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Saharanpur News: 30 करोड़ के अतिरिक्त ऋण का आरोप, निदेशक समेत अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज
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संवाद न्यूज एजेंसी
चिलकाना। टोडरपुर स्थित शाकंभरी शुगर एंड एलाइड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयर होल्डर नंद किशोर चुग ने हेराफेरी का आरोप लगाया है। उन्होंने कंपनी के निदेशक राहिल इरफान शेख और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक, शेयर होल्डिंग में हेरफेर और कंपनी फंड के दुरुपयोग के आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।
नंदकिशोर चुग ने बताया कि कंपनी में राहिल इरफान शेख की 57.88 प्रतिशत, उनकी 36.86 प्रतिशत तथा संजय तापड़िया की 4.15 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल को पुनर्जीवित कर दो-तीन सत्रों तक संचालित किया गया। वित्तीय स्थिति कमजोर होने के कारण पहले यूटीआई से 25 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया, जिसे बाद में मिल की करीब 150 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को गिरवी रखकर एचडीएफसी बैंक में कम ब्याज दर पर स्थानांतरित कराया गया।
आरोप है कि निदेशक राहिल इरफान शेख ने बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर पहले से गिरवी रखी मिल की संपत्तियों के आधार पर करीब 30 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण प्राप्त कर लिया। यह ऋण बिना बोर्ड की मंजूरी, शेयरधारकों की सहमति और आवश्यक प्रस्ताव पारित किए बिना लिया गया। साथ ही अतिरिक्त निवेश दिखाकर शेयरहोल्डिंग और कंपनी के नियंत्रण में हेरफेर कर व्यक्तिगत लाभ लेने का प्रयास किया गया। जांच अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच जारी है। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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चिलकाना। टोडरपुर स्थित शाकंभरी शुगर एंड एलाइड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयर होल्डर नंद किशोर चुग ने हेराफेरी का आरोप लगाया है। उन्होंने कंपनी के निदेशक राहिल इरफान शेख और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक, शेयर होल्डिंग में हेरफेर और कंपनी फंड के दुरुपयोग के आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।
नंदकिशोर चुग ने बताया कि कंपनी में राहिल इरफान शेख की 57.88 प्रतिशत, उनकी 36.86 प्रतिशत तथा संजय तापड़िया की 4.15 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल को पुनर्जीवित कर दो-तीन सत्रों तक संचालित किया गया। वित्तीय स्थिति कमजोर होने के कारण पहले यूटीआई से 25 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया, जिसे बाद में मिल की करीब 150 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को गिरवी रखकर एचडीएफसी बैंक में कम ब्याज दर पर स्थानांतरित कराया गया।
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आरोप है कि निदेशक राहिल इरफान शेख ने बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर पहले से गिरवी रखी मिल की संपत्तियों के आधार पर करीब 30 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण प्राप्त कर लिया। यह ऋण बिना बोर्ड की मंजूरी, शेयरधारकों की सहमति और आवश्यक प्रस्ताव पारित किए बिना लिया गया। साथ ही अतिरिक्त निवेश दिखाकर शेयरहोल्डिंग और कंपनी के नियंत्रण में हेरफेर कर व्यक्तिगत लाभ लेने का प्रयास किया गया। जांच अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच जारी है। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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