मेरठ सेंट्रल मार्केट विवाद: नवीन गुप्ता हाउस अरेस्ट, अतुल प्रधान समेत 20 से ज्यादा नेताओं पर पुलिस का तस्करा
मेरठ में सेंट्रल मार्केट सीलिंग विवाद के बीच संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। वहीं सपा विधायक अतुल प्रधान समेत 20 से अधिक नेताओं के खिलाफ नौचंदी थाने में तस्करा दर्ज किया गया है।
विस्तार
मेरठ का सेंट्रल मार्केट विवाद लगातार गहराता जा रहा है। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता को पुलिस ने उनके आवास पर शनिवार रात्रि को ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर लिया गया। यह कार्रवाई आज सुबह प्रस्तावित हल्ला बोल कार्यक्रम को रोकने के लिए की गई।
शहर के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष को नजरबंद किया गया है। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने सपा विधायक अतुल प्रधान और सचिन सिरोही समेत 20 से अधिक नेताओं के खिलाफ नौचंदी थाने में तस्करा दर्ज कर उनकी निगरानी तेज कर दी है।
सेंट्रल मार्केट में आवास विकास द्वारा की जा रही सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के खिलाफ संयुक्त व्यापार संघ ने शुक्रवार को आवास विकास कार्यालय पर विशाल धरने की तैयारी की थी लेकिन बृहस्पतिवार देर रात 12 बजे भारी पुलिस बल नवीन गुप्ता के आवास पर पहुंच गया और उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया।
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नवीन गुप्ता ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इस बात की पुष्टि की और बताया कि पुलिस के अनुसार कुछ असामाजिक तत्व व्यापारियों के हल्ला बोल आंदोलन की आड़ में शहर की शांति भंग करने की फिराक में थे। शहर हित को सर्वोपरि रखते हुए नवीन गुप्ता ने शुक्रवार का धरना फिलहाल स्थगित कर दिया है और 665 इकाइयों के व्यापारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा, व्यापारियों के विषयों हर स्तर पर पहुंचाया जाता रहेगा।
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आवास विकास पर लापरवाही का आरोप
हालांकि नवीन गुप्ता की टीम ने बृहस्पतिवार को पूरे शहर में जनसंपर्क किया था। नवीन गुप्ता का वीडियो जारी होने के बाद सैकड़ों की संख्या में लोगों ने विषय को लेकर फोन पर संपर्क किया। नवीन गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों का यह अहित आवास विकास परिषद के अधिकारियों की लापरवाही के कारण हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की व्यापारी हितैषी नीतियों को अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सही ढंग से पेश नहीं किया। उन्होंने मांग की कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में देश के नामी वकीलों को खड़ा करे। कहा कि,व्यापारियों की संवेदनाओं और जमीनी हकीकत को कोर्ट के सामने मजबूती से रखा जाए। जनप्रतिनिधि अब ड्राइंग रूम से बाहर निकलकर सड़कों पर व्यापारियों के लिए लड़ें।
-उन्होंने चेतावनी दी कि आवास विकास ने मेरठ को एक नजीर (उदाहरण) बनाकर पेश किया है जिसके आधार पर अब अन्य राज्यों में भी ऐसी कार्रवाई की तैयारी है। गुप्ता ने स्पष्ट किया कि हम सरकार के साथ हैं लेकिन अपने व्यापारियों का अहित किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। अब यह समस्या केवल सेंट्रल मार्केट तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे मेरठ शहर की समस्या बन गई है।
रंजन शर्मा और जीतू नागपाल की भी निगरानी तेज
सेंट्रल मार्केट में चल रहे महिलाओं के धरने में शामिल होने और भड़काऊ बयानबाजी करने के आरोप में पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। नौचंदी पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना का हवाला देते हुए 20 से ज्यादा लोगों का तस्करा डाला है, जिनमें सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान, मुखिया गुर्जर (सपा नेता), रंजन शर्मा (महानगर अध्यक्ष, कांग्रेस), अवनीश काजला (पूर्व जिलाध्यक्ष कांग्रेस), जीतू सिंह नागपाल (जिलाध्यक्ष, मेरठ व्यापार मंडल), शैंकी वर्मा (महानगर अध्यक्ष, मेरठ व्यापार मंडल), सचिन सिरोही (राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन), धर्मेंद्र मलिक और कुलदीप त्यागी शामिल हैं।
-पुलिस सूत्रों के अनुसार कुछ भाजपा नेताओं के खिलाफ भी तस्करा डाला गया है जिनके नाम फिलहाल गुप्त रखे गए हैं। सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है ताकि माहौल न बिगड़े।
नेताओं की प्रतिक्रिया
विधायक अतुल प्रधान: मैं व्यापारियों के साथ हूं और डरने वाला नहीं हूं। अखिलेश यादव ने लोकसभा में यह मुद्दा उठाया है और मैं विधानसभा में फिर से इस प्रकरण को मजबूती से उठाऊंगा।
जीतू सिंह नागपाल : पुलिस केवल परेशान करने की मंशा से काम कर रही है, हम व्यापारियों के साथ खड़े रहेंगे।
सचिन सिरोही: मैं तीन दिन से धरना स्थल पर नहीं गया हूं यदि गलत कार्रवाई हुई तो मुख्यमंत्री से शिकायत की जाएगी।
