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Sant Kabir Nagar News: नदियों का घट रहा जलस्तर, खेतों में पानी भरने से पशुओं के चारे का गहराया संकट
Sat, 01 Aug 2026 12:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 01 Aug 2026 12:07 AM IST
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धनघटा। सरयू नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट जारी है। नदी का पानी घटते हुए शुक्रवार को 78.15 मीटर पर पहुंच गया। इस तरह नदी एक दिन में 10 सेमी घटी है। अब न तो किसी गांव को बाढ़ का खतरा है और न ही बंधे पर दबाव है।
नदी का पानी बढ़ते हुए 78.55 मीटर पर पहुंच गया था। नदी का पानी बढ़ने से कई गांवों को बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया था तो एमबीडी बांध पर पानी का दबाव बढ़ गया था। इधर तीन दिनों से नदी का जलस्तर घटते हुए शुक्रवार को 78.15 मीटर पर पहुंच गया। रामपुर दक्षिणी, गायघाट दक्षिणी, ढोल बजा, गुनवतिया, चकदहा आदि गांव के करीब पहुंच चुका बाढ़ का पानी अब गांवों से काफी दूर पहुंच गया है।
रोसयाबाजार संवाद के अनुसार, नदी का जलस्तर दो दिन से लगातार घट रहा है लेकिन बाढ़ से बांध के किनारे बसे रामपुर परडिया, नकहा, तेजपुर, भोतहा, नरायनपुर, छपरा मगर्वी का कुर्मियान टोला आदि गांव के लोगों ने जलस्तर में कमी आने से राहत की सांस ली है वहीं लोगों की परेशानियां बरकरार हैं। रामपियारे निषाद, राजू निषाद, रामज्ञा निषाद, दल सिंगार निषाद, राजेन्द्र, सीताराम, वंश बहादूर, हरिनाथ, रामनिवास, रामपलट, सीता राम, रूदल, इंद्रेश निषाद, संजय निषाद आदि का कहना है कि धान, परवर, पशुओं के लिए बोई गई चरी आदि के डूब जाने से फसल खराब होने का डर है। पशुओं के लिए चारा लेने के लिए नाव से जाना पड़ता है।
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मेंहदावल में राप्ती भी घटाव पर
तहसील क्षेत्र के पूर्वी कछार क्षेत्र में स्थित बढ़या ठाठर में राप्ती नदी के घटने का सिलसिला लगातार जारी है। शुक्रवार को जहां सुबह नदी का जलस्तर 75.44 मीटर दर्ज किया गया तो वहीं शाम चार बजे जलस्तर नौ सेमी गिरकर 75.35 मीटर दर्ज किया गया। अवर अभियंता मनीष राय ने बताया कि इसके बाद भी तटबंध के संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी जारी है। राप्ती नदी के जलस्तर में लगातार तीसरे दिन भी गिरावट दर्ज किए जाने से तटवर्ती क्षेत्रों में राहत का माहौल है। जलस्तर घटने के कारण हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं और संभावित बाढ़ का खतरा फिलहाल टलता नजर आ रहा है। अब खतरे के निशान 79.500 मीटर से नीचे 75.440 मीटर से नीचे बह रही है।
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नदी का पानी बढ़ते हुए 78.55 मीटर पर पहुंच गया था। नदी का पानी बढ़ने से कई गांवों को बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया था तो एमबीडी बांध पर पानी का दबाव बढ़ गया था। इधर तीन दिनों से नदी का जलस्तर घटते हुए शुक्रवार को 78.15 मीटर पर पहुंच गया। रामपुर दक्षिणी, गायघाट दक्षिणी, ढोल बजा, गुनवतिया, चकदहा आदि गांव के करीब पहुंच चुका बाढ़ का पानी अब गांवों से काफी दूर पहुंच गया है।
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रोसयाबाजार संवाद के अनुसार, नदी का जलस्तर दो दिन से लगातार घट रहा है लेकिन बाढ़ से बांध के किनारे बसे रामपुर परडिया, नकहा, तेजपुर, भोतहा, नरायनपुर, छपरा मगर्वी का कुर्मियान टोला आदि गांव के लोगों ने जलस्तर में कमी आने से राहत की सांस ली है वहीं लोगों की परेशानियां बरकरार हैं। रामपियारे निषाद, राजू निषाद, रामज्ञा निषाद, दल सिंगार निषाद, राजेन्द्र, सीताराम, वंश बहादूर, हरिनाथ, रामनिवास, रामपलट, सीता राम, रूदल, इंद्रेश निषाद, संजय निषाद आदि का कहना है कि धान, परवर, पशुओं के लिए बोई गई चरी आदि के डूब जाने से फसल खराब होने का डर है। पशुओं के लिए चारा लेने के लिए नाव से जाना पड़ता है।
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मेंहदावल में राप्ती भी घटाव पर
तहसील क्षेत्र के पूर्वी कछार क्षेत्र में स्थित बढ़या ठाठर में राप्ती नदी के घटने का सिलसिला लगातार जारी है। शुक्रवार को जहां सुबह नदी का जलस्तर 75.44 मीटर दर्ज किया गया तो वहीं शाम चार बजे जलस्तर नौ सेमी गिरकर 75.35 मीटर दर्ज किया गया। अवर अभियंता मनीष राय ने बताया कि इसके बाद भी तटबंध के संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी जारी है। राप्ती नदी के जलस्तर में लगातार तीसरे दिन भी गिरावट दर्ज किए जाने से तटवर्ती क्षेत्रों में राहत का माहौल है। जलस्तर घटने के कारण हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं और संभावित बाढ़ का खतरा फिलहाल टलता नजर आ रहा है। अब खतरे के निशान 79.500 मीटर से नीचे 75.440 मीटर से नीचे बह रही है।