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Raebareli News: क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बन ठगी करने वाला युवक गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Fri, 24 Apr 2026 01:48 AM IST
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रायबरेली। मकान खरीदने के बहाने खुद को क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताकर ठगी का प्रयास करने वाले युवक को पुलिस ने बुधवार रात गिरफ्तार कर लिया। आरोपी जौनपुर का रहने वाला है और पहले भी ठगी के मामले में जेल जा चुका है।
सीओ अरुण कुमार नौहवार ने बताया कि वीरपाल सिंह कोठी, जेल गार्डेन रोड निवासी मुनीश अग्रवाल अपना मकान बेचना चाहते थे। इसी बीच 20 अप्रैल को जौनपुर निवासी राणा प्रताप सिंह उनके संपर्क में आया। उसने खुद को क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताया और कमांडो की वर्दी पहनकर भरोसा जीतने की कोशिश की। आरोपी ने अपनी पत्नी को महिला थाने में दरोगा और भाई को लोक निर्माण विभाग में अधिकारी बताया।
आरोपी ने मकान खरीदने की बात कहकर कारोबारी की पत्नी के आधार कार्ड समेत अन्य जरूरी दस्तावेज ले लिए और जल्द बैनामा कराने का भरोसा दिया। उसने सात-सात लाख रुपये के तीन चेक दिए, लेकिन जब कारोबारी ने चेक खाते में लगाए तो पता चला कि खाते में महज तीन रुपये ही हैं। इस पर उन्हें ठगी की आशंका हुई और पुलिस को सूचना दी।
पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने बदलापुर थाना क्षेत्र के रारी खुर्द गांव निवासी राणा प्रताप सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। किला बाजार चौकी प्रभारी विशाल सिंह ने टीम के साथ बुधवार देर रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले लखीमपुर खीरी में भी ठगी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है।
भाजपा जिलाध्यक्ष की पिटाई में सस्पेंड होने की बात कही
पीड़ित के मुताबिक आरोपी खुद को मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात बता रहा था। उसने यह भी दावा किया कि भाजपा जिलाध्यक्ष की पिटाई के मामले में वह सस्पेंड हो चुका है। किसी दलाल के जरिए वह कारोबारी तक पहुंचा था। पीड़ित का कहना है कि यदि आरोपी चेक न देता तो वह उसके झांसे में आ सकते थे।
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सीओ अरुण कुमार नौहवार ने बताया कि वीरपाल सिंह कोठी, जेल गार्डेन रोड निवासी मुनीश अग्रवाल अपना मकान बेचना चाहते थे। इसी बीच 20 अप्रैल को जौनपुर निवासी राणा प्रताप सिंह उनके संपर्क में आया। उसने खुद को क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताया और कमांडो की वर्दी पहनकर भरोसा जीतने की कोशिश की। आरोपी ने अपनी पत्नी को महिला थाने में दरोगा और भाई को लोक निर्माण विभाग में अधिकारी बताया।
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आरोपी ने मकान खरीदने की बात कहकर कारोबारी की पत्नी के आधार कार्ड समेत अन्य जरूरी दस्तावेज ले लिए और जल्द बैनामा कराने का भरोसा दिया। उसने सात-सात लाख रुपये के तीन चेक दिए, लेकिन जब कारोबारी ने चेक खाते में लगाए तो पता चला कि खाते में महज तीन रुपये ही हैं। इस पर उन्हें ठगी की आशंका हुई और पुलिस को सूचना दी।
पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने बदलापुर थाना क्षेत्र के रारी खुर्द गांव निवासी राणा प्रताप सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। किला बाजार चौकी प्रभारी विशाल सिंह ने टीम के साथ बुधवार देर रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले लखीमपुर खीरी में भी ठगी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है।
भाजपा जिलाध्यक्ष की पिटाई में सस्पेंड होने की बात कही
पीड़ित के मुताबिक आरोपी खुद को मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात बता रहा था। उसने यह भी दावा किया कि भाजपा जिलाध्यक्ष की पिटाई के मामले में वह सस्पेंड हो चुका है। किसी दलाल के जरिए वह कारोबारी तक पहुंचा था। पीड़ित का कहना है कि यदि आरोपी चेक न देता तो वह उसके झांसे में आ सकते थे।

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