{"_id":"6a61055553775028d803f33a","slug":"if-i-stay-for-a-few-days-i-will-set-things-right-in-jigina-babhanouli-village-khalilabad-news-c-209-1-skn1001-154229-2026-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: कुछ दिन रह गया तो सुधार दूंगा जिगिना-बभनौली गांव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: कुछ दिन रह गया तो सुधार दूंगा जिगिना-बभनौली गांव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धनघटा। चकबंदी कार्यालय में बुधवार को जब किसान लेखपाल के सामने एंटी करप्शन टीम के लोगों के साथ पहुंचा तो उसे देखते ही लेखपाल ने कहा कि आ गए, उसके बाद हाथ में दस हजार रुपये रिश्वत के रूप में लेते हुए कहा कि कुछ दिन रह गया तो जिगिना और बभनौली गांव को सुधार दूंगा। इतने में ही एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल को दबोच लिया।
चकबंदी लेखपाल अभय सिंह करीब छह महीने से जिगिना और बभनौली गांव में कार्यरत है। किसानों का कहना है कि लेखपाल अभय सिंह बगैर रिश्वत के कोई काम नहीं करते थे। जिगिना के टोला शीतल पुरवा निवासी कन्हैया लाल पुत्र किशुनदेव भी अभिलेख में सुधार कराने के लिए दौड़ रहे थे। कन्हैया का कहना है कि लेखपाल अभय सिंह काम के बदले उनसे 10,000 रुपये रिश्वत मांग रहे थे।
15 दिनों तक परेशान होने के बाद जब काम नहीं हुआ तो किसान कन्हैयालाल ने लेखपाल को सबक सिखाने का मन बना लिया। कन्हैया लाल बताते हैं कि एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया और बुधवार को टीम के लोगों के साथ लेखपाल अभय सिंह के पास पहुंचा।
विज्ञापन
लेखपाल अभय सिंह एंटी करप्शन टीम को पहचान नहीं पाए और उन्हीं के सामने बभनौली और जिगिना गांव को सुधारने की नसीहत देते हुए रुपये पकड़ लिए।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वहां मौजूद लेखपाल के स्टाफ के लोग और काश्तकार कुछ समझ ही नहीं पाए की एंटी करप्शन टीम के लोग लेखपाल अभय को पकड़ कर कार्यालय से नीचे ले आए और गाड़ी में बैठाकर निकल गए।
बाद में लोगों को पता चला कि लेखपाल अभय सिंह को एंटी करप्शन टीम अपने साथ लेकर गई है। इसके बाद चकबंदी कार्यालय में सन्नाटा पसर गया। इस बात की चर्चा पूरे तहसील परिसर में होने लगी।
-- --
पूर्व में घूस लेते हुए इन लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
संतकबीरनगर। मार्च 2026 में बस्ती मंडल की एंटी करप्शन टीम ने विकास भवन स्थित जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय पर छापा मारकर स्थापना लिपिक (बाबू/सफाईकर्मी) राजन कुमार को 10,000 रुपये की घूस लेते पकड़ा था। एक सफाई कर्मचारी सुधीर सिंह की पूर्ण बहाली और रुके वेतन भुगतान के नाम पर रिश्वत मांगी गई थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को खलीलाबाद कोतवाली ले जाया गया था। अगस्त 2025 में बस्ती एंटी करप्शन की टीम ने खलीलाबाद तहसील में तैनात लेखपाल राम अवध को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मगहर के एक निवासी से जमीन की पैमाइश करने के नाम पर रिश्वत की मांग की गई थी। अगस्त 2024 में एंटी करप्शन टीम ने मेंहदावल तहसील के गेट पर एक चकबंदी कानूनगो को 5,000 की घूस लेते हुए दोपहर में दबोचा था। पीड़ित की जमीन चकबंदी प्रक्रिया के दौरान दूसरी जगह ट्रांसफर कर दी गई थी, जिसे सही करने के नाम पर कानूनगो ने पैसे मांगे थे। आरोपी को बखिरा थाने ले जाकर जेल भेजा गया। मार्च 2023 में एंटी करप्शन टीम ने मेंहदावल तहसील के पास एक चाय की दुकान से लेखपाल अश्वनी मिश्रा को 50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। गोरखपुर निवासी एक व्यक्ति की जमीन के बंटवारे की फाइल में रिपोर्ट लगाने के नाम पर इस मोटी रकम की मांग की गई थी।
