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Siddharthnagar News: बांसी में बस अड्डे से अस्पताल तक धूप से झुलस रहे लोगों को चाहिए राहत की छांव
Sun, 12 Jul 2026 02:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 12 Jul 2026 02:22 AM IST
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जूझ रहे लोग, प्रमुख स्थानों पर छायादार पेड़ों की कमी, पौधरोपण अभियान में सार्वजनिक स्थलों को प्राथमिकता देने की मांग, जहां रोज पहुंचते हैं सैकड़ों लोग
बांसी (सिद्धार्थनगर)। पौधरोपण अभियान में पौधों की संख्या बढ़ाना जरूरी है लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है कि पेड़ वहीं लगाए जाएं, जहां उनकी सबसे अधिक जरूरत है। अमर उजाला के विशेष अभियान ''''''''मिशन छांव'''''''' के तहत बांसी नगर क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों की पड़ताल की गई तो कई ऐसे स्थान सामने आए, जहां लोगों को रोजाना धूप से जूझना पड़ता है।
परिवहन निगम बस अड्डा, प्रमुख चौराहे, अस्पताल परिसर और पार्क जैसे स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है लेकिन छायादार पेड़ों का अभाव लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पौधरोपण अभियान में इन स्थानों को प्राथमिकता दी जाए तो आने वाले वर्षों में हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
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रोडवेज बस अड्डा : यात्रियों को इंतजार के साथ झेलनी पड़ती है धूप
- बांसी परिवहन निगम बस अड्डे पर हर दिन बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं। बस के इंतजार में खड़े यात्रियों को गर्मी में खुले आसमान के नीचे समय बिताना पड़ता है। परिसर में एक भी बड़ा छायादार पेड़ नहीं होने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी होती है। स्थानीय यात्री रामकिशोर वर्मा कहते हैं कि बस अड्डे पर लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। अगर यहां पेड़ और बैठने की व्यवस्था हो जाए तो यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
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एनएच-28 के चौराहे : भीड़ रहती है लेकिन छांव नहीं
- कस्बे में एनएच-28 पर स्थित पुरानी कचहरी चौराहा, रोडवेज चौराहा और पेट्रोल पंप तिराहा ऐसे स्थान हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। सड़क किनारे और आसपास छायादार पेड़ों की कमी के कारण राहगीरों को धूप में खड़ा होना पड़ता है। स्थानीय दुकानदार राजेश जायसवाल बताते हैं कि चौराहों पर दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। कुछ बड़े पेड़ लग जाएं तो राहगीरों और दुकानदारों दोनों को राहत मिलेगी।
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50 शैय्या अस्पताल : इलाज की उम्मीद लेकर आने वालों को नहीं मिलती छांव
- बांसी के 50 शैय्या युक्त अस्पताल परिसर में मरीजों और तीमारदारों की भीड़ रहती है। इलाज के लिए आने वाले लोगों को कई बार अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है लेकिन परिसर में पर्याप्त छायादार पेड़ नहीं होने से गर्मी में परेशानी और बढ़ जाती है। मरीज के तीमारदार हरिश्चंद्र यादव का कहना है कि अस्पताल में मरीजों के साथ बुजुर्ग और महिलाएं भी आती हैं। परिसर में पेड़ होंगे तो बैठने और राहत मिलने में सुविधा होगी।
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क : घूमने वालों को चाहिए हरियाली का सहारा
- पार्क और मछली मंडी के आसपास भी छायादार पेड़ों की कमी महसूस होती है। यहां बच्चों के साथ परिवार और स्थानीय लोग पहुंचते हैं लेकिन गर्मी के दिनों में छांव का अभाव परेशानी बढ़ा देता है। स्थानीय निवासी संजय सिंह कहते हैं कि पार्क में हरियाली और पेड़ बढ़ेंगे तो बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए बेहतर माहौल बनेगा।
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बांसी में इन जगहों पर सबसे पहले चाहिए छांव
- परिवहन निगम बस अड्डा : यात्रियों को मिलेगी राहत
- पुरानी कचहरी, रोडवेज चौराहा और पेट्रोल पंप तिराहा : राहगीरों के लिए जरूरी छायादार वृक्ष
- 50 शैय्या अस्पताल परिसर : मरीजों और तीमारदारों की सुविधा
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क क्षेत्र : बच्चों और लोगों के लिए बेहतर वातावरण
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पेड़ लगेंगे तो बदलेंगे सार्वजनिक स्थल
- गर्मी में राहगीरों को मिलेगी राहत
- अस्पताल और बस अड्डों पर बढ़ेगी सुविधा
- सार्वजनिक स्थानों का तापमान कम होगा
- आने वाली पीढ़ियों को मिलेगी हरियाली की विरासत
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मिशन छांव का उद्देश्य
