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Shravasti News: फिर बरसी मुसीबत, पानी में मिली मेहनत
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बारिश से भीगी गेहूं की कटी पड़ी फसल।-
- फोटो : बारिश से भीगी गेहूं की कटी पड़ी फसल।-
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श्रावस्ती/तुलसीपुर/वीरपुर। तराई में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। दो दिन तक निकली धूप के बाद बुधवार भोर एक बार फिर तराई का मौसम बदल गया और आसमान में घने बादलों ने दस्तक दी। इस दौरान तेज हवा के साथ लगभग दो घंटे तक रुक-रुक कर जिले भर में बारिश हुई। इससे फसलें भीग जाने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं। किसान गेहूं की फसल को 10 से 15 प्रतिशत तक नुकसान होने की बात कह रहे हैं।
तराई में शनिवार रात हुई बारिश से भीगी गेहूं व सरसों की फसल अभी सूखी ही नहीं थी कि बुधवार सुबह एक बार फिर बारिश ने तराई में दस्तक दी। तेज हवा के साथ हुई बारिश ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। खेत में खड़ी किसानों की सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल बारिश के साथ चली तेज हवाओं से खेत में पसर गई है। वहीं, मड़ाई के लिए खेत में पड़ी गेहूं व सरसों की फसल भी भीग गई है। इससे मड़ाई का काम लंबित हो गया है। साथ ही गेहूं की बालियों में सड़न होने की आशंका भी बढ़ गई है। वहीं, बारिश के कई स्थानों पर सड़क के किनारे जलभराव हो गया, इससे लोगों को परेशानी हुई।
काला हो जाएगा गेहूं, भूसा बनाने में भी दिक्कत
तराई में बुधवार की सुबह हुई बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ है। कटरा क्षेत्र निवासी किसान दद्दन कैराती, मनीष चौधरी, जंग बहादुर, राकेश शुक्ला आदि ने बताया कि भीगने से खेत में कटी पड़ी गेहूं की फसल के दाने काले हो जाएंगे। साथ ही इसकी मड़ाई होने में भी दिक्कत होगी। अब फसल सूखने में कम से कम पांच दिन लगेगा। गिलौला निवासी किसान पंकज मिश्रा, प्रदीप, लाजे आदि ने बताया कि कटी गेहूं की फसल भीगने से पशुओं के लिए भूषा भी नहीं बन पाएगा। वहीं, खेत में खड़ी गेहूं की फसल को कंबाइन मशीन से कटवाने में भी दिक्कत होगी।
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तराई में शनिवार रात हुई बारिश से भीगी गेहूं व सरसों की फसल अभी सूखी ही नहीं थी कि बुधवार सुबह एक बार फिर बारिश ने तराई में दस्तक दी। तेज हवा के साथ हुई बारिश ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। खेत में खड़ी किसानों की सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल बारिश के साथ चली तेज हवाओं से खेत में पसर गई है। वहीं, मड़ाई के लिए खेत में पड़ी गेहूं व सरसों की फसल भी भीग गई है। इससे मड़ाई का काम लंबित हो गया है। साथ ही गेहूं की बालियों में सड़न होने की आशंका भी बढ़ गई है। वहीं, बारिश के कई स्थानों पर सड़क के किनारे जलभराव हो गया, इससे लोगों को परेशानी हुई।
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काला हो जाएगा गेहूं, भूसा बनाने में भी दिक्कत
तराई में बुधवार की सुबह हुई बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ है। कटरा क्षेत्र निवासी किसान दद्दन कैराती, मनीष चौधरी, जंग बहादुर, राकेश शुक्ला आदि ने बताया कि भीगने से खेत में कटी पड़ी गेहूं की फसल के दाने काले हो जाएंगे। साथ ही इसकी मड़ाई होने में भी दिक्कत होगी। अब फसल सूखने में कम से कम पांच दिन लगेगा। गिलौला निवासी किसान पंकज मिश्रा, प्रदीप, लाजे आदि ने बताया कि कटी गेहूं की फसल भीगने से पशुओं के लिए भूषा भी नहीं बन पाएगा। वहीं, खेत में खड़ी गेहूं की फसल को कंबाइन मशीन से कटवाने में भी दिक्कत होगी।