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Siddharthnagar News: भारत-नेपाल ने सीमा स्तंभों की मरम्मत और सुरक्षा पुख्ता करने पर जताई सहमति
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 17 Jun 2026 01:46 AM IST
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नेपाल के महेंद्रनगर में संयुक्त सीमा सर्वेक्षण टीम की बैठक में हुआ फैसला
11 सीमा स्तंभों का पुनर्निर्माण, 402 स्तंभों के निरीक्षण में अधिकांश मिले क्षतिग्रस्त
52 अन्य की मरम्मत पूरी
सिद्धार्थनगर/कपिलवस्तु। भारत और नेपाल ने सीमा स्तंभों की सुरक्षा, मरम्मत और पुनर्निर्माण को अधिक तेज और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। सोमवार को नेपाल के महेंद्रनगर (कंचनपुर) में आयोजित नेपाल-भारत संयुक्त सीमा सर्वेक्षण फील्ड टीम संख्या-4 की बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा संरचनाओं की भौतिक स्थिति सुधारने और उनके संरक्षण पर जोर दिया।
बैठक में संयुक्त सीमा सर्वेक्षण टीम के प्रमुख ज्ञानेंद्र बिष्टा ने चालू वित्तीय वर्ष में किए गए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि सुदूर पश्चिम नेपाल के पांच जिलों में अब तक 11 सीमा स्तंभों का पुनर्निर्माण और 52 अन्य स्तंभों की मरम्मत का कार्य पूरा किया जा चुका है।
बैठक में 402 सीमा स्तंभों के स्थलीय निरीक्षण की समीक्षा भी की गई। इनमें अधिकांश स्तंभ क्षतिग्रस्त या खराब स्थिति में पाए गए। इसके मद्देनजर दोनों देशों ने आने वाले समय में मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया।
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कंचनपुर के मुख्य जिला अधिकारी मदन कोइराला ने स्पष्ट किया कि बैठक का उद्देश्य सीमा विवादों का समाधान नहीं, बल्कि वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़े सीमा स्तंभों के रखरखाव, सुरक्षा और प्रभावी प्रबंधन पर चर्चा करना था। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के प्रशासनिक, सुरक्षा, सर्वेक्षण और वन विभाग के अधिकारियों के बीच सीमा स्तंभों के बेहतर प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनी है।
नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे कैलाली के मुख्य जिला अधिकारी हीरालाल रेग्मी ने पिछले तीन महीनों के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि लापता सीमा स्तंभों की खोज और गिरे हुए स्तंभों की मरम्मत का अभियान और तेज किया जाएगा।
भारतीय पक्ष का नेतृत्व कर रहे उधम सिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने संयुक्त टीम के कार्यों को अधिक असरदार बनाने के लिए भारत की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में नेपाल के कैलाली, कंचनपुर, डडेलधुरा, बैतड़ी और दार्चुला जिलों के अधिकारी शामिल हुए। वहीं, भारत की ओर से उत्तर प्रदेश