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Saharanpur News: नोटिस प्राप्त मस्जिदों-मदरसों का जमीयत प्रतिनिधिमंडल ने किया निरीक्षण
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- अभिलेखों का परीक्षण कर जिम्मेदारों को हरसंभव कानूनी सहयोग का भरोसा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद। सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण के आरोप में नोटिस प्राप्त मस्जिदों और मदरसों का रविवार को जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रतिनिधिमंडल ने दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित संस्थानों के अभिलेखों का परीक्षण करते हुए प्रबंधकों से जानकारी ली और भविष्य की कानूनी प्रक्रिया में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के केंद्रीय कार्यालय के निर्देश पर देवबंद इकाई के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद इरफान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अंबेहटा शेखा, पांडोली, सोहनचिड़ा, चहलोली और पहाड़पुर गांवों का भ्रमण किया। इस दौरान नोटिस प्राप्त मस्जिदों और मदरसों के जिम्मेदारों से मुलाकात कर उपलब्ध दस्तावेजों का अवलोकन किया। साथ ही ग्रामीणों से भी जानकारी लेकर आवश्यक अभिलेखों को संकलित किया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें कानूनी प्रक्रिया में पेश किया जा सके।
मौलाना मोहम्मद इरफान ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने प्रत्येक स्थल पर जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया है। उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर संबंधित पक्षों को आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया गया। बताया कि अंबेहटा शेखा में मस्जिद से संबंधित भूमि वर्ष 1959 में ग्राम समाज की थी, जिसे बाद में चकबंदी के दौरान आबादी की भूमि में शामिल कर लिया गया।
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वहीं, पहाड़पुर में मस्जिद के संबंध में स्थानीय लोगों ने बताया कि इसका निर्माण गांव की सहमति और तत्कालीन ग्राम प्रधान की लिखित अनुशंसा के बाद हुआ था। प्रतिनिधिमंडल में कारी मोहम्मद दिलशाद, कारी मोहम्मद अय्यूब, अधिवक्ता मोहम्मद सलमान, मौलवी मुंतज़र, अब्दुल रहमान तथा अब्दुल सत्तार आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद। सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण के आरोप में नोटिस प्राप्त मस्जिदों और मदरसों का रविवार को जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रतिनिधिमंडल ने दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित संस्थानों के अभिलेखों का परीक्षण करते हुए प्रबंधकों से जानकारी ली और भविष्य की कानूनी प्रक्रिया में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के केंद्रीय कार्यालय के निर्देश पर देवबंद इकाई के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद इरफान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अंबेहटा शेखा, पांडोली, सोहनचिड़ा, चहलोली और पहाड़पुर गांवों का भ्रमण किया। इस दौरान नोटिस प्राप्त मस्जिदों और मदरसों के जिम्मेदारों से मुलाकात कर उपलब्ध दस्तावेजों का अवलोकन किया। साथ ही ग्रामीणों से भी जानकारी लेकर आवश्यक अभिलेखों को संकलित किया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें कानूनी प्रक्रिया में पेश किया जा सके।
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मौलाना मोहम्मद इरफान ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने प्रत्येक स्थल पर जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया है। उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर संबंधित पक्षों को आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया गया। बताया कि अंबेहटा शेखा में मस्जिद से संबंधित भूमि वर्ष 1959 में ग्राम समाज की थी, जिसे बाद में चकबंदी के दौरान आबादी की भूमि में शामिल कर लिया गया।
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वहीं, पहाड़पुर में मस्जिद के संबंध में स्थानीय लोगों ने बताया कि इसका निर्माण गांव की सहमति और तत्कालीन ग्राम प्रधान की लिखित अनुशंसा के बाद हुआ था। प्रतिनिधिमंडल में कारी मोहम्मद दिलशाद, कारी मोहम्मद अय्यूब, अधिवक्ता मोहम्मद सलमान, मौलवी मुंतज़र, अब्दुल रहमान तथा अब्दुल सत्तार आदि मौजूद रहे।