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Shravasti News: मेधा को मिला सम्मान, चेहरों पर खिली मुस्कान
Sat, 01 Aug 2026 12:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sat, 01 Aug 2026 12:32 AM IST
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जिला पंचायत कार्यालय सभागार में आयोजित भविष्य ज्योति कार्यक्रम में मौजूद डीएम, जिला पंचायत अध्य
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श्रावस्ती। जिला पंचायत कार्यालय सभागार में शुक्रवार को जिले के विभिन्न बोर्डों के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। अवसर था अमर उजाला के तत्वावधान में आयोजित भविष्य ज्योति सम्मान समारोह का, जिसमें मंच पर पहुंचकर मेधावियों ने मेडल और प्रशस्ति पत्र प्राप्त किए।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग, विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सुनील तिवारी और जिला पंचायत के एमए आरएन प्रसाद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सम्मान समारोह में विद्यार्थियों का उत्साह उस समय और बढ़ गया, जब डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने उन्हें सफलता के पांच मूलमंत्र बताए।
डीएम ने शिक्षिका की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों से सफलता के मूलमंत्रों को लेकर सवाल किए। इसके बाद डीएम ने शास्त्रों में बताए गए विद्यार्थियों के पांच लक्षणों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये आज भी सफलता का मार्ग दिखाते हैं।
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उन्होंने बताया कि विद्यार्थी को कौए की तरह निरंतर प्रयास करने वाला होना चाहिए और लक्ष्य प्राप्ति तक मेहनत जारी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा, वर्तमान समय में एआई व तेज इंटरनेट जैसे संसाधन उपलब्ध हैं, जिनका सही उपयोग कर विद्यार्थी सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल कर सकते हैं।
डीएम ने बगुले का उदाहरण देते हुए कहा, जिस प्रकार वह एकाग्र होकर शिकार का इंतजार करता है, उसी तरह विद्यार्थियों को धैर्य रखना चाहिए। उन्होंने कहा, यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में पहली बार में सफलता नहीं मिलती, इसके लिए लगातार प्रयास व धैर्य जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को कुत्ते की तरह सजग रहने की सीख दी।
उन्होंने अल्पाहारी का अर्थ संतुलित भोजन बताते हुए विद्यार्थियों को जंक फूड से बचने और व्यायाम की आदत डालने की सलाह दी। डीएम ने कहा, सफलता के लिए आराम छोड़कर मेहनत करनी होगी। साथ ही अहंकार से दूर रहना चाहिए, क्योंकि वर्तमान समय में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच विनम्रता और परिश्रम ही आगे बढ़ने का रास्ता है।
इनसेट-
10वीं व 12वीं सफलता का पहला कदम : डीएम
बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए डीएम ने कहा, बच्चों के साथ रहना अच्छा लगता है। 10वीं व 12वीं सफलता का पहला पड़ाव होता है। ऐसे में हमें इसमें अधिक नंबर आ जाने पर अति उत्साह में नहीं आना चाहिए। बल्कि हमें इससे दोगुनी ऊर्जा के साथ मेहनत करनी चाहिए क्योंकि असल चुनौती इसके बाद ही शुरू होती है।
इनसेट-
ऐसे आयोजनों से बढ़ता है बच्चों का मनोबल : सुनील
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सुनील तिवारी ने कहा, 10वीं व 12वीं के बच्चे कच्चे घड़े के समान होते हैं। इन्हें सही आंच में पकना जरूरी होता है। सही दिशा में किया गया प्रयास कभी असफल नहीं होता है। अमर उजाला की मुहिम बच्चों के मनोबल को बढ़ाने वाली है। मंच से मेडल व प्रशस्ति पत्र पाने के बाद आप सभी इस उत्साह को आगे के शिक्षण में भी बनाए रखें।
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समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग, विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सुनील तिवारी और जिला पंचायत के एमए आरएन प्रसाद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सम्मान समारोह में विद्यार्थियों का उत्साह उस समय और बढ़ गया, जब डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने उन्हें सफलता के पांच मूलमंत्र बताए।
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डीएम ने शिक्षिका की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों से सफलता के मूलमंत्रों को लेकर सवाल किए। इसके बाद डीएम ने शास्त्रों में बताए गए विद्यार्थियों के पांच लक्षणों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये आज भी सफलता का मार्ग दिखाते हैं।
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उन्होंने बताया कि विद्यार्थी को कौए की तरह निरंतर प्रयास करने वाला होना चाहिए और लक्ष्य प्राप्ति तक मेहनत जारी रखनी चाहिए। उन्होंने कहा, वर्तमान समय में एआई व तेज इंटरनेट जैसे संसाधन उपलब्ध हैं, जिनका सही उपयोग कर विद्यार्थी सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल कर सकते हैं।
डीएम ने बगुले का उदाहरण देते हुए कहा, जिस प्रकार वह एकाग्र होकर शिकार का इंतजार करता है, उसी तरह विद्यार्थियों को धैर्य रखना चाहिए। उन्होंने कहा, यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में पहली बार में सफलता नहीं मिलती, इसके लिए लगातार प्रयास व धैर्य जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को कुत्ते की तरह सजग रहने की सीख दी।
उन्होंने अल्पाहारी का अर्थ संतुलित भोजन बताते हुए विद्यार्थियों को जंक फूड से बचने और व्यायाम की आदत डालने की सलाह दी। डीएम ने कहा, सफलता के लिए आराम छोड़कर मेहनत करनी होगी। साथ ही अहंकार से दूर रहना चाहिए, क्योंकि वर्तमान समय में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच विनम्रता और परिश्रम ही आगे बढ़ने का रास्ता है।
इनसेट-
10वीं व 12वीं सफलता का पहला कदम : डीएम
बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए डीएम ने कहा, बच्चों के साथ रहना अच्छा लगता है। 10वीं व 12वीं सफलता का पहला पड़ाव होता है। ऐसे में हमें इसमें अधिक नंबर आ जाने पर अति उत्साह में नहीं आना चाहिए। बल्कि हमें इससे दोगुनी ऊर्जा के साथ मेहनत करनी चाहिए क्योंकि असल चुनौती इसके बाद ही शुरू होती है।
इनसेट-
ऐसे आयोजनों से बढ़ता है बच्चों का मनोबल : सुनील
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सुनील तिवारी ने कहा, 10वीं व 12वीं के बच्चे कच्चे घड़े के समान होते हैं। इन्हें सही आंच में पकना जरूरी होता है। सही दिशा में किया गया प्रयास कभी असफल नहीं होता है। अमर उजाला की मुहिम बच्चों के मनोबल को बढ़ाने वाली है। मंच से मेडल व प्रशस्ति पत्र पाने के बाद आप सभी इस उत्साह को आगे के शिक्षण में भी बनाए रखें।