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विभाग की खराब रैंकिंग सुधारें जिम्मेदार : डीएम
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Tue, 13 Jan 2026 12:07 AM IST
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कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को बैठक में मौजूद डीएम व अन्य अधिकारी।- स्रोत: विभाग
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श्रावस्ती। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को डीएम अश्विनी कुमार पांडेय की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड पर विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने सभी विभागों की योजनाओं की गहन समीक्षा की। साथ ही खराब रैंकिंग वाले विभागाध्यक्षों को रैंकिंग सुधारने का निर्देश दिया।
डीएम ने बताया कि दिसंबर में विकास व राजस्व कार्यों की संयुक्त रूप से पांचवीं रैंक प्राप्त हुई है। जिले के कुल 85 कार्यक्रमों में से 65 कार्यक्रमों में ए श्रेणी, आठ कार्यक्रमों में बी श्रेणी, तीन कार्यक्रमों में सी श्रेणी, चार कार्यक्रमों में डी श्रेणी तथा पांच कार्यक्रमों को कोई रैंक प्राप्त नहीं हुई है।
ए ग्रेड प्राप्त करने वाले विभागों में अतिरिक्त ऊर्जा, अल्पसंख्यक कल्याण, उद्यान, ऊर्जा, कृषि, ग्रामीण अभियंत्रण, चिकित्सा एवं स्वास्थ, दुग्ध विकास, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभागों के कार्यक्रम शामिल हैं। इसी तरह नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, प्राथमिक शिक्षा, पशुधन, मत्स्य, माध्यमिक शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता, श्रम एवं सेवायोजन, सहकारिता, सिचाई एवं जल संसाधन विभागों के कार्यक्रम शामिल हैं।
इसी तरह ग्राम्य विकास, नियोजन, पंचायती राज, पर्यटन, पिछड़ा वर्ग कल्याण, महिला एवं बाल विकास-आईसीडीएस, लोक निर्माण विभाग, सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, समाज कल्याण व लोक शिकायत (निर्माण कार्य) विभागों के कार्यक्रमों में बी, सी व डी श्रेणी मिली है।
उन्होंने बताया कि सीटी स्कैन, शादी अनुदान व मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना प्रदेश की सूची में अंतिम पांच जिलों में शामिल है। मत्स्य उत्पादन, अनुसूचित जनजाति पूर्वदशम छात्रवृत्ति प्रदेश में प्रथम पांच जिलों में शामिल है।
इस पर डीएम ने खराब रैंकिंग वाले विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाते हुए रैंकिंग सुधारने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत डाटा फीड कराकर लक्ष्य पूरा करें। इस मौके पर सीडीओ शाहिद अहमद, सीएमओ डाॅ. एके सिंह, पीडी अश्वनी कुमार व डीएसटीओ अजय कुमार यादव सहित अन्य मौजूद रहे।
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डीएम ने बताया कि दिसंबर में विकास व राजस्व कार्यों की संयुक्त रूप से पांचवीं रैंक प्राप्त हुई है। जिले के कुल 85 कार्यक्रमों में से 65 कार्यक्रमों में ए श्रेणी, आठ कार्यक्रमों में बी श्रेणी, तीन कार्यक्रमों में सी श्रेणी, चार कार्यक्रमों में डी श्रेणी तथा पांच कार्यक्रमों को कोई रैंक प्राप्त नहीं हुई है।
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ए ग्रेड प्राप्त करने वाले विभागों में अतिरिक्त ऊर्जा, अल्पसंख्यक कल्याण, उद्यान, ऊर्जा, कृषि, ग्रामीण अभियंत्रण, चिकित्सा एवं स्वास्थ, दुग्ध विकास, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभागों के कार्यक्रम शामिल हैं। इसी तरह नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, प्राथमिक शिक्षा, पशुधन, मत्स्य, माध्यमिक शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता, श्रम एवं सेवायोजन, सहकारिता, सिचाई एवं जल संसाधन विभागों के कार्यक्रम शामिल हैं।
इसी तरह ग्राम्य विकास, नियोजन, पंचायती राज, पर्यटन, पिछड़ा वर्ग कल्याण, महिला एवं बाल विकास-आईसीडीएस, लोक निर्माण विभाग, सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, समाज कल्याण व लोक शिकायत (निर्माण कार्य) विभागों के कार्यक्रमों में बी, सी व डी श्रेणी मिली है।
उन्होंने बताया कि सीटी स्कैन, शादी अनुदान व मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना प्रदेश की सूची में अंतिम पांच जिलों में शामिल है। मत्स्य उत्पादन, अनुसूचित जनजाति पूर्वदशम छात्रवृत्ति प्रदेश में प्रथम पांच जिलों में शामिल है।
इस पर डीएम ने खराब रैंकिंग वाले विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाते हुए रैंकिंग सुधारने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत डाटा फीड कराकर लक्ष्य पूरा करें। इस मौके पर सीडीओ शाहिद अहमद, सीएमओ डाॅ. एके सिंह, पीडी अश्वनी कुमार व डीएसटीओ अजय कुमार यादव सहित अन्य मौजूद रहे।