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Saharanpur News: खाते में रकम मांगने पर मिलता था 10 प्रतिशत कमीशन, तीन पर प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 23 Jan 2026 01:08 AM IST
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सहारनपुर। कमीशन के लालच में बैंक खाते बिक रहे हैं। केरल निवासी युवक से विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पांच लाख रुपये की साइबर ठगी हुई थी। यह रकम कोतवाली मंडी क्षेत्र की मंडी समिति रोड स्थित स्टेट बैंक शाखा में पहुंची। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच में सामने आया कि 10 प्रतिशत कमीशन के लालच में खाता नंबर दिया था।
केरल में एर्नाकुलम गांव निवासी एंटोनी केवी पुज बिनू से विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पांच लाख रुपये एसबीआई खाते में ट्रांसफर कराई गई थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पाया गया कि संदिग्ध खाता एसबीआई शाखा मंडी समिति सहारनपुर का है, जो खाताखेड़ी निवासी मासूम के नाम पर है। इस मामले की तहरीर उप निरीक्षक दीपक कुमार की ओर से दी गई। इसके बाद पुलिस ने मासूम को कोतवाली मंडी बुलाकर पूछताछ की, जिसमें उसने बताया कि यह खाता उसने उवैश मलिक और आसिफ अंसारी को उपयोग के लिए दे रखा था।
मासूम ने पुलिस को यह भी बताया कि आसिफ अंसारी और उवैश मलिक ने उसे कहा था कि खाते में जो भी रकम आए, उसे तुरंत निकाल लेना। क्योंकि, वह साइबर फ्रॉड से संबंधित है। खाता कभी भी फ्रीज हो सकता है। बदले में उसे हर ट्रांजेक्शन पर 10 प्रतिशत कमीशन देने का लालच दिया गया। पुलिस ने मासूम, उवैश मलिक व आसिफ अंसारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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-- आसिफ अंसारी का पुराना साइबर रिकॉर्ड
पुलिस जांच में सामने आया कि आसिफ अंसारी पूर्व में भी साइबर फ्रॉड में संलिप्त रहा है। उसके खिलाफ साइबर थाना सोनीपत (हरियाणा) में करीब 10.51 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज है, जिसके चलते उसका एचडीएफसी बैंक का खाता पहले ही फ्रीज किया जा चुका है। समन्वय पोर्टल की जांच में यह भी सामने आया कि सोनीपत निवासी माधवी ने 12 फरवरी 2024 को इंस्टाग्राम ट्रेडिंग फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें भी आसिफ अंसारी का नाम सामने आया।
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-- कमीशन बेस पर होता था फ्रॉड का खेल
मासूम के फोन करने पर आसिफ अंसारी और उवैश मलिक कोतवाली मंडी पहुंचे। पूछताछ में आसिफ अंसारी ने स्वीकार किया कि तीनों लोग कमीशन के आधार पर साइबर फ्रॉड की रकम अपने खातों में डलवाते थे। यह रकम इंस्टाग्राम पर राहुल नाम के व्यक्ति से चैटिंग के दौरान मंगवाई जाती थी, जिसे बाद में कमीशन काटकर यूएसडी व क्रिप्टोकरेंसी में ट्रांसफर कर दिया जाता था।
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-- मोबाइल से डिलीट मिली चैट
पुलिस जांच में आरोपियों के मोबाइल से इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप चैट डिलीट पाई गई। तीनों आरोपी आपस में व्हाट्सएप के माध्यम से जुड़े हुए थे और सबूत मिटाने के उद्देश्य से चैट हिस्ट्री डिलीट कर दी गई थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों के मोबाइल जब्त कर लिए हैं।
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केरल में एर्नाकुलम गांव निवासी एंटोनी केवी पुज बिनू से विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पांच लाख रुपये एसबीआई खाते में ट्रांसफर कराई गई थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पाया गया कि संदिग्ध खाता एसबीआई शाखा मंडी समिति सहारनपुर का है, जो खाताखेड़ी निवासी मासूम के नाम पर है। इस मामले की तहरीर उप निरीक्षक दीपक कुमार की ओर से दी गई। इसके बाद पुलिस ने मासूम को कोतवाली मंडी बुलाकर पूछताछ की, जिसमें उसने बताया कि यह खाता उसने उवैश मलिक और आसिफ अंसारी को उपयोग के लिए दे रखा था।
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मासूम ने पुलिस को यह भी बताया कि आसिफ अंसारी और उवैश मलिक ने उसे कहा था कि खाते में जो भी रकम आए, उसे तुरंत निकाल लेना। क्योंकि, वह साइबर फ्रॉड से संबंधित है। खाता कभी भी फ्रीज हो सकता है। बदले में उसे हर ट्रांजेक्शन पर 10 प्रतिशत कमीशन देने का लालच दिया गया। पुलिस ने मासूम, उवैश मलिक व आसिफ अंसारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आसिफ अंसारी पूर्व में भी साइबर फ्रॉड में संलिप्त रहा है। उसके खिलाफ साइबर थाना सोनीपत (हरियाणा) में करीब 10.51 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज है, जिसके चलते उसका एचडीएफसी बैंक का खाता पहले ही फ्रीज किया जा चुका है। समन्वय पोर्टल की जांच में यह भी सामने आया कि सोनीपत निवासी माधवी ने 12 फरवरी 2024 को इंस्टाग्राम ट्रेडिंग फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें भी आसिफ अंसारी का नाम सामने आया।
मासूम के फोन करने पर आसिफ अंसारी और उवैश मलिक कोतवाली मंडी पहुंचे। पूछताछ में आसिफ अंसारी ने स्वीकार किया कि तीनों लोग कमीशन के आधार पर साइबर फ्रॉड की रकम अपने खातों में डलवाते थे। यह रकम इंस्टाग्राम पर राहुल नाम के व्यक्ति से चैटिंग के दौरान मंगवाई जाती थी, जिसे बाद में कमीशन काटकर यूएसडी व क्रिप्टोकरेंसी में ट्रांसफर कर दिया जाता था।
पुलिस जांच में आरोपियों के मोबाइल से इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप चैट डिलीट पाई गई। तीनों आरोपी आपस में व्हाट्सएप के माध्यम से जुड़े हुए थे और सबूत मिटाने के उद्देश्य से चैट हिस्ट्री डिलीट कर दी गई थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों के मोबाइल जब्त कर लिए हैं।