मिशन छांव का उद्देश्य केवल पौधों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसे स्थानों पर हरियाली विकसित करना है, जहां उसका सीधा लाभ आम लोगों को मिले। बस अड्डे, अस्पताल, चौराहे, पार्क और प्रमुख मार्गों पर लगाए गए छायादार पेड़ आने वाले वर्षों में हजारों लोगों के लिए राहत का आधार बन सकते हैं।
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बांसी (सिद्धार्थनगर)। पौधरोपण अभियान में पौधों की संख्या बढ़ाना जरूरी है लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है कि पेड़ वहीं लगाए जाएं, जहां उनकी सबसे अधिक जरूरत है। अमर उजाला के विशेष अभियान ''''''''मिशन छांव'''''''' के तहत बांसी नगर क्षेत्र के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों की पड़ताल की गई तो कई ऐसे स्थान सामने आए, जहां लोगों को रोजाना धूप से जूझना पड़ता है।
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परिवहन निगम बस अड्डा, प्रमुख चौराहे, अस्पताल परिसर और पार्क जैसे स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है लेकिन छायादार पेड़ों का अभाव लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पौधरोपण अभियान में इन स्थानों को प्राथमिकता दी जाए तो आने वाले वर्षों में हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
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रोडवेज बस अड्डा : यात्रियों को इंतजार के साथ झेलनी पड़ती है धूप
- बांसी परिवहन निगम बस अड्डे पर हर दिन बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं। बस के इंतजार में खड़े यात्रियों को गर्मी में खुले आसमान के नीचे समय बिताना पड़ता है। परिसर में एक भी बड़ा छायादार पेड़ नहीं होने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी होती है। स्थानीय यात्री रामकिशोर वर्मा कहते हैं कि बस अड्डे पर लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। अगर यहां पेड़ और बैठने की व्यवस्था हो जाए तो यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
एनएच-28 के चौराहे : भीड़ रहती है लेकिन छांव नहीं
- कस्बे में एनएच-28 पर स्थित पुरानी कचहरी चौराहा, रोडवेज चौराहा और पेट्रोल पंप तिराहा ऐसे स्थान हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। सड़क किनारे और आसपास छायादार पेड़ों की कमी के कारण राहगीरों को धूप में खड़ा होना पड़ता है। स्थानीय दुकानदार राजेश जायसवाल बताते हैं कि चौराहों पर दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। कुछ बड़े पेड़ लग जाएं तो राहगीरों और दुकानदारों दोनों को राहत मिलेगी।
50 शैय्या अस्पताल : इलाज की उम्मीद लेकर आने वालों को नहीं मिलती छांव
- बांसी के 50 शैय्या युक्त अस्पताल परिसर में मरीजों और तीमारदारों की भीड़ रहती है। इलाज के लिए आने वाले लोगों को कई बार अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है लेकिन परिसर में पर्याप्त छायादार पेड़ नहीं होने से गर्मी में परेशानी और बढ़ जाती है। मरीज के तीमारदार हरिश्चंद्र यादव का कहना है कि अस्पताल में मरीजों के साथ बुजुर्ग और महिलाएं भी आती हैं। परिसर में पेड़ होंगे तो बैठने और राहत मिलने में सुविधा होगी।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क : घूमने वालों को चाहिए हरियाली का सहारा
- पार्क और मछली मंडी के आसपास भी छायादार पेड़ों की कमी महसूस होती है। यहां बच्चों के साथ परिवार और स्थानीय लोग पहुंचते हैं लेकिन गर्मी के दिनों में छांव का अभाव परेशानी बढ़ा देता है। स्थानीय निवासी संजय सिंह कहते हैं कि पार्क में हरियाली और पेड़ बढ़ेंगे तो बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए बेहतर माहौल बनेगा।
बांसी में इन जगहों पर सबसे पहले चाहिए छांव
- परिवहन निगम बस अड्डा : यात्रियों को मिलेगी राहत
- पुरानी कचहरी, रोडवेज चौराहा और पेट्रोल पंप तिराहा : राहगीरों के लिए जरूरी छायादार वृक्ष
- 50 शैय्या अस्पताल परिसर : मरीजों और तीमारदारों की सुविधा
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क क्षेत्र : बच्चों और लोगों के लिए बेहतर वातावरण
पेड़ लगेंगे तो बदलेंगे सार्वजनिक स्थल
- गर्मी में राहगीरों को मिलेगी राहत
- अस्पताल और बस अड्डों पर बढ़ेगी सुविधा
- सार्वजनिक स्थानों का तापमान कम होगा
- आने वाली पीढ़ियों को मिलेगी हरियाली की विरासत
मिशन छांव का उद्देश्य
मिशन छांव का उद्देश्य केवल पौधों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसे स्थानों पर हरियाली विकसित करना है, जहां उसका सीधा लाभ आम लोगों को मिले। बस अड्डे, अस्पताल, चौराहे, पार्क और प्रमुख मार्गों पर लगाए गए छायादार पेड़ आने वाले वर्षों में हजारों लोगों के लिए राहत का आधार बन सकते हैं।