विज्ञापन
चकबंदी लेखपाल अभय सिंह करीब छह महीने से जिगिना और बभनौली गांव में कार्यरत है। किसानों का कहना है कि लेखपाल अभय सिंह बगैर रिश्वत के कोई काम नहीं करते थे। जिगिना के टोला शीतल पुरवा निवासी कन्हैया लाल पुत्र किशुनदेव भी अभिलेख में सुधार कराने के लिए दौड़ रहे थे। कन्हैया का कहना है कि लेखपाल अभय सिंह काम के बदले उनसे 10,000 रुपये रिश्वत मांग रहे थे।
विज्ञापन
15 दिनों तक परेशान होने के बाद जब काम नहीं हुआ तो किसान कन्हैयालाल ने लेखपाल को सबक सिखाने का मन बना लिया। कन्हैया लाल बताते हैं कि एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया और बुधवार को टीम के लोगों के साथ लेखपाल अभय सिंह के पास पहुंचा।
विज्ञापन
लेखपाल अभय सिंह एंटी करप्शन टीम को पहचान नहीं पाए और उन्हीं के सामने बभनौली और जिगिना गांव को सुधारने की नसीहत देते हुए रुपये पकड़ लिए।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वहां मौजूद लेखपाल के स्टाफ के लोग और काश्तकार कुछ समझ ही नहीं पाए की एंटी करप्शन टीम के लोग लेखपाल अभय को पकड़ कर कार्यालय से नीचे ले आए और गाड़ी में बैठाकर निकल गए।
बाद में लोगों को पता चला कि लेखपाल अभय सिंह को एंटी करप्शन टीम अपने साथ लेकर गई है। इसके बाद चकबंदी कार्यालय में सन्नाटा पसर गया। इस बात की चर्चा पूरे तहसील परिसर में होने लगी।
पूर्व में घूस लेते हुए इन लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
संतकबीरनगर। मार्च 2026 में बस्ती मंडल की एंटी करप्शन टीम ने विकास भवन स्थित जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय पर छापा मारकर स्थापना लिपिक (बाबू/सफाईकर्मी) राजन कुमार को 10,000 रुपये की घूस लेते पकड़ा था। एक सफाई कर्मचारी सुधीर सिंह की पूर्ण बहाली और रुके वेतन भुगतान के नाम पर रिश्वत मांगी गई थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को खलीलाबाद कोतवाली ले जाया गया था। अगस्त 2025 में बस्ती एंटी करप्शन की टीम ने खलीलाबाद तहसील में तैनात लेखपाल राम अवध को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मगहर के एक निवासी से जमीन की पैमाइश करने के नाम पर रिश्वत की मांग की गई थी। अगस्त 2024 में एंटी करप्शन टीम ने मेंहदावल तहसील के गेट पर एक चकबंदी कानूनगो को 5,000 की घूस लेते हुए दोपहर में दबोचा था। पीड़ित की जमीन चकबंदी प्रक्रिया के दौरान दूसरी जगह ट्रांसफर कर दी गई थी, जिसे सही करने के नाम पर कानूनगो ने पैसे मांगे थे। आरोपी को बखिरा थाने ले जाकर जेल भेजा गया। मार्च 2023 में एंटी करप्शन टीम ने मेंहदावल तहसील के पास एक चाय की दुकान से लेखपाल अश्वनी मिश्रा को 50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। गोरखपुर निवासी एक व्यक्ति की जमीन के बंटवारे की फाइल में रिपोर्ट लगाने के नाम पर इस मोटी रकम की मांग की गई थी।