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Shahjahanpur News: कैंट और सुभाषनगर में भी बिछेगी पीएनजी पाइपलाइन
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मोहल्ला लोधीपुर में लगा पीएनजी कनेक्शन। संवाद
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शाहजहांपुर। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के असर से पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत बनी हुई है। रसोई गैस सिलिंडर आसानी से नहीं मिल पा रहे। सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के कनेक्शन बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसका नेटवर्क बनाने के लिए सर्वे में कई क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं। जल्द ही शहर के सुभाषनगर और छावनी क्षेत्र में भी पीएनजी पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसी क्रम में अभी केरोसिन के फ्यूल पंप पर बिक्री करने के संबंध में निर्देश नहीं आए हैं।
वर्तमान में जनपद में 3000 पीएनजी कनेक्शनधारक हैं। 5000 से अधिक उपभोक्ता पंजीकृत हो गए हैं। पूर्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पीएनजी सप्लाई का दायरा बढ़ाया जा रहा है। जल्द ही शहर में कैंट और सुभाषनगर क्षेत्र में पीएनजी सप्लाई के लिए नेटवर्क बढ़ाने की तैयारियां की जा रही हैं।
जिन लोगों ने कनेक्शन करा लिए हैं, उनको शुरू करने के लिए अपील की जा रही है। पीएनजी की आपूर्ति पाइपलाइन से होती है, इसलिए ट्रांसपोर्ट की लागत कम हो जाती है। पीएनजी, एलपीजी से करीब आधे दाम पर पड़ती है। इसके खत्म होने का झंझट नहीं है। मीटर में आए बिल को हर माह जमा करना होता है। पीएनजी का उत्पादन भारत में ही 75 प्रतिशत होता है। इससे दूसरे देशों पर निर्भरता कम होती है।
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पीएनजी कनेक्शन धारकों के जमा होंगे सिलिंडर
पूर्ति विभाग के मुताबिक जिले में करीब 3000 उपभोक्ताओं के पास पीएनजी कनेक्शन हैं। सरकार ऐसा पोर्टल तैयार कर रही है जिसमें पीएनजी कनेक्शन लेने के बाद एलपीजी उपभोक्ता का पता लग जाएगा। उनका एलपीजी कनेक्शन बंद कर दिया जाएगा और उनके सिलिंडर सरेंडर करा दिए जाएंगे। उपभोक्ता एक ही कनेक्शन चला सकेगा।
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व्यावसायिक सिलिंडर की जगह पीएनजी कनेक्शन देने पर जोर
होटल, रेस्तरां, ढाबे में व्यावसायिक सिलिंडर की खपत काफी अधिक होती है। पूर्ति विभाग और भारत पेट्रोलियम की तरफ से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है कि वे प्रतिष्ठान संचालक पीएनजी कनेक्शन ले लें, जिनके क्षेत्र से पीएनजी लाइन गुजर रही है। पीएनजी सस्ती होती है और इसकी आपूर्ति में भी दिक्कत नहीं होती है। हवा से हल्की होने के कारण लीक होने पर पीएनजी ऊपर उड़ जाती है। रसोई गैस हवा से भारी होने के कारण नीचे रह जाती है जिससे उसमें आग लगने का खतरा ज्यादा होता है।
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व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति बढ़ी
पूर्ति विभाग के मुताबिक मांग के मुताबिक व्यावसायिक सिलिंडर की खपत बढ़ गई है। वर्तमान में 70 फीसदी सिलिंडर की आपूर्ति कोटे के आधार पर की जा रही है। अब बाजार में किल्लत कम हुई है। धीरे-धीरे आपूर्ति सामान्य होने की संभावना है। रोजाना 200 के करीब सिलिंडरों की आपूर्ति हो रही है।
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एलपीजी की किल्लत को देखते हुए पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। पीएनजी पाइप लाइन बिछाने के लिए सर्वे कर लिया गया है। जल्द ही पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू हो जाएगा। अभी शासन की ओर से केरोसिन वितरण के मामले में कोई निर्देश नहीं आए हैं।
- चमन शर्मा, डीएसओ
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वर्तमान में जनपद में 3000 पीएनजी कनेक्शनधारक हैं। 5000 से अधिक उपभोक्ता पंजीकृत हो गए हैं। पूर्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पीएनजी सप्लाई का दायरा बढ़ाया जा रहा है। जल्द ही शहर में कैंट और सुभाषनगर क्षेत्र में पीएनजी सप्लाई के लिए नेटवर्क बढ़ाने की तैयारियां की जा रही हैं।
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जिन लोगों ने कनेक्शन करा लिए हैं, उनको शुरू करने के लिए अपील की जा रही है। पीएनजी की आपूर्ति पाइपलाइन से होती है, इसलिए ट्रांसपोर्ट की लागत कम हो जाती है। पीएनजी, एलपीजी से करीब आधे दाम पर पड़ती है। इसके खत्म होने का झंझट नहीं है। मीटर में आए बिल को हर माह जमा करना होता है। पीएनजी का उत्पादन भारत में ही 75 प्रतिशत होता है। इससे दूसरे देशों पर निर्भरता कम होती है।
पीएनजी कनेक्शन धारकों के जमा होंगे सिलिंडर
पूर्ति विभाग के मुताबिक जिले में करीब 3000 उपभोक्ताओं के पास पीएनजी कनेक्शन हैं। सरकार ऐसा पोर्टल तैयार कर रही है जिसमें पीएनजी कनेक्शन लेने के बाद एलपीजी उपभोक्ता का पता लग जाएगा। उनका एलपीजी कनेक्शन बंद कर दिया जाएगा और उनके सिलिंडर सरेंडर करा दिए जाएंगे। उपभोक्ता एक ही कनेक्शन चला सकेगा।
व्यावसायिक सिलिंडर की जगह पीएनजी कनेक्शन देने पर जोर
होटल, रेस्तरां, ढाबे में व्यावसायिक सिलिंडर की खपत काफी अधिक होती है। पूर्ति विभाग और भारत पेट्रोलियम की तरफ से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है कि वे प्रतिष्ठान संचालक पीएनजी कनेक्शन ले लें, जिनके क्षेत्र से पीएनजी लाइन गुजर रही है। पीएनजी सस्ती होती है और इसकी आपूर्ति में भी दिक्कत नहीं होती है। हवा से हल्की होने के कारण लीक होने पर पीएनजी ऊपर उड़ जाती है। रसोई गैस हवा से भारी होने के कारण नीचे रह जाती है जिससे उसमें आग लगने का खतरा ज्यादा होता है।
व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति बढ़ी
पूर्ति विभाग के मुताबिक मांग के मुताबिक व्यावसायिक सिलिंडर की खपत बढ़ गई है। वर्तमान में 70 फीसदी सिलिंडर की आपूर्ति कोटे के आधार पर की जा रही है। अब बाजार में किल्लत कम हुई है। धीरे-धीरे आपूर्ति सामान्य होने की संभावना है। रोजाना 200 के करीब सिलिंडरों की आपूर्ति हो रही है।
एलपीजी की किल्लत को देखते हुए पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। पीएनजी पाइप लाइन बिछाने के लिए सर्वे कर लिया गया है। जल्द ही पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू हो जाएगा। अभी शासन की ओर से केरोसिन वितरण के मामले में कोई निर्देश नहीं आए हैं।
- चमन शर्मा, डीएसओ