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Siddharthnagar News: स्वाद का बदलता ट्रेंड, ठेले से कैफे तक पहुंचा चटपटा कारोबार
Sun, 12 Jul 2026 02:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 12 Jul 2026 02:28 AM IST
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पारंपरिक नाश्ते की जगह मोमोज, चाइनीज, रोल और फ्यूजन फूड की बढ़ी मांग
युवाओं की पसंद से बदला बाजार, छोटे दुकानदारों ने भी बदला कारोबार का तरीका
सिद्धार्थनगर। कभी चाय-पकौड़ी, समोसा और कचौड़ी तक सीमित रहने वाला बाजार अब चटपटे स्वाद के नए दौर में पहुंच गया है। युवाओं की बदलती पसंद ने खानपान के कारोबार का तरीका भी बदल दिया है। अब ठेले से लेकर छोटे कैफे तक मोमोज, चाइनीज, रोल, बर्गर और फ्यूजन फूड की मांग बढ़ रही है।
जिला मुख्यालय ही नहीं , जिले के सभी शहर कस्बों में कम कीमत में नए स्वाद की चाहत ने फास्ट फूड कारोबार को तेजी से बढ़ाया है। शहरों के साथ अब कस्बों में भी छोटे-छोटे फूड कॉर्नर खुल रहे हैं। कई युवाओं ने इसे रोजगार के नए विकल्प के रूप में अपनाया है। फास्ट फूड कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि पहले ठेलों पर सीमित बिक्री होती थी लेकिन अब स्वाद, साफ-सफाई और प्रस्तुति के कारण ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। कई दुकानदारों ने छोटे स्टॉल से शुरुआत कर अब स्थायी दुकान और कैफे तक का सफर तय किया है।
फूड स्टॉल चलाने वाले विकास कहते हैं कि पहले लोग सिर्फ चाय-नाश्ते तक सीमित रहते थे लेकिन अब युवा नए स्वाद तलाश रहे हैं। मोमोज, चाइनीज और रोल की मांग लगातार बढ़ रही है। ग्राहकों की पसंद के हिसाब से हमें भी मेन्यू बदलना पड़ रहा है। एक और स्टॉल संचालक मोबीन बताते हैं कि छोटे ठेले से कारोबार शुरू किया था। अब रोजाना बिक्री पहले से काफी बढ़ गई है। अच्छी पैकिंग और साफ-सफाई रखने से ग्राहक दोबारा आते हैं।
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ऑनलाइन ऑर्डर और आकर्षक पैकिंग पर जोर
- बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के साथ छोटे दुकानदार भी अपने कारोबार का तरीका बदल रहे हैं। अब केवल ठेले पर बिक्री के बजाय पैकिंग, होम डिलीवरी और सोशल मीडिया प्रचार पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मोमोज स्टॉल लगाने वाले विवेक कहते हैं कि युवा जल्दी मिलने वाला और अलग स्वाद वाला खाना पसंद करते हैं। इसी वजह से कस्बों में भी फास्ट फूड की दुकानें बढ़ रही हैं। ग्राहक की पसंद के अनुसार नए आइटम जोड़ने पड़ते हैं। कई दुकानदार ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नए स्वाद और आकर्षक पैकिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका असर बिक्री पर भी दिखाई दे रहा है।
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कस्बों में भी बढ़ रहे फास्ट फूड कॉर्नर
- अब फास्ट फूड का चलन सिद्धार्थनगर, बांसी, डुमरियागंज जैसे सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। छोटे बाजारों और कस्बों में भी मोमोज, चाउमीन, रोल और अन्य चटपटे व्यंजनों की दुकानें बढ़ रही हैं। कम निवेश में शुरू होने वाला यह कारोबार युवाओं के लिए स्वरोजगार का जरिया बन रहा है। सोशल मीडिया और ऑनलाइन ऑर्डर ने छोटे कारोबारियों के लिए भी नए अवसर खोले हैं। अब ग्राहक घर बैठे खाने का ऑर्डर कर रहे हैं। इससे कारोबार को नई गति मिली है।
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बदलते स्वाद की पसंद
- मोमोज और चाइनीज फूड
- रोल और बर्गर
