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Sant Kabir Nagar News: मेंहदावल बाईपास निर्माण में अवरोध नहीं हो रहे खत्म
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कई गांव के लोगों ने अभी तक नहीं जमा किया सीसी फॉर्म
किसानों ने उचित मुआवजा देने के लिए भरी हुंकार
मेंहदावल। मेंहदावल क्षेत्र में बाईपास सड़क निर्माण की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। पहले ही लोग मुआवजे को लेकर आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। पुराना बाईपास सड़क निर्माण के मुआवजा का मामला अभी तक निस्तारित नहीं हुआ है। दूसरी तरफ बाईपास सड़क के चौड़ीकरण के मामले में भी पेच फंस गया है।
कई गांव के किसानों ने बाईपास सड़क के चौड़ीकरण पर आपत्ति दर्ज कराते हुए अधिकारियों को प्रार्थनापत्र दिया है। मुआवजे के लिए अभी तक सीसी फॉर्म तक नहीं जमा किए गए हैं। ऐसे में इस सड़क निर्माण का मामला अधर में है।
मेंहदावल क्षेत्र में बाईपास सड़क के चौड़ीकरण व निर्माण में प्रतिदिन नया पेच फंसता जा रहा है। अभी तक बीमापार से बाराखाल तक बाईपास सड़क निर्माण का पुराना मुआवजा किसानों को नहीं मिला है। इसको लेकर विरोध-प्रदर्शन अभी तक जारी है। वन निगम के कर्मचारियों को किसानों ने सड़क चौड़ीकरण के लिए काटे जा रहे पेड़ को रोक कर विरोध दर्ज कराया था।
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दूसरी तरफ मंझरिया तिवारी कांटी कटकही समेत कई गांव के लोगों ने अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर सवाल उठाए हैं। तहसील दिवस में किसानों ने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर भूमि का उचित मुआवजा देने की मांग उठाई थी। किसानों ने विरोध दर्ज कराते हुए अभी तक मुआवजे के लिए मिले सीसी फॉर्म तक नहीं जमा किए।
ऐसे में बाईपास सड़क निर्माण का मामला अधर में लटकता जा रहा है। किसानों का कहना है कि हल्का लेखपाल अपनी मनमर्जी से हिस्सा कसी कर रहे हैं। सड़क पर स्थित कीमती जमीन अधिग्रहित की जा रही है और मुआवजा कम दिया जा रहा है। जो किसानों के साथ धोखा है।
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बस्ती हडिया से बाईपास सड़क नदौर बाजार होते हुए मंझरिया तिवारी से घूमकर कांटी कटकही टेडुवा गेडुवा होते हुए बीमापार से बराखाल होते हुए करमैनी निकलेगी। जिन किसानों का भूमि अधिग्रहित किया जा रहा है उसका मुआवजा काफी कम है। इन समस्याओं को लेकर पहले ही जिला अधिकारी को संपूर्ण तहसील समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन अभी तक किसानों के समस्या का निस्तारण नहीं हुआ। इसलिए मुआवजे के लिए सीसी फॉर्म भी किसान नहीं जमा कर रहे हैं।
- संदीप तिवारी किसान, मंझरिया तिवारी
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बाईपास सड़क के चौड़ीकरण व निर्माण में किसानों की भूमि अधिग्रहित किया जा रहा है, लेकिन मुआवजा ग्रामीण क्षेत्र का दिया जा रहा है।नगर के विस्तारित क्षेत्र में शामिल होने के बाद रजिस्ट्री विभाग का सर्किल रेट शहरी हो गया है, लेकिन मुआवजा ग्रामीण क्षेत्र का दिया जा रहा है। सर्किल रेट बढ़ाने के लिए डीएम व एडीएम को प्रार्थनापत्र भी दिया गया है। बाईपास सड़क निर्माण में जिस सर्किल रेट से मुआवजा किसानों को दी जा रही है उसमें किसानों का नुकसान है। हम लोग मुआवजे के लिए नेटवर्क फॉर्म जमा किए हैं न मुआवजा मेंहदावल क्षेत्र के किसानों को अभी तक मिला है। जब तक मुआवज़े में आ रही विसंगतियां नहीं दूर होगी तब तक किसान अपनी भूमि अधिग्रहित नहीं करने देंगे।
- रामानंद तिवारी, मंझरिया तिवारी
