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Siddharthnagar News: ऑनलाइन 15 मिनट में भंसार, नेटवर्क फेल तो काउंटर पर कतार
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 17 Jun 2026 12:45 AM IST
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ढेबरुआ। नेपाल के धार्मिक स्थलों की ओर बढ़ रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या का असर अब सीमा पर स्थित भंसार कार्यालयों पर भी दिखाई देने लगा है। बढ़नी सीमा स्थित भंसार कार्यालय में इन दिनों प्रतिदिन 450 से 500 छोटे-बड़े वाहनों का भंसार बनाया जा रहा है। डिजिटल व्यवस्था लागू होने से प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान हुई है, लेकिन नेटवर्क की समस्या लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
सुबह कार्यालय खुलने के साथ ही वाहन चालकों और यात्रियों की भीड़ जुटने लगती है। ऑनलाइन व्यवस्था के तहत क्यूआर स्कैन कर भंसार बनाया जा सकता है, लेकिन मोबाइल नेटवर्क कमजोर होने या इंटरनेट सेवा बाधित होने पर लोगों को काउंटर का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके चलते दोपहर तक लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
मंगलवार को कार्यालय परिसर में बड़ी संख्या में वाहन खड़े दिखाई दिए। कई लोग मोबाइल से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करते नजर आए, जबकि नेटवर्क न मिलने वाले यात्रियों को काउंटर पर लाइन लगानी पड़ी। बलरामपुर से आए राकेश ने बताया कि तीन बाइकों से छह लोग नेपाल के धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए जा रहे हैं। ऑनलाइन भंसार बनाने का प्रयास किया, लेकिन नेटवर्क नहीं चलने के कारण काउंटर पर इंतजार करना पड़ रहा है।
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वहीं, सिद्धार्थनगर के राकेश मौर्य ने बताया कि कार से परिवार के साथ यात्रा पर जा रहे हैं और उनका भंसार आसानी से हो गया। कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, प्रतिदिन 450 से 500 के बीच वाहनों का भंसार बनाया जा रहा है। इनमें निजी कार, बाइक, टैक्सी और बसें शामिल हैं। धार्मिक पर्यटन के साथ सामान्य आवागमन भी बढ़ा है।
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भंडार की दो तरह की व्यवस्था
- क्यूआर स्कैन कर ऑनलाइन भंसार
- नेटवर्क न मिलने पर काउंटर सुविधा
- दो दिन से लेकर निर्धारित अवधि तक का भंसार
- सुबह के समय सबसे अधिक भीड़
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क्यों बढ़ रही संख्या
- नेपाल के धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़
- सावन और धार्मिक आयोजनों का प्रभाव
- निजी वाहनों से यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ी
- सीमावर्ती जिलों से बड़ी संख्या में लोग नेपाल पहुंच रहे
सुबह कार्यालय खुलने के साथ ही वाहन चालकों और यात्रियों की भीड़ जुटने लगती है। ऑनलाइन व्यवस्था के तहत क्यूआर स्कैन कर भंसार बनाया जा सकता है, लेकिन मोबाइल नेटवर्क कमजोर होने या इंटरनेट सेवा बाधित होने पर लोगों को काउंटर का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके चलते दोपहर तक लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
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मंगलवार को कार्यालय परिसर में बड़ी संख्या में वाहन खड़े दिखाई दिए। कई लोग मोबाइल से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करते नजर आए, जबकि नेटवर्क न मिलने वाले यात्रियों को काउंटर पर लाइन लगानी पड़ी। बलरामपुर से आए राकेश ने बताया कि तीन बाइकों से छह लोग नेपाल के धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए जा रहे हैं। ऑनलाइन भंसार बनाने का प्रयास किया, लेकिन नेटवर्क नहीं चलने के कारण काउंटर पर इंतजार करना पड़ रहा है।
वहीं, सिद्धार्थनगर के राकेश मौर्य ने बताया कि कार से परिवार के साथ यात्रा पर जा रहे हैं और उनका भंसार आसानी से हो गया। कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, प्रतिदिन 450 से 500 के बीच वाहनों का भंसार बनाया जा रहा है। इनमें निजी कार, बाइक, टैक्सी और बसें शामिल हैं। धार्मिक पर्यटन के साथ सामान्य आवागमन भी बढ़ा है।
भंडार की दो तरह की व्यवस्था
- क्यूआर स्कैन कर ऑनलाइन भंसार
- नेटवर्क न मिलने पर काउंटर सुविधा
- दो दिन से लेकर निर्धारित अवधि तक का भंसार
- सुबह के समय सबसे अधिक भीड़
क्यों बढ़ रही संख्या
- नेपाल के धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़
- सावन और धार्मिक आयोजनों का प्रभाव
- निजी वाहनों से यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ी
- सीमावर्ती जिलों से बड़ी संख्या में लोग नेपाल पहुंच रहे