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Saharanpur News: 40 टन वजन क्षमता का दावा, सड़क पर आते ही टूट गए सीवर के स्मार्ट ढक्कन
Sun, 12 Jul 2026 01:39 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 12 Jul 2026 01:39 AM IST
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सहारनपुर। करोड़ों की लागत से बन रही स्मार्ट रोड पर सीवर ढक्कनों की मजबूती पहली ही परीक्षा में फेल हो गई। 40 टन भार सहने वाले बताए गए ढक्कनों के फ्रेम वाहनों के दबाव के चलते जगह-जगह से टूट गए हैं। ऐसे में अब नगर निगम ने फिर से सड़क के बीच लगे ढक्कनों को बदलने का निर्णय लिया है। इससे निर्माण की गुणवत्ता और परीक्षण व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
यह स्मार्ट रोड कलक्ट्रेट से हकीकतनगर, आईएमए भवन, सदर कोतवाली को होते हुए दीवानी कचहरी तिराहे तक बनाई जा रही है। सड़क का निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। खास बात यह है कि इस स्मार्ट रोड पर सीवर के चैंबरों पर फाइबर से बने सफेद रंग के गोल आकार और चकोर ढक्कन रखे गए हैं। यह ढक्कन फुटपाथ के ऊपर के साथ ही कई जगहों पर सड़क के बीच में भी हैं। इन ढक्कनों का चयन नगर निगम द्वारा किया गया था। टेस्टिंग के लिए महीने भर तक यह ढक्कन नगर निगम के निर्माण विभाग में रहे। सभी ढक्कन 40 टन की क्षमता के बताए गए थे। यानी यदि कोई वाहन 40 टन तक वजन लेकर इनके ऊपर से गुजरेगा तो यह टूटेंगे नहीं, लेकिन देखने में आया है कि सदर रोड पर कई ढक्कन रखने के कुछ ही दिन बाद टूट गए हैं।
अब रखे जाएंगे 60 टन की क्षमता वाले ढक्कन
ढक्कनों के फ्रेम टूटने के बाद सड़क के बीच में रखे सभी ढक्कनों को बदलने का निर्णय लिया गया है। अब 60 टन की क्षमता वाले ढक्कन रखे जाएंगे। फुटपाथ पर वाहनों का लोड नहीं रहता है। ऐसे में फुटपाथ के ढक्कन वही रहेंगे।
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ढक्कनों की विशेषता
ढक्कन एफआरसी यानी फाइबर-प्रबलित कंक्रीट के बने हैं, जो एक मिश्रित सामग्री है। इसमें कंक्रीट में रेशे (फाइबर) मिलाए जाते हैं। इसमें स्टील, ग्लास, सिंथेटिक (जैसे पॉलीप्रोपाइलीन) और प्राकृतिक फाइबर का उपयोग किया जाता है।
फैक्ट फाइल
- 1500 मीटर लंबी सड़क
- 34 करोड़ के बजट से होगी तैयार
- करीब डेढ़ साल से चल रहा काम
- काम की धीमी गति को लेकर कई बार धरना प्रदर्शन
निर्माणाधीन स्मार्ट रोड पर जो भी ढक्कन टूटे हैं उनको बदलवाया जाएगा, साथ ही अधिक क्षमता के ढक्कन रखवाए जाएंगे, जो वाहनों की आवाजाही से टूटे नहीं।
- एसपी मिश्र, मुख्य अभियंता, निर्माण विभाग नगर निगम
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यह स्मार्ट रोड कलक्ट्रेट से हकीकतनगर, आईएमए भवन, सदर कोतवाली को होते हुए दीवानी कचहरी तिराहे तक बनाई जा रही है। सड़क का निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। खास बात यह है कि इस स्मार्ट रोड पर सीवर के चैंबरों पर फाइबर से बने सफेद रंग के गोल आकार और चकोर ढक्कन रखे गए हैं। यह ढक्कन फुटपाथ के ऊपर के साथ ही कई जगहों पर सड़क के बीच में भी हैं। इन ढक्कनों का चयन नगर निगम द्वारा किया गया था। टेस्टिंग के लिए महीने भर तक यह ढक्कन नगर निगम के निर्माण विभाग में रहे। सभी ढक्कन 40 टन की क्षमता के बताए गए थे। यानी यदि कोई वाहन 40 टन तक वजन लेकर इनके ऊपर से गुजरेगा तो यह टूटेंगे नहीं, लेकिन देखने में आया है कि सदर रोड पर कई ढक्कन रखने के कुछ ही दिन बाद टूट गए हैं।
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अब रखे जाएंगे 60 टन की क्षमता वाले ढक्कन
ढक्कनों के फ्रेम टूटने के बाद सड़क के बीच में रखे सभी ढक्कनों को बदलने का निर्णय लिया गया है। अब 60 टन की क्षमता वाले ढक्कन रखे जाएंगे। फुटपाथ पर वाहनों का लोड नहीं रहता है। ऐसे में फुटपाथ के ढक्कन वही रहेंगे।
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ढक्कनों की विशेषता
ढक्कन एफआरसी यानी फाइबर-प्रबलित कंक्रीट के बने हैं, जो एक मिश्रित सामग्री है। इसमें कंक्रीट में रेशे (फाइबर) मिलाए जाते हैं। इसमें स्टील, ग्लास, सिंथेटिक (जैसे पॉलीप्रोपाइलीन) और प्राकृतिक फाइबर का उपयोग किया जाता है।
फैक्ट फाइल
- 1500 मीटर लंबी सड़क
- 34 करोड़ के बजट से होगी तैयार
- करीब डेढ़ साल से चल रहा काम
- काम की धीमी गति को लेकर कई बार धरना प्रदर्शन
निर्माणाधीन स्मार्ट रोड पर जो भी ढक्कन टूटे हैं उनको बदलवाया जाएगा, साथ ही अधिक क्षमता के ढक्कन रखवाए जाएंगे, जो वाहनों की आवाजाही से टूटे नहीं।
- एसपी मिश्र, मुख्य अभियंता, निर्माण विभाग नगर निगम