{"_id":"69a098079df404985704d307","slug":"teachers-took-to-the-streets-and-took-out-a-procession-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-166682-2026-02-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: सड़क पर उतरे शिक्षक, जुलूस निकाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: सड़क पर उतरे शिक्षक, जुलूस निकाला
विज्ञापन
जीआईसी खेल मैदान में स्लोगन दिखाती शिक्षिका। स्रोत: संगठन
- फोटो : ट्रक की टक्कर के बाद पलटी ट्राली।
विज्ञापन
शाहजहांपुर। वर्ष 2011 से पूर्व निर्धारित नियमावली व अर्हताओं के आधार पर नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता के विरोध में जिले के मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी सड़क पर उतर आए। शिक्षकों ने कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस बीच प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को दिया।
टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी दोपहर बाद जीआईसी खेल मैदान पर एकत्र हुए। यहां सभा में टीएफआई की राष्ट्रीय संगठन मंत्री अर्चना तिवारी ने कहा कि प्रत्येक शिक्षक शासन से निर्धारित योग्यताओं को पूर्ण कर चयनित हुआ है। उत्तर प्रदेश में टीईटी वर्ष 2011 से लागू हुआ। बाद में नियमावली में संशोधन कर सभी शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता लागू कर दी गई।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष दिनेश गंगवार ने कहा कि अधिकांश शिक्षक 50 वर्ष की आयु पार कर चुके हैं और सेवानिवृत्ति के निकट हैं। ऐसे में परीक्षा की अनिवार्यता अन्यायपूर्ण है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री देवेश वाजपेयी ने कहा कि किसी भी विभाग में कर्मचारियों पर नियुक्ति के समय लागू नियमावली ही प्रभावी होती है।
इसके बाद सभी शिक्षक टीईटी की अनिवार्यता वापस लो...के नारे लगाते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन दिया। धरना और प्रदर्शन में शिक्षक नेता रविंद्र पाल प्रजापति, डॉ. विनय गुप्ता, राजकुमार तिवारी, मंगरे लाल, विश्राम सिंह, अंकुर त्रिपाठी, यशपाल सिंह, नितिन मिश्रा, आदेश सिंह, विजय प्रताप सिंह, सरताज अली, नफीस खां, धनपाल सिंह, ब्रजेश कुमार वर्मा, सचिन अवस्थी, वारिस अली, राजकुमार सिंह, अजय कुमार आदि शामिल रहे।
Trending Videos
टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी दोपहर बाद जीआईसी खेल मैदान पर एकत्र हुए। यहां सभा में टीएफआई की राष्ट्रीय संगठन मंत्री अर्चना तिवारी ने कहा कि प्रत्येक शिक्षक शासन से निर्धारित योग्यताओं को पूर्ण कर चयनित हुआ है। उत्तर प्रदेश में टीईटी वर्ष 2011 से लागू हुआ। बाद में नियमावली में संशोधन कर सभी शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता लागू कर दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष दिनेश गंगवार ने कहा कि अधिकांश शिक्षक 50 वर्ष की आयु पार कर चुके हैं और सेवानिवृत्ति के निकट हैं। ऐसे में परीक्षा की अनिवार्यता अन्यायपूर्ण है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री देवेश वाजपेयी ने कहा कि किसी भी विभाग में कर्मचारियों पर नियुक्ति के समय लागू नियमावली ही प्रभावी होती है।
इसके बाद सभी शिक्षक टीईटी की अनिवार्यता वापस लो...के नारे लगाते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन दिया। धरना और प्रदर्शन में शिक्षक नेता रविंद्र पाल प्रजापति, डॉ. विनय गुप्ता, राजकुमार तिवारी, मंगरे लाल, विश्राम सिंह, अंकुर त्रिपाठी, यशपाल सिंह, नितिन मिश्रा, आदेश सिंह, विजय प्रताप सिंह, सरताज अली, नफीस खां, धनपाल सिंह, ब्रजेश कुमार वर्मा, सचिन अवस्थी, वारिस अली, राजकुमार सिंह, अजय कुमार आदि शामिल रहे।

जीआईसी खेल मैदान में स्लोगन दिखाती शिक्षिका। स्रोत: संगठन- फोटो : ट्रक की टक्कर के बाद पलटी ट्राली।