- फ्यूजन फूड
- पैक्ड स्नैक्स और पेय पदार्थ
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बाजार में बदलाव
- पहले : समोसा, कचौड़ी और चाय तक सीमित नाश्ता
- अब : फास्ट फूड, कैफे कल्चर और ऑनलाइन ऑर्डर का दौर
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युवाओं की पसंद से बदला बाजार, छोटे दुकानदारों ने भी बदला कारोबार का तरीका
सिद्धार्थनगर। कभी चाय-पकौड़ी, समोसा और कचौड़ी तक सीमित रहने वाला बाजार अब चटपटे स्वाद के नए दौर में पहुंच गया है। युवाओं की बदलती पसंद ने खानपान के कारोबार का तरीका भी बदल दिया है। अब ठेले से लेकर छोटे कैफे तक मोमोज, चाइनीज, रोल, बर्गर और फ्यूजन फूड की मांग बढ़ रही है।
जिला मुख्यालय ही नहीं , जिले के सभी शहर कस्बों में कम कीमत में नए स्वाद की चाहत ने फास्ट फूड कारोबार को तेजी से बढ़ाया है। शहरों के साथ अब कस्बों में भी छोटे-छोटे फूड कॉर्नर खुल रहे हैं। कई युवाओं ने इसे रोजगार के नए विकल्प के रूप में अपनाया है। फास्ट फूड कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि पहले ठेलों पर सीमित बिक्री होती थी लेकिन अब स्वाद, साफ-सफाई और प्रस्तुति के कारण ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। कई दुकानदारों ने छोटे स्टॉल से शुरुआत कर अब स्थायी दुकान और कैफे तक का सफर तय किया है।
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फूड स्टॉल चलाने वाले विकास कहते हैं कि पहले लोग सिर्फ चाय-नाश्ते तक सीमित रहते थे लेकिन अब युवा नए स्वाद तलाश रहे हैं। मोमोज, चाइनीज और रोल की मांग लगातार बढ़ रही है। ग्राहकों की पसंद के हिसाब से हमें भी मेन्यू बदलना पड़ रहा है। एक और स्टॉल संचालक मोबीन बताते हैं कि छोटे ठेले से कारोबार शुरू किया था। अब रोजाना बिक्री पहले से काफी बढ़ गई है। अच्छी पैकिंग और साफ-सफाई रखने से ग्राहक दोबारा आते हैं।
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ऑनलाइन ऑर्डर और आकर्षक पैकिंग पर जोर
- बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के साथ छोटे दुकानदार भी अपने कारोबार का तरीका बदल रहे हैं। अब केवल ठेले पर बिक्री के बजाय पैकिंग, होम डिलीवरी और सोशल मीडिया प्रचार पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मोमोज स्टॉल लगाने वाले विवेक कहते हैं कि युवा जल्दी मिलने वाला और अलग स्वाद वाला खाना पसंद करते हैं। इसी वजह से कस्बों में भी फास्ट फूड की दुकानें बढ़ रही हैं। ग्राहक की पसंद के अनुसार नए आइटम जोड़ने पड़ते हैं। कई दुकानदार ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नए स्वाद और आकर्षक पैकिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका असर बिक्री पर भी दिखाई दे रहा है।
कस्बों में भी बढ़ रहे फास्ट फूड कॉर्नर
- अब फास्ट फूड का चलन सिद्धार्थनगर, बांसी, डुमरियागंज जैसे सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। छोटे बाजारों और कस्बों में भी मोमोज, चाउमीन, रोल और अन्य चटपटे व्यंजनों की दुकानें बढ़ रही हैं। कम निवेश में शुरू होने वाला यह कारोबार युवाओं के लिए स्वरोजगार का जरिया बन रहा है। सोशल मीडिया और ऑनलाइन ऑर्डर ने छोटे कारोबारियों के लिए भी नए अवसर खोले हैं। अब ग्राहक घर बैठे खाने का ऑर्डर कर रहे हैं। इससे कारोबार को नई गति मिली है।
बदलते स्वाद की पसंद
- मोमोज और चाइनीज फूड
- रोल और बर्गर
- फ्यूजन फूड
- पैक्ड स्नैक्स और पेय पदार्थ
बाजार में बदलाव
- पहले : समोसा, कचौड़ी और चाय तक सीमित नाश्ता
- अब : फास्ट फूड, कैफे कल्चर और ऑनलाइन ऑर्डर का दौर