{"_id":"69a0ab6a6ad36191060b9869","slug":"shaheed-udyan-is-in-a-bad-state-broken-swings-are-a-danger-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1036-166672-2026-02-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: शहीद उद्यान बदहाल... टूटे झूलों से खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: शहीद उद्यान बदहाल... टूटे झूलों से खतरा
विज्ञापन
शहीद उद्यान में लगा टूटा हुआ झूला। संवाद
विज्ञापन
शाहजहांपुर। देखरेख के लिए लाखों रुपये का बजट होने के बावजूद शहर का सबसे प्रमुख पिकनिक स्पॉट शहीद उद्यान बदहाली का शिकार है। टिकट के रुपये वसूले जा रहे हैं लेकिन सुविधाएं नहीं मिल रहीं। झूले टूटे हुए हैं, कई लाइट खराब हो गईं हैं। कई स्थानों पर रास्ते पर पड़े पत्थर टूट गए हैं। लोगों को टहलने में परेशानी होती है। पार्क की देखभाल के लिए समिति का गठन किया गया है लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। वहीं, टूटे झूलों से बच्चों को चोट आ सकती है।
शहीद उद्यान के सुंदरीकरण के लिए वर्ष 2018 में अमृत योजना के तहत चार करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक बजट जारी किया गया था। अमृत योजना के तहत होने वाले शहीद पार्क के सुंदरीकरण के कुल बजट में 50 प्रतिशत केंद्रांश, 30 प्रतिशत राज्यांश और 20 प्रतिशत नगर निगम ने खर्च किया था।
हर वर्ष पार्क का ठेका दिया जाता है। इस वर्ष करीब 27 लाख रुपये का ठेका हुआ था। नगर निगम की जिम्मेदारी है कि इससे मिलने वाले रकम को पार्क की देखरेख में खर्च किया जाए। नगर निगम के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देते हैं। इससे पार्क का रखरखाव सही से नहीं हो पा रहा है।
-- -- -
बच्चों के चोटिल होने का खतरा
शहीद उद्यान में बच्चों के झूलने के लिए झूले लगाए गए हैं। अभिभावक बच्चों को इसलिए पार्क में लेकर आते है कि बच्चे झूले झूलकर आनंद ले सकें, लेकिन अधिकतर झूले देखभाल नहीं होने से सही स्थिति में नहीं हैं। इनमें अधिकतर झूले टूटे हुए हैं। बच्चे अगर झूलों पर झूलते हैं तो चोटिल हो सकते हैं। शहीद उद्यान में इंट्री करने के 10 रुपये प्रति व्यक्ति टिकट है लेकिन बच्चों के झूलने के लिए झूले ठीक नहीं कराए जा रहे हैं।
-- -- -- -- -
म्यूजिकल फाउंटेन सही से नहीं करता काम
शहीद उद्यान में म्यूजिकल फाउंटेन लगा हुआ है। इसपर लाखों रुपये खर्च किए गए। कई माह तक यह खराब रहा। करीब छह माह पहले इसकी मरम्मत कराई गई, लेकिन अब भी सही से काम नहीं करता है। इसके अलावा नगर निगम की ओर से 42 लाख रुपये खर्च कर साउंड सिस्टम लगाया गया है।
-- -- -- --
नाली में बजबजा रहा गंदा पानी
शहीद उद्यान के बाहर गुजरने वाली नाली में गंदा पानी सड़क पर आ जाता है। इससे उद्यान में आने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। कई बार लोग नाली में गिर जाते हैं। नाली के आसपास फास्ट-फूड और खाने-पीने के अन्य सामान के स्टाल लगते हैं। गंदगी होने की वजह से संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। नगर निगम का कार्यालय पास में होने के बाद भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देते हैं। दुकानदारों से वसूली की जाती है, लेकिन साफ-सफाई की सुविधा नहीं दी जाती।
--
शहीद उद्यान में घूमने जाओ तो बच्चे झूला झूलने की जिद करते हैं। अधिकतर झूले टूटे हुए हैं। इसलिए बच्चों को उद्यान में आने का आनंद नहीं मिल पाता है। झूलों को ठीक कराना चाहिए।
- अंशिका गुप्ता, सदर बाजार
-- -- -- -- -