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मामला संज्ञान में नही है, यदि कोई प्रार्थना पत्र आया होगा तो उसकी जांच कराया जाएगा। तहसील स्तर से भी मामले की जानकारी लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-सत्य प्रकाश त्रिपाठी, एडीएम
किसानों ने उचित मुआवजा देने के लिए भरी हुंकार
मेंहदावल। मेंहदावल क्षेत्र में बाईपास सड़क निर्माण की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। पहले ही लोग मुआवजे को लेकर आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। पुराना बाईपास सड़क निर्माण के मुआवजा का मामला अभी तक निस्तारित नहीं हुआ है। दूसरी तरफ बाईपास सड़क के चौड़ीकरण के मामले में भी पेच फंस गया है।
कई गांव के किसानों ने बाईपास सड़क के चौड़ीकरण पर आपत्ति दर्ज कराते हुए अधिकारियों को प्रार्थनापत्र दिया है। मुआवजे के लिए अभी तक सीसी फॉर्म तक नहीं जमा किए गए हैं। ऐसे में इस सड़क निर्माण का मामला अधर में है।
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मेंहदावल क्षेत्र में बाईपास सड़क के चौड़ीकरण व निर्माण में प्रतिदिन नया पेच फंसता जा रहा है। अभी तक बीमापार से बाराखाल तक बाईपास सड़क निर्माण का पुराना मुआवजा किसानों को नहीं मिला है। इसको लेकर विरोध-प्रदर्शन अभी तक जारी है। वन निगम के कर्मचारियों को किसानों ने सड़क चौड़ीकरण के लिए काटे जा रहे पेड़ को रोक कर विरोध दर्ज कराया था।
दूसरी तरफ मंझरिया तिवारी कांटी कटकही समेत कई गांव के लोगों ने अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर सवाल उठाए हैं। तहसील दिवस में किसानों ने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर भूमि का उचित मुआवजा देने की मांग उठाई थी। किसानों ने विरोध दर्ज कराते हुए अभी तक मुआवजे के लिए मिले सीसी फॉर्म तक नहीं जमा किए।
ऐसे में बाईपास सड़क निर्माण का मामला अधर में लटकता जा रहा है। किसानों का कहना है कि हल्का लेखपाल अपनी मनमर्जी से हिस्सा कसी कर रहे हैं। सड़क पर स्थित कीमती जमीन अधिग्रहित की जा रही है और मुआवजा कम दिया जा रहा है। जो किसानों के साथ धोखा है।
बस्ती हडिया से बाईपास सड़क नदौर बाजार होते हुए मंझरिया तिवारी से घूमकर कांटी कटकही टेडुवा गेडुवा होते हुए बीमापार से बराखाल होते हुए करमैनी निकलेगी। जिन किसानों का भूमि अधिग्रहित किया जा रहा है उसका मुआवजा काफी कम है। इन समस्याओं को लेकर पहले ही जिला अधिकारी को संपूर्ण तहसील समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन अभी तक किसानों के समस्या का निस्तारण नहीं हुआ। इसलिए मुआवजे के लिए सीसी फॉर्म भी किसान नहीं जमा कर रहे हैं।
- संदीप तिवारी किसान, मंझरिया तिवारी
बाईपास सड़क के चौड़ीकरण व निर्माण में किसानों की भूमि अधिग्रहित किया जा रहा है, लेकिन मुआवजा ग्रामीण क्षेत्र का दिया जा रहा है।नगर के विस्तारित क्षेत्र में शामिल होने के बाद रजिस्ट्री विभाग का सर्किल रेट शहरी हो गया है, लेकिन मुआवजा ग्रामीण क्षेत्र का दिया जा रहा है। सर्किल रेट बढ़ाने के लिए डीएम व एडीएम को प्रार्थनापत्र भी दिया गया है। बाईपास सड़क निर्माण में जिस सर्किल रेट से मुआवजा किसानों को दी जा रही है उसमें किसानों का नुकसान है। हम लोग मुआवजे के लिए नेटवर्क फॉर्म जमा किए हैं न मुआवजा मेंहदावल क्षेत्र के किसानों को अभी तक मिला है। जब तक मुआवज़े में आ रही विसंगतियां नहीं दूर होगी तब तक किसान अपनी भूमि अधिग्रहित नहीं करने देंगे।
- रामानंद तिवारी, मंझरिया तिवारी
मामला संज्ञान में नही है, यदि कोई प्रार्थना पत्र आया होगा तो उसकी जांच कराया जाएगा। तहसील स्तर से भी मामले की जानकारी लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-सत्य प्रकाश त्रिपाठी, एडीएम