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Sambhal News: कब्जाधारकों का स्टे खारिज, राहत की आस टूटी
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संभल/चंदौसी। जामा मस्जिद के नजदीक स्थित कब्रिस्तान की जमीन पर बने निर्माण मामले में सिविल कोर्ट ने प्रशासन की कार्रवाई पर लगाया स्टे खारिज कर दिया है। अब अगली सुनवाई चार मई को होनी है। अब प्रशासन अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ा सकता है। हालांकि मामला कोर्ट के निर्णय के बाद तेजी से आगे बढ़ेगा। इससे काबिज लोगों की मुश्किल बढ़ सकती हैं। मकान और दुकानों पर अब ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का खतरा मंडराने लगा है।
करीब आठ बीघा जमीन पर कई लोगों के कब्जा करने का मामला उस समय प्रकाश में आया था जब डीएम को सुभाष त्यागी ने शिकायतीपत्र दिया था। जिसमें बताया गया था कि 1990 से पहले तक पूरी तरह यह जमीन कब्रिस्तान थी और बाद में लोगों ने इस पर अवैध कब्जे किए और निर्माण कर लिए। वर्तमान में मकान और दुकानें बना ली हैं।
इसके बाद प्रशासन ने पैमाइश कराई तो शिकायत सही पाई गई थी। कुछ लोग हाईकोर्ट पहुंच गए थे लेकिन हाईकोर्ट ने निचली अदालत के लिए भेज दिया था। प्रशासन के नोटिस के बाद कब्जेदारों ने सिविल कोर्ट में याचिका डाली की थी, जिस पर कोर्ट ने स्टे लगा दिया था। इसी स्टे को लेकर शुक्रवार को बहस हुई और स्टे को कोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया। अब अगली सुनवाई चार मई को होनी है।
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करीब आठ बीघा जमीन पर कई लोगों के कब्जा करने का मामला उस समय प्रकाश में आया था जब डीएम को सुभाष त्यागी ने शिकायतीपत्र दिया था। जिसमें बताया गया था कि 1990 से पहले तक पूरी तरह यह जमीन कब्रिस्तान थी और बाद में लोगों ने इस पर अवैध कब्जे किए और निर्माण कर लिए। वर्तमान में मकान और दुकानें बना ली हैं।
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इसके बाद प्रशासन ने पैमाइश कराई तो शिकायत सही पाई गई थी। कुछ लोग हाईकोर्ट पहुंच गए थे लेकिन हाईकोर्ट ने निचली अदालत के लिए भेज दिया था। प्रशासन के नोटिस के बाद कब्जेदारों ने सिविल कोर्ट में याचिका डाली की थी, जिस पर कोर्ट ने स्टे लगा दिया था। इसी स्टे को लेकर शुक्रवार को बहस हुई और स्टे को कोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया। अब अगली सुनवाई चार मई को होनी है।