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Shahjahanpur News: ब्रिगेडियर की वर्दी में पकड़े गए युवक की काॅल डिटेल निकलवाएगी पुलिस
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फर्जी ब्रिगेडियर आर्यन वर्मा।
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शाहजहांपुर। शहीद संग्रहालय से शुक्रवार सुबह ब्रिगेडियर की वर्दी में पकड़े गए रोजा के दुर्गा एन्क्लेव कॉलोनी निवासी आर्यन वर्मा की सदर बाजार पुलिस काॅल डिटेल भी निकालवाएगी। जिससे उसके संपर्कों की जानकारी हो सके।
पहली बार 21 वर्षीय आर्यन वर्मा को ब्रिगेडियर की फुल ड्रेस में जनवरी माह में देखा गया था। निजी वाहन पर ध्वज व स्टार लगे देख पूर्व सैनिकों को तभी शक हो गया था, लेकिन इसके बाद वह दिखाई नहीं दिया। अप्रैल माह में दोबारा आर्यन वर्मा के दिखाई देने पर पूर्व सैनिकों ने उसकी एक फोटो खींची और उसकी तलाश शुरू की।
तब पता चला कि आर्यन वर्मा रोजा की दुर्गा एन्क्लेव कॉलोनी का रहने वाला है। इसके बाद पूर्व सैनिकों ने कॉलोनी जाकर भी उसकी पूरी जानकारी जुटाई। आर्मी के आला अधिकारियों को जानकारी देते हुए उसे पकड़ने की योजना बनाई। शुक्रवार को आर्यन वर्मा को शहीद संग्रहालय में आयोजित कार्यक्रम का निमंत्रण देकर उसे सैन्य अधिकारियों की मदद पकड़ लिया गया।
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करीब पांच घंटे तक पूछताछ की गई। आर्यन बोला-यह सबकुछ उसने अपनी बीमार मां के लिए किया था। मामले में नायब सूबेदार अमित कुमार की ओर से आर्यन वर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड ली।
बताया जा रहा है कि फर्जी ब्रिगेडियर सबसे ज्यादा वृंदावन कॉलोनी के आसपास देखा जाता था। उसने प्रशासनिक अधिकारियों से भी मिलने की कोशिश की थी। सीओ सिटी पंकज पंत ने बताया कि विवेचना जारी है। जांच की जा रही है। युवक की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है।
पहली बार 21 वर्षीय आर्यन वर्मा को ब्रिगेडियर की फुल ड्रेस में जनवरी माह में देखा गया था। निजी वाहन पर ध्वज व स्टार लगे देख पूर्व सैनिकों को तभी शक हो गया था, लेकिन इसके बाद वह दिखाई नहीं दिया। अप्रैल माह में दोबारा आर्यन वर्मा के दिखाई देने पर पूर्व सैनिकों ने उसकी एक फोटो खींची और उसकी तलाश शुरू की।
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तब पता चला कि आर्यन वर्मा रोजा की दुर्गा एन्क्लेव कॉलोनी का रहने वाला है। इसके बाद पूर्व सैनिकों ने कॉलोनी जाकर भी उसकी पूरी जानकारी जुटाई। आर्मी के आला अधिकारियों को जानकारी देते हुए उसे पकड़ने की योजना बनाई। शुक्रवार को आर्यन वर्मा को शहीद संग्रहालय में आयोजित कार्यक्रम का निमंत्रण देकर उसे सैन्य अधिकारियों की मदद पकड़ लिया गया।
करीब पांच घंटे तक पूछताछ की गई। आर्यन बोला-यह सबकुछ उसने अपनी बीमार मां के लिए किया था। मामले में नायब सूबेदार अमित कुमार की ओर से आर्यन वर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड ली।
बताया जा रहा है कि फर्जी ब्रिगेडियर सबसे ज्यादा वृंदावन कॉलोनी के आसपास देखा जाता था। उसने प्रशासनिक अधिकारियों से भी मिलने की कोशिश की थी। सीओ सिटी पंकज पंत ने बताया कि विवेचना जारी है। जांच की जा रही है। युवक की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है।