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Rampur News: सीआईएसएफ में नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख की ठगी
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शाहबाद। सीआईएसएफ में नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये से अधिक की ठगी के मामले दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
महेवा गांव निवासी विनोद सिंह का आरोप है कि उनका बेटा गौरव पढ़ा-लिखा है और बेरोजगार है। एक रिश्तेदार के माध्यम से उनकी मुलाकात संभल के गुन्नौर के मलकपुर गांव निवासी सुशील और देवेश उर्फ कल्लू से हुई थी। आरोप है कि दोनों ने अपनी ऊंची पहुंच और जान-पहचान का हवाला देते हुए बेटे गौरव की सीआईएसएफ में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया और इसके एवज में 10 लाख रुपये की मांग की। विश्वास में आकर वादी ने 23 अक्तूबर 2023 को आरोपियों को 10 लाख रुपये नकद दे दिए।
वादी का कहना है कि 10 लाख रुपये की रकम उन्होंने अपनी मां के जेवर बेचकर और सहकारी समिति महुनगर से ऋण लेकर दी थी। काफी समय बीतने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो पीड़ित ने आरोपियों से संपर्क किया। 19 नवंबर 2024 को आरोपियों ने लखनऊ जाने के खर्च के नाम पर सात हजार रुपये मांगे। इसके बाद कई बार कई हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। इसके बावजूद बेटे की नौकरी नहीं लगी और आरोपी टालमटोल करते रहे।
पीड़ित का आरोप है कि नौ फरवरी 2026 को आरोपियों ने फोन कर कहा कि अब उसके बेटे की नौकरी नहीं लगेगी और रुपये भी वापस नहीं किए जाएंगे। साथ ही धमकी देते हुए कहा कि ज्यादा तकादा किया तो जान से मार देंगे। कोतवाल प्रदीप कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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महेवा गांव निवासी विनोद सिंह का आरोप है कि उनका बेटा गौरव पढ़ा-लिखा है और बेरोजगार है। एक रिश्तेदार के माध्यम से उनकी मुलाकात संभल के गुन्नौर के मलकपुर गांव निवासी सुशील और देवेश उर्फ कल्लू से हुई थी। आरोप है कि दोनों ने अपनी ऊंची पहुंच और जान-पहचान का हवाला देते हुए बेटे गौरव की सीआईएसएफ में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया और इसके एवज में 10 लाख रुपये की मांग की। विश्वास में आकर वादी ने 23 अक्तूबर 2023 को आरोपियों को 10 लाख रुपये नकद दे दिए।
वादी का कहना है कि 10 लाख रुपये की रकम उन्होंने अपनी मां के जेवर बेचकर और सहकारी समिति महुनगर से ऋण लेकर दी थी। काफी समय बीतने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो पीड़ित ने आरोपियों से संपर्क किया। 19 नवंबर 2024 को आरोपियों ने लखनऊ जाने के खर्च के नाम पर सात हजार रुपये मांगे। इसके बाद कई बार कई हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। इसके बावजूद बेटे की नौकरी नहीं लगी और आरोपी टालमटोल करते रहे।
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पीड़ित का आरोप है कि नौ फरवरी 2026 को आरोपियों ने फोन कर कहा कि अब उसके बेटे की नौकरी नहीं लगेगी और रुपये भी वापस नहीं किए जाएंगे। साथ ही धमकी देते हुए कहा कि ज्यादा तकादा किया तो जान से मार देंगे। कोतवाल प्रदीप कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