उद्यान में अधिकतर लोग परिवार के साथ घूमने आते हैं। इनमें बच्चे भी शामिल होते हैं। बच्चे झूला झूलकर मौज-मस्ती करना चाहते हैं, लेकिन झूले खराब होने की वजह से बच्चे मायूस हो जाते हैं।
- अवध किशोर शुक्ला, महमंद हद्दफ
-- -- -- --
शहीद उद्यान की देखभाल समिति करती है। अगर कोई कमी होती है तो समिति की ओर से जानकारी मिलने पर व्यवस्था ठीक कराई जाती है। उद्यान में लगे झूलों को ठीक कराया जाएगा।
- डॉ.बिपिन कुमार मिश्र, नगर आयुक्त
Trending Videos
शहीद उद्यान के सुंदरीकरण के लिए वर्ष 2018 में अमृत योजना के तहत चार करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक बजट जारी किया गया था। अमृत योजना के तहत होने वाले शहीद पार्क के सुंदरीकरण के कुल बजट में 50 प्रतिशत केंद्रांश, 30 प्रतिशत राज्यांश और 20 प्रतिशत नगर निगम ने खर्च किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
हर वर्ष पार्क का ठेका दिया जाता है। इस वर्ष करीब 27 लाख रुपये का ठेका हुआ था। नगर निगम की जिम्मेदारी है कि इससे मिलने वाले रकम को पार्क की देखरेख में खर्च किया जाए। नगर निगम के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देते हैं। इससे पार्क का रखरखाव सही से नहीं हो पा रहा है।
बच्चों के चोटिल होने का खतरा
शहीद उद्यान में बच्चों के झूलने के लिए झूले लगाए गए हैं। अभिभावक बच्चों को इसलिए पार्क में लेकर आते है कि बच्चे झूले झूलकर आनंद ले सकें, लेकिन अधिकतर झूले देखभाल नहीं होने से सही स्थिति में नहीं हैं। इनमें अधिकतर झूले टूटे हुए हैं। बच्चे अगर झूलों पर झूलते हैं तो चोटिल हो सकते हैं। शहीद उद्यान में इंट्री करने के 10 रुपये प्रति व्यक्ति टिकट है लेकिन बच्चों के झूलने के लिए झूले ठीक नहीं कराए जा रहे हैं।
म्यूजिकल फाउंटेन सही से नहीं करता काम
शहीद उद्यान में म्यूजिकल फाउंटेन लगा हुआ है। इसपर लाखों रुपये खर्च किए गए। कई माह तक यह खराब रहा। करीब छह माह पहले इसकी मरम्मत कराई गई, लेकिन अब भी सही से काम नहीं करता है। इसके अलावा नगर निगम की ओर से 42 लाख रुपये खर्च कर साउंड सिस्टम लगाया गया है।
नाली में बजबजा रहा गंदा पानी
शहीद उद्यान के बाहर गुजरने वाली नाली में गंदा पानी सड़क पर आ जाता है। इससे उद्यान में आने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। कई बार लोग नाली में गिर जाते हैं। नाली के आसपास फास्ट-फूड और खाने-पीने के अन्य सामान के स्टाल लगते हैं। गंदगी होने की वजह से संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। नगर निगम का कार्यालय पास में होने के बाद भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देते हैं। दुकानदारों से वसूली की जाती है, लेकिन साफ-सफाई की सुविधा नहीं दी जाती।
शहीद उद्यान में घूमने जाओ तो बच्चे झूला झूलने की जिद करते हैं। अधिकतर झूले टूटे हुए हैं। इसलिए बच्चों को उद्यान में आने का आनंद नहीं मिल पाता है। झूलों को ठीक कराना चाहिए।
- अंशिका गुप्ता, सदर बाजार
उद्यान में अधिकतर लोग परिवार के साथ घूमने आते हैं। इनमें बच्चे भी शामिल होते हैं। बच्चे झूला झूलकर मौज-मस्ती करना चाहते हैं, लेकिन झूले खराब होने की वजह से बच्चे मायूस हो जाते हैं।
- अवध किशोर शुक्ला, महमंद हद्दफ
शहीद उद्यान की देखभाल समिति करती है। अगर कोई कमी होती है तो समिति की ओर से जानकारी मिलने पर व्यवस्था ठीक कराई जाती है। उद्यान में लगे झूलों को ठीक कराया जाएगा।
- डॉ.बिपिन कुमार मिश्र, नगर आयुक्त

शहीद उद्यान में लगा टूटा हुआ झूला। संवाद

शहीद उद्यान में लगा टूटा हुआ झूला। संवाद

शहीद उद्यान में लगा टूटा हुआ झूला। संवाद

शहीद उद्यान में लगा टूटा हुआ झूला। संवाद

शहीद उद्यान में लगा टूटा हुआ झूला। संवाद
