फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Water from Uttarakhand washed away the farmers' hopes.

Saharanpur News: उत्तराखंड से आए पानी ने बहा दी किसानों की उम्मीदें

Sun, 12 Jul 2026 01:38 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sun, 12 Jul 2026 01:38 AM IST
विज्ञापन
Water from Uttarakhand washed away the farmers' hopes.
देवबंद। लगातार हो रही बारिश के बीच उत्तराखंड क्षेत्र से छोड़े गए पानी ने किसानों की उम्मीदें बहा दी। बचीटी समेत 12 से अधिक गांव जलभराव की चपेट में आ गए हैं। सैकड़ों बीघा कृषि भूमि में कई फीट तक पानी भर जाने से खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं और किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरने का खतरा मंडराने लगा है।
विज्ञापन

सबसे अधिक असर बचीटी, महमूदपुर, नन्हेड़ा टिपटॉन, फलौदा, जगदेई तथा आसपास के गांवों में देखा जा रहा है। धान, गन्ना और अन्य खरीफ फसलों वाले खेत पूरी तरह जलमग्न हैं। कई स्थानों पर खेतों की मेढ़ तक दिखाई नहीं दे रहीं। जबकि ग्रामीण संपर्क मार्गों पर भी पानी भरने से आवागमन प्रभावित होने लगा है। किसानों का कहना है यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो फसलें खराब होने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। बताया कि खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और इस समय खेतों में खड़ी फसल डूबने से पूरे वर्ष की कमाई संकट में पड़ गई है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था कराने और नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन


ऐसा है किसानों का दर्द
- बचीटी गांव के किसान अरशद का कहना है कि खेतों में अधिक पानी भरने से उनकी फसलें खराब होने की अधिक संभावना बन गई है। पानी निकासी की कोई व्यवस्था ही नहीं है। जबकि सिंचाई विभाग से अनेक बार इसकी शिकायत भी की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- बचीटी के बुजुर्ग किसान रहमान का कहना है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में इस संकट से जूझना पड़ता है। प्रशासन ने आज तक इसका कोई पुख्ता समाधान नहीं किया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
- महमूदपुर के किसान मोनू ने बताया कि पानी आने से खेत पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गया। धान समेत अन्य खरीफ फसलों को नुकसान का डर बना हुआ है। खेतों से पानी की निकासी कैसे की जाए इसे लेकर बेहद परेशान हैं।

- नन्हेड़ा गांव के किसान मिंटू का कहना है कि इस बार अच्छी फसल के लिए वह ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे, जितनी बारिश हुई वह फसलों के लिए लाभदायक थी। उत्तराखंड से छोड़े गए पानी के बहाव ने उन्हें भारी संकट में डाल दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed