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Saharanpur: बारिश में धराशायी हुआ भीम आर्मी की स्थापना का साक्षी रहा छप्पर, कार्यकर्ताओं ने भाग कर जान बचाई
Sun, 09 Jul 2023 03:08 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 09 Jul 2023 03:08 PM IST
सार
सहारनपुर जनपद के छुटमलपुर में हरिजन कॉलोनी निवासी सतीश रावत का छप्पर शनिवार को भारी बारिश में धराशायी हो गया इस छप्पर के नीचे ही भीम आर्मी की स्थापना हुई थी छप्पर गिरने के दौरान भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने जैसे-तैसे भाग कर अपनी जान बचाई।
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भीम आर्मी की स्थापना का साक्षी रहा छप्पर
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
सहारनपुर के छुटमलपुर में भीम आर्मी की स्थापना का साक्षी रहा छुटमलपुर की हरिजन कॉलोनी निवासी सतीश रावत का छप्पर हाउस भारी बारिश के चलते धराशायी हो गया। उसके नीचे बैठे भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने भाग कर जान बचाई।
भीम आर्मी के संस्थापकों में शामिल रहे सतीश रावत का छुटमलपुर की हरिजन कॉलोनी में आवास है। इसके परिसर में ही एक बड़ा छप्पर डला हुआ है। भीम आर्मी की स्थापना चंद्रशेखर आजाद ने सतीश रावत और अन्य साथियों के साथ मिलकर इसी छप्पर में बैठकर की थी।
वृहद रूप लेने से पहले भीम आर्मी के शुरुआती आंदोलनों का केंद्र भी यही छप्पर रहा। दो दिन से लगातार हो रही बारिश के चलते रविवार की सुबह करीब 10 बजे अचानक यह छप्पर अचानक धराशायी हो गया। उस वक्त इसके नीचे सतीश रावत, फैजान अहमद, फिरोज खान, सचिन कर्णवाल बैठे थे। उन्होंने भाग कर अपनी जान बचाई।
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भीम आर्मी के संस्थापकों में शामिल रहे सतीश रावत का छुटमलपुर की हरिजन कॉलोनी में आवास है। इसके परिसर में ही एक बड़ा छप्पर डला हुआ है। भीम आर्मी की स्थापना चंद्रशेखर आजाद ने सतीश रावत और अन्य साथियों के साथ मिलकर इसी छप्पर में बैठकर की थी।
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वृहद रूप लेने से पहले भीम आर्मी के शुरुआती आंदोलनों का केंद्र भी यही छप्पर रहा। दो दिन से लगातार हो रही बारिश के चलते रविवार की सुबह करीब 10 बजे अचानक यह छप्पर अचानक धराशायी हो गया। उस वक्त इसके नीचे सतीश रावत, फैजान अहमद, फिरोज खान, सचिन कर्णवाल बैठे थे। उन्होंने भाग कर अपनी जान बचाई।
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