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Rampur News: अर्श की सड़क हादसे में मौत के बाद सादगी से हुआ होली पूजन
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Wed, 04 Mar 2026 12:52 AM IST
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शाहबाद। रंगों के पर्व होली के बीच एक हादसे ने कस्बे के कई मोहल्लों को गमगीन कर दिया। मुस्लिम समुदाय के 22 वर्षीय युवक अर्श की सड़क हादसे में मौत के बाद उसके परिवार के साथ-साथ आसपास के हिंदू समुदाय में भी शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार शाम परंपरागत होली पूजन तो हुआ लेकिन डीजे और लाइट नहीं लगाई गई।
नाजिम मियां का बेटा अर्श सोमवार को मिलक जा रहा था। रामपुर के सिविल लाइन क्षेत्र के पनवड़िया के पास रोडवेज बस से उसकी बाइक की टक्कर हो गई जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शव शाहबाद स्थित उसके घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया और मोहल्ले में मातम छा गया।
मृतक के घर के पास होली की तैयारियां पूरी थीं। डीजे और लाइट की व्यवस्था भी कर ली गई थी, लेकिन हादसे की सूचना मिलने पर चंद्रवंशी समाज के लोगों ने आपसी मशवरा कर निर्णय लिया कि शोक की घड़ी में कोई शोर-शराबा नहीं होगा। समाज के लोगों ने डीजे नहीं बजाया और लाइट भी नहीं लगवाई। सादगी के साथ विधि-विधान से होली पूजन कर कार्यक्रम संपन्न किया गया।
चंद्रवंशी समाज के लोगों ने बताया कि शोकाकुल परिवार की भावनाओं का सम्मान करते हुए डीजे और सजावट से परहेज रखा गया। इस निर्णय ने शाहबाद में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।
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हमारे पड़ोस में एक नौजवान की मौत हो गई। ऐसे शोकाकुल परिवार के बीच डीजे बजाना ठीक नहीं लगा। मुस्लिम समुदाय के लोग हमारे पुराने पड़ोसी हैं। इसलिए हमने डीजे नहीं बजाया और न डेकोरेशन की। इससे पहले भी हमारे पड़ोस में दो मुस्लिम परिवारों में मौत हो गई थी, तब भी हमने होली सादगी से मनाई थी। -राजू चंद्रवंशी
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मोहल्ले में एक युवक की मौत हो गई थी, इसलिए डीजे बजाना ठीक नहीं था। लाइट भी नहीं लगवाई, केवल पूजन कर लिया था। एक दूसरे के दुख में शामिल होना जरूरी होता है। -विनोद चंद्रवंशी
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नाजिम मियां का बेटा अर्श सोमवार को मिलक जा रहा था। रामपुर के सिविल लाइन क्षेत्र के पनवड़िया के पास रोडवेज बस से उसकी बाइक की टक्कर हो गई जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शव शाहबाद स्थित उसके घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया और मोहल्ले में मातम छा गया।
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मृतक के घर के पास होली की तैयारियां पूरी थीं। डीजे और लाइट की व्यवस्था भी कर ली गई थी, लेकिन हादसे की सूचना मिलने पर चंद्रवंशी समाज के लोगों ने आपसी मशवरा कर निर्णय लिया कि शोक की घड़ी में कोई शोर-शराबा नहीं होगा। समाज के लोगों ने डीजे नहीं बजाया और लाइट भी नहीं लगवाई। सादगी के साथ विधि-विधान से होली पूजन कर कार्यक्रम संपन्न किया गया।
चंद्रवंशी समाज के लोगों ने बताया कि शोकाकुल परिवार की भावनाओं का सम्मान करते हुए डीजे और सजावट से परहेज रखा गया। इस निर्णय ने शाहबाद में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।
हमारे पड़ोस में एक नौजवान की मौत हो गई। ऐसे शोकाकुल परिवार के बीच डीजे बजाना ठीक नहीं लगा। मुस्लिम समुदाय के लोग हमारे पुराने पड़ोसी हैं। इसलिए हमने डीजे नहीं बजाया और न डेकोरेशन की। इससे पहले भी हमारे पड़ोस में दो मुस्लिम परिवारों में मौत हो गई थी, तब भी हमने होली सादगी से मनाई थी। -राजू चंद्रवंशी
मोहल्ले में एक युवक की मौत हो गई थी, इसलिए डीजे बजाना ठीक नहीं था। लाइट भी नहीं लगवाई, केवल पूजन कर लिया था। एक दूसरे के दुख में शामिल होना जरूरी होता है। -विनोद चंद्रवंशी
