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Rampur News: तेज हुआ ई-रजिस्ट्री का विरोध, प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Wed, 17 Jun 2026 01:43 AM IST
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रामपुर। ई-रजिस्ट्री के विरोध में जिले भर में अधिवक्ता, स्टांप वेंडर और टाइपिस्ट सड़क पर उतर आए हैं। मंगलवार को विभिन्न तहसीलों में प्रदर्शन किए गए। तहसील सदर से जुड़े स्टांप वेंडर और टाइपिस्ट कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन के बाद सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में कहा गया कि निबंधन विभाग की प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने से स्टांप वेंडरों और टाइपिस्टों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। साथ ही आम लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। ज्ञापन में कहा गया कि इससे हजारों परिवार प्रभावित होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर व्यवस्था लागू न करने की मांग की।
इस मौके पर जिला संयोजक राजकुमार सक्सेना, महेंद्र सक्सेना, प्रवीण अग्रवाल, तुषार सक्सेना, राजेश कुमार, अंकित यादव, अली जाफर, प्रमोद सक्सेना, प्रशांत राज अग्रवाल और शाहबेज आदि मौजूद रहे।
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शाहबाद में अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
ई-रजिस्ट्री लागू होने पर रोजगार और आमजन को होने वाली परेशानियां गिनाईं
शाहबाद। प्रदेश सरकार की प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन भेजकर इसे तत्काल रोकने की मांग की है।
शाहबाद बार एसोसिएशन के नेतृत्व में एसडीएम को दिए गए ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में ई-रजिस्ट्री सेंटर स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। व्यवस्था लागू होने पर बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं, विशेषकर जूनियर अधिवक्ताओं के सामने रोजगार और आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। उनका कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो नई व्यवस्था से प्रभावित होगी।
ज्ञापन में कहा गया कि ई-रजिस्ट्री लागू होने के बाद स्टांप विक्रेताओं के सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है, जिससे जुड़े हजारों परिवार प्रभावित होंगे। अधिवक्ताओं ने आशंका जताई कि ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों, काश्तकारों, वरिष्ठ नागरिकों तथा तकनीकी जानकारी से वंचित लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया समझने और उसका उपयोग करने में कठिनाई होगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में आम जनता को अधिवक्ताओं के माध्यम से विधिक परामर्श और सहायता मिलती है। ई-रजिस्ट्री लागू होने से लोगों को आवश्यक कानूनी मार्गदर्शन प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है। अधिवक्ताओं ने जनहित तथा अधिवक्ताओं और स्टांप विक्रेताओं के हितों को देखते हुए व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की।
इस मौके पर तकरीरूरहमान, मासूम मियां, अनोद कुमार शर्मा, सतेंद्र यादव, शेजी खां, दिनेशपाल, गौसिया, मनोज भारद्वाज, शाह आलम और तवक्कुल हुसैन आदि मौजूद रहे। संवाद
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मिलक में अधिवक्ताओं ने किया कार्य बहिष्कार
मिलक। सरकार की प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री मॉडल योजना के विरोध में मंगलवार को बार एसोसिएशन मिलक के सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिवक्ताओं के साथ बैनामा लेखक और स्टांप विक्रेता भी मौजूद रहे।
बैठक में योजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि यह व्यवस्था लागू होने से आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों और स्टांप विक्रेताओं के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि इससे बड़ी संख्या में लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक सरकार इस योजना को वापस नहीं लेती, तब तक विरोध जारी रहेगा। विरोध स्वरूप मंगलवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर कार्य बहिष्कार किया।
बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश चंद्र गंगवार ने की, जबकि संचालन महासचिव रमेश चंद्र ने किया। इस दौरान बार एसोसिएशन के सदस्य, बैनामा लेखक और स्टांप विक्रेता उपस्थित रहे। संवाद
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में कहा गया कि निबंधन विभाग की प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने से स्टांप वेंडरों और टाइपिस्टों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। साथ ही आम लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। ज्ञापन में कहा गया कि इससे हजारों परिवार प्रभावित होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर व्यवस्था लागू न करने की मांग की।
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इस मौके पर जिला संयोजक राजकुमार सक्सेना, महेंद्र सक्सेना, प्रवीण अग्रवाल, तुषार सक्सेना, राजेश कुमार, अंकित यादव, अली जाफर, प्रमोद सक्सेना, प्रशांत राज अग्रवाल और शाहबेज आदि मौजूद रहे।
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शाहबाद में अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
ई-रजिस्ट्री लागू होने पर रोजगार और आमजन को होने वाली परेशानियां गिनाईं
शाहबाद। प्रदेश सरकार की प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन भेजकर इसे तत्काल रोकने की मांग की है।
शाहबाद बार एसोसिएशन के नेतृत्व में एसडीएम को दिए गए ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में ई-रजिस्ट्री सेंटर स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। व्यवस्था लागू होने पर बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं, विशेषकर जूनियर अधिवक्ताओं के सामने रोजगार और आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। उनका कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो नई व्यवस्था से प्रभावित होगी।
ज्ञापन में कहा गया कि ई-रजिस्ट्री लागू होने के बाद स्टांप विक्रेताओं के सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है, जिससे जुड़े हजारों परिवार प्रभावित होंगे। अधिवक्ताओं ने आशंका जताई कि ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों, काश्तकारों, वरिष्ठ नागरिकों तथा तकनीकी जानकारी से वंचित लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया समझने और उसका उपयोग करने में कठिनाई होगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में आम जनता को अधिवक्ताओं के माध्यम से विधिक परामर्श और सहायता मिलती है। ई-रजिस्ट्री लागू होने से लोगों को आवश्यक कानूनी मार्गदर्शन प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है। अधिवक्ताओं ने जनहित तथा अधिवक्ताओं और स्टांप विक्रेताओं के हितों को देखते हुए व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की।
इस मौके पर तकरीरूरहमान, मासूम मियां, अनोद कुमार शर्मा, सतेंद्र यादव, शेजी खां, दिनेशपाल, गौसिया, मनोज भारद्वाज, शाह आलम और तवक्कुल हुसैन आदि मौजूद रहे। संवाद
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मिलक में अधिवक्ताओं ने किया कार्य बहिष्कार
मिलक। सरकार की प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री मॉडल योजना के विरोध में मंगलवार को बार एसोसिएशन मिलक के सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिवक्ताओं के साथ बैनामा लेखक और स्टांप विक्रेता भी मौजूद रहे।
बैठक में योजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि यह व्यवस्था लागू होने से आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों और स्टांप विक्रेताओं के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि इससे बड़ी संख्या में लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक सरकार इस योजना को वापस नहीं लेती, तब तक विरोध जारी रहेगा। विरोध स्वरूप मंगलवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर कार्य बहिष्कार किया।
बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश चंद्र गंगवार ने की, जबकि संचालन महासचिव रमेश चंद्र ने किया। इस दौरान बार एसोसिएशन के सदस्य, बैनामा लेखक और स्टांप विक्रेता उपस्थित रहे। संवाद