{"_id":"6a2b0b3c68828394f10c82b4","slug":"seven-convicted-of-a-life-threatening-attack-sentenced-to-three-years-of-rigorous-imprisonment-shravasti-news-c-104-1-slko1011-120798-2026-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shravasti News: जानलेवा हमले के सात दोषियों को तीन साल का सश्रम कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shravasti News: जानलेवा हमले के सात दोषियों को तीन साल का सश्रम कारावास
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 12 Jun 2026 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
श्रावस्ती। जानलेवा हमले के आरोपी गिलौला क्षेत्र के रामपुर पैड़ा निवासी रामनाथ, अशोक, रामराज, उमेश कुमार, रामचरित्र, श्यामू व आदर्श को बृहस्पतिवार को अपर सत्र न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) सौरभ सक्सेना के समक्ष पेश किया गया। जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने सातों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 26000-26000 रुपये का जुर्माना लगाया।
रामपुर पैड़ा निवासी संत कुमार ने गिलौला थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 11 मई वर्ष 2021 को उनके सगे भाई संदीप कुमार से उनकी कहासुनी हो गई थी। इस दौरान रंजिशन पहुंचे गांव निवासी रामनाथ, अशोक, रामराज, उमेश कुमार, रामचरित्र, श्यामू व आदर्श ने उन पर लाठी-डंडा, कुल्हाड़ी व राॅड से जानलेवा हमला कर दिया। उन्हें बचाने पहुंचे उनके पिता विनोद कुमार, भाई संदीप कुमार व नीतीश कुमार पर भी विपक्षियों ने जानलेवा हमला कर दिया था। हमले में नीतीश कुमार का हाथ टूट गया था। संतकुमार के सिर में कुल्हाड़ी के हमले से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। संतकुमार की तहरीर पर पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर जांच कर रही थी। इसके बाद न्यायालय में पेश कर आरोपियों को न्यायाधीश ने सजा सुनाई।
रामपुर पैड़ा निवासी संत कुमार ने गिलौला थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 11 मई वर्ष 2021 को उनके सगे भाई संदीप कुमार से उनकी कहासुनी हो गई थी। इस दौरान रंजिशन पहुंचे गांव निवासी रामनाथ, अशोक, रामराज, उमेश कुमार, रामचरित्र, श्यामू व आदर्श ने उन पर लाठी-डंडा, कुल्हाड़ी व राॅड से जानलेवा हमला कर दिया। उन्हें बचाने पहुंचे उनके पिता विनोद कुमार, भाई संदीप कुमार व नीतीश कुमार पर भी विपक्षियों ने जानलेवा हमला कर दिया था। हमले में नीतीश कुमार का हाथ टूट गया था। संतकुमार के सिर में कुल्हाड़ी के हमले से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। संतकुमार की तहरीर पर पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर जांच कर रही थी। इसके बाद न्यायालय में पेश कर आरोपियों को न्यायाधीश ने सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन