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Shravasti News: कहीं बंद मिली समिति तो कहीं बंटती मिली खाद

Sat, 11 Jul 2026 12:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती Updated Sat, 11 Jul 2026 12:31 AM IST
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In some places, the cooperative society was found closed, while in others, fertilizer was being distributed.
बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति नासिरगंज का बंद दरवाजा।
गिरंट बाजार। जिले में धान की नर्सरी तैयार होने के बाद किसान रोपाई में जुटे हैं, लेकिन खाद की कमी उन्हें परेशान कर रही है। अमर उजाला ने शुक्रवार को जमुनहा क्षेत्र की साधन सहकारी समितियों की पड़ताल की। इस दौरान एक समिति पर खाद बंटती मिली, जबकि दूसरी पर ताला लगा रहा। इससे किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। जिम्मेदार अधिकारी किसानों की समस्याओं को दूर करने में विफल दिख रहे हैं। किसानों को प्राइवेट दुकानों से दोगुने दाम पर यूरिया खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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300 बोरी खाद का हो रहा वितरण
ग्राम इमलिया करनपुर स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति पर किसानों की भीड़ दिखी। यहां फार्मर आईडी के आधार पर खाद का वितरण हो रहा था। किसान ठाकुर प्रसाद ने बताया कि खाद मिल रही है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं है। सचिव हरिराम ने बताया कि 300 बोरी यूरिया वितरित की जा रही है और 400 बोरी जल्द ही पहुंच जाएगी।
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समिति पर लटका रहा ताला
बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति नासिरगंज में ताला लगा मिला। यहां सिर्फ एक चौकीदार मौजूद था, जिसने कुछ भी बताने से इन्कार किया। ग्रामीणों ने बताया कि समिति में खाद है, लेकिन उसका वितरण नहीं हो रहा है। सचिव यज्ञराम पाठक का मोबाइल बंद बताता रहा।
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किसानों का दर्द
ग्राम काशीपुरवा निवासी तिलक यादव ने बताया कि फार्मर आईडी के अनुसार खाद वितरित होने से कम रकबा वाले किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिलती है। ग्राम देवरा निवासी तिलकराम यादव ने बताया कि उनके नाम पर खेत न होने से फार्मर आईडी नहीं बन सकी है। इससे उन्हें बिना खाद के ही धान की रोपाई करनी पड़ रही है। विश्राम ने कहा कि फार्मर आईडी के माध्यम से खाद देने का फैसला किसानों के हक में नहीं है। मोहनलाल पुरवा निवासी पहलवान खां ने बताया कि गोदाम पर यूरिया 266 रुपये में बिक रही है, जबकि प्राइवेट दुकान से दोगुने दाम पर खरीदनी पड़ रही है।
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