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आउटसोर्स कर्मचारियों को यूपीकोस के अधीन लाया जाए : दिलीप
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विद्युत कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर दिया धरना
संतकबीरनगर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बुधवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान विद्युत निगमों के निजीकरण को वापस लेने और आउटसोर्स कर्मचारियों को यूपीकोस के अधीन लाए जाने की मांग की।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी दिलीप मौर्य ने कहा कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था को तकनीक आधारित, जवाबदेह, पारदर्शी तथा कर्मचारी हितैषी बनाया जाए तथा कर्मचारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ऊर्जा निगमों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को यूपीकोस के दायरे में लाने में लगातार बाधाएं उत्पन्न कर रहा है।
इतना ही नहीं तो आउटसोर्स संविदा कर्मियों को बड़ी संख्या में हटाया भी जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इंजीनियर अमित सिंह ने कहा कि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री व वित्त मंत्री आउटसोर्स एवं संविदा कर्मियों को सेवा में वापस लेने के निर्देश दिए जाने के बावजूद कर्मियों को अब तक कार्य पर वापस नहीं लिया गया है। इससे बिजली व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है तथा लाखों उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत सेवा उपलब्ध कराने में कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं।
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इस दौरान संयोजक मुकेश गुप्ता, आशीष कुमार, रमेश प्रजापति, आर्यन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, अशोक कुमार, भास्कर पांडेय, रितेश कुमार, मनोज यादव, संतोष गुप्ता, ओमप्रकाश राय, प्रिंस गुप्ता, अमरनाथ यादव , दिलीप सिंह, ओंकार चौरसिया, विजय कुमार आदि मौजूद रहे।
संतकबीरनगर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बुधवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान विद्युत निगमों के निजीकरण को वापस लेने और आउटसोर्स कर्मचारियों को यूपीकोस के अधीन लाए जाने की मांग की।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी दिलीप मौर्य ने कहा कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था को तकनीक आधारित, जवाबदेह, पारदर्शी तथा कर्मचारी हितैषी बनाया जाए तथा कर्मचारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ऊर्जा निगमों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को यूपीकोस के दायरे में लाने में लगातार बाधाएं उत्पन्न कर रहा है।
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इतना ही नहीं तो आउटसोर्स संविदा कर्मियों को बड़ी संख्या में हटाया भी जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इंजीनियर अमित सिंह ने कहा कि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री व वित्त मंत्री आउटसोर्स एवं संविदा कर्मियों को सेवा में वापस लेने के निर्देश दिए जाने के बावजूद कर्मियों को अब तक कार्य पर वापस नहीं लिया गया है। इससे बिजली व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है तथा लाखों उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत सेवा उपलब्ध कराने में कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं।
इस दौरान संयोजक मुकेश गुप्ता, आशीष कुमार, रमेश प्रजापति, आर्यन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, अशोक कुमार, भास्कर पांडेय, रितेश कुमार, मनोज यादव, संतोष गुप्ता, ओमप्रकाश राय, प्रिंस गुप्ता, अमरनाथ यादव , दिलीप सिंह, ओंकार चौरसिया, विजय कुमार आदि मौजूद रहे।