा कि खामनेई इस्लाम के सिद्धांतों पर डटे रहे। उन्होंने जालिमों के आगे सर नहीं झुकाया, बल्कि शहादत दी। मौलाना कंबर अली रिजवी ने कहा कि अपने रहबर के गम में ईरानी अवाम सड़कों पर है। हमारे जज्बे को समझना है तो मौला अली और मौलाना हुसैन के जज्बे को समझना होगा। अमेरिका ने जिस तरह का किरदार अदा किया है, उससे ट्रंप अपने ही देश अमेरिका में जलील होगा। ट्रंप ने अपनी अवाम को भी धोखा दिया है।
मौलाना मोहसिन और यावर अब्बास रिजवी ने कहा कि दुनिया मुसलमानों को पहचानती नहीं थी। खामनेई ने ऐसा किरदार अदा किया कि अब पहचान गई। खामनेई ने शहादत को गले लगा लिया। इसरार अहमद और अनवार खान ने भी अमेरिका एवं इजरायल की कायराना हरकतों का जिक्र करते हुए उनके खिलाफ जबरदस्त आक्रोश व्यक्त किया। जुलूस बस स्टेशन चौराहे पर ही समाप्त हो गया।
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य सैयद अलमदार नकवी ने बताया कि जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भेजा गया है। अंतरराष्ट्रीय अदालत में अमेरिका और इस्राइल को कटघरे में खड़ा किए जाने का मांग की गई। प्रदर्शन में हसन अब्बास, सरवर अली, मुज्तबा अजहर नकवी, नवाब अली तकी, सदफ आब्दी, नुसरत फातिमा, अफरोज जहां आदि मौजूद रहे।
