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Sant Kabir Nagar News: धनंजय के करीबी विक्रांत की संपत्तियां रडार पर
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संतकबीरनगर। शेयर में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस अब आरोपियों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। मुख्य आरोपी धनंजय के करीबी और इस मामले में जेल में बंद आरोपी विक्रांत की गोरखपुर के खजनी, सहजनवा और लखनऊ में खरीदी गई संपत्तियां पुलिस ने चिह्नित कर ली हैं। इनके जब्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि विक्रांत ने ठगी से अर्जित धन से खजनी, सहजनवा और लखनऊ में संपत्तियां खरीदी थीं। यही नहीं उसने अपनी पत्नी के नाम से भी उसी खाते से रुपये ट्रांसफर करके प्रापर्टी बनाई। खजनी क्षेत्र में लगभग दो करोड़ रुपये का मकान और अन्य अचल संपत्तियां शामिल हैं।
इसके अलावा सहजनवा और लखनऊ में भी उसके व पत्नी के नाम पर संपत्तियां मिलने की जानकारी मिली है।
जांच के बाद पुलिस ने विक्रांत और उसकी पत्नी को संपत्तियों के जब्तीकरण की कार्रवाई के संबंध में नोटिस जारी किया है। दोनों को 23 जुलाई को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है तो पुलिस न्यायालय के आदेश पर संपत्तियों को जब्त कराने की कार्रवाई आगे बढ़ाएगी।
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विक्रांत पहले से ही निवेश के नाम पर लोगों से ठगी के मामले में जेल में बंद है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना के दौरान लगातार आर्थिक लेन-देन और संपत्तियों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में विभिन्न स्थानों पर खरीदी गई अचल संपत्तियों का विवरण जुटाया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ठगी से अर्जित धन से बनाई गई संपत्तियों को चिह्नित कर कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कराया जाएगा। इसके लिए राजस्व अभिलेख, बैंक लेन-देन और रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। मामले में अन्य आरोपियों और उनके नाम पर खरीदी गई संपत्तियों की भी पड़ताल जारी है।
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ठगी के मास्टरमाइंड धनंजय की संपत्तियों के कुर्की की तैयारी तेज
शेयर में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में मुख्य आरोपी धनंजय की संपत्तियों के खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई की तैयारी में है। लखनऊ स्थित करीब 90 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति (मकान) के कुर्की की तैयारी अंतिम चरण में है। जांच अधिकारी उसके अन्य चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा जुटा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि किन-किन रिश्तेदारों या सहयोगियों के नाम पर संपत्तियां खरीदी गई हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर न्यायालय की अनुमति से कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक आरोपियों द्वारा ठगी की रकम से अर्जित संपत्तियों को चिह्नित कर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
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निवेश पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों की ठगी
लोगों को अधिक लाभ का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह की परतें लगातार खुल रही हैं। मामले में मुख्य आरोपी धनंजय समेत कई आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है और कुछ आरोपी जेल में हैं। विवेचना के दौरान पुलिस को ऐसे कई दस्तावेज मिले हैं, जिनसे ठगी की रकम से विभिन्न जिलों में संपत्तियां खरीदने के संकेत मिले हैं। अब पुलिस आर्थिक अपराध से अर्जित संपत्तियों का सत्यापन कर उन्हें जब्त कराने की कानूनी प्रक्रिया में जुटी है। मामले में आगे और संपत्तियां चिह्नित होने की संभावना भी जताई जा रही है।
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मामले की विवेचना चल रही है। जांच में जो तथ्य सामने आ रहे हैं उसे शामिल किया जा रहा है।
-अभयनाथ मिश्रा, सीओ, धनघटा
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पुलिस की जांच में सामने आया है कि विक्रांत ने ठगी से अर्जित धन से खजनी, सहजनवा और लखनऊ में संपत्तियां खरीदी थीं। यही नहीं उसने अपनी पत्नी के नाम से भी उसी खाते से रुपये ट्रांसफर करके प्रापर्टी बनाई। खजनी क्षेत्र में लगभग दो करोड़ रुपये का मकान और अन्य अचल संपत्तियां शामिल हैं।
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इसके अलावा सहजनवा और लखनऊ में भी उसके व पत्नी के नाम पर संपत्तियां मिलने की जानकारी मिली है।
जांच के बाद पुलिस ने विक्रांत और उसकी पत्नी को संपत्तियों के जब्तीकरण की कार्रवाई के संबंध में नोटिस जारी किया है। दोनों को 23 जुलाई को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है तो पुलिस न्यायालय के आदेश पर संपत्तियों को जब्त कराने की कार्रवाई आगे बढ़ाएगी।
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विक्रांत पहले से ही निवेश के नाम पर लोगों से ठगी के मामले में जेल में बंद है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना के दौरान लगातार आर्थिक लेन-देन और संपत्तियों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में विभिन्न स्थानों पर खरीदी गई अचल संपत्तियों का विवरण जुटाया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ठगी से अर्जित धन से बनाई गई संपत्तियों को चिह्नित कर कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कराया जाएगा। इसके लिए राजस्व अभिलेख, बैंक लेन-देन और रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। मामले में अन्य आरोपियों और उनके नाम पर खरीदी गई संपत्तियों की भी पड़ताल जारी है।
ठगी के मास्टरमाइंड धनंजय की संपत्तियों के कुर्की की तैयारी तेज
शेयर में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में मुख्य आरोपी धनंजय की संपत्तियों के खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई की तैयारी में है। लखनऊ स्थित करीब 90 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति (मकान) के कुर्की की तैयारी अंतिम चरण में है। जांच अधिकारी उसके अन्य चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा जुटा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि किन-किन रिश्तेदारों या सहयोगियों के नाम पर संपत्तियां खरीदी गई हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर न्यायालय की अनुमति से कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक आरोपियों द्वारा ठगी की रकम से अर्जित संपत्तियों को चिह्नित कर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
निवेश पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों की ठगी
लोगों को अधिक लाभ का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह की परतें लगातार खुल रही हैं। मामले में मुख्य आरोपी धनंजय समेत कई आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है और कुछ आरोपी जेल में हैं। विवेचना के दौरान पुलिस को ऐसे कई दस्तावेज मिले हैं, जिनसे ठगी की रकम से विभिन्न जिलों में संपत्तियां खरीदने के संकेत मिले हैं। अब पुलिस आर्थिक अपराध से अर्जित संपत्तियों का सत्यापन कर उन्हें जब्त कराने की कानूनी प्रक्रिया में जुटी है। मामले में आगे और संपत्तियां चिह्नित होने की संभावना भी जताई जा रही है।
मामले की विवेचना चल रही है। जांच में जो तथ्य सामने आ रहे हैं उसे शामिल किया जा रहा है।
-अभयनाथ मिश्रा, सीओ, धनघटा