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चिकित्सक हत्याकांड : अभियोजन ने आठ गवाह किए थे पेश
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Tue, 24 Mar 2026 11:22 PM IST
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सुल्तानपुर। चिकित्सक घनश्याम तिवारी हत्याकांड में अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल आठ गवाहों को पेश किया था। जिसमें मृतक चिकित्सक की पत्नी निशा तिवारी व उनके मासूम पुत्र तत्सत तिवारी व वादी की बहन शांती पांडेय की गवाही कराई गई।
इनके अलावा सरकारी गवाह के रूप में तत्कालीन नगर कोतवाल राम आशीष उपाध्याय, तत्कालीन कोतवाल श्रीराम पांडेय, एफआईआर लेखक स्नेह कुमार, पंचायत नामा गवाह उप निरीक्षक नियाजी हुसैन व पोस्टमार्टम के गवाह डाॅ. दिनेश चंद्र यादव को पेश किया गया था। उनकी गवाही से अभियोजन पक्ष को घटना को साबित करने में सफलता हासिल मिली। इस मामले के दोषी अजय नारायण सिंह की कुल 11 क्रिमिनल हिस्ट्री सामने आई। (संवाद)
निशा बोलीं - परिवार के साथ हुआ न्याय
सुल्तानपुर। हत्याकांड में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोप पत्र पेश हुआ। मजिस्ट्रेट कोर्ट से नवंबर 2023 में पत्रावली सेशन कोर्ट के सुपुर्द हुई। इसके बाद आरोपियों के चार्ज बनाने की कार्यवाही पूरी हुई। मामले में चार्ज बनने के बाद करीब दो साल में केस का ट्रायल पूरा हुआ। कोर्ट का फैसला सुनने के बाद मृतक की पत्नी निशा तिवारी के आंखों में आंसू आ गए। कहा कि मेरे पति तो अब वापस लौटेंगे नहीं, लेकिन मैं उनकी जिंदगी छीनने वालों व मेरा पूरा परिवार बर्बाद करने वालों के लिए कुछ कर सकी। बस इसी पर मुझे सब्र करना है, साथ ही उन्होंने कहा मुझे न्यायालय पर पूरा भरोसा था। मेरे परिवार के साथ न्याय हुआ है। (संवाद)
कड़ी सुरक्षा में पेश किए गए दोनों दोषी
सुल्तानपुर। दोनों दोषियो की सजा पर सुनवाई के लिए उन्हें मंगलवार को जिला कारागार से तलब किया गया था। इस दौरान कोर्ट में पेश करते समय कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम रहा। (संवाद)
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इनके अलावा सरकारी गवाह के रूप में तत्कालीन नगर कोतवाल राम आशीष उपाध्याय, तत्कालीन कोतवाल श्रीराम पांडेय, एफआईआर लेखक स्नेह कुमार, पंचायत नामा गवाह उप निरीक्षक नियाजी हुसैन व पोस्टमार्टम के गवाह डाॅ. दिनेश चंद्र यादव को पेश किया गया था। उनकी गवाही से अभियोजन पक्ष को घटना को साबित करने में सफलता हासिल मिली। इस मामले के दोषी अजय नारायण सिंह की कुल 11 क्रिमिनल हिस्ट्री सामने आई। (संवाद)
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निशा बोलीं - परिवार के साथ हुआ न्याय
सुल्तानपुर। हत्याकांड में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोप पत्र पेश हुआ। मजिस्ट्रेट कोर्ट से नवंबर 2023 में पत्रावली सेशन कोर्ट के सुपुर्द हुई। इसके बाद आरोपियों के चार्ज बनाने की कार्यवाही पूरी हुई। मामले में चार्ज बनने के बाद करीब दो साल में केस का ट्रायल पूरा हुआ। कोर्ट का फैसला सुनने के बाद मृतक की पत्नी निशा तिवारी के आंखों में आंसू आ गए। कहा कि मेरे पति तो अब वापस लौटेंगे नहीं, लेकिन मैं उनकी जिंदगी छीनने वालों व मेरा पूरा परिवार बर्बाद करने वालों के लिए कुछ कर सकी। बस इसी पर मुझे सब्र करना है, साथ ही उन्होंने कहा मुझे न्यायालय पर पूरा भरोसा था। मेरे परिवार के साथ न्याय हुआ है। (संवाद)
कड़ी सुरक्षा में पेश किए गए दोनों दोषी
सुल्तानपुर। दोनों दोषियो की सजा पर सुनवाई के लिए उन्हें मंगलवार को जिला कारागार से तलब किया गया था। इस दौरान कोर्ट में पेश करते समय कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम रहा। (संवाद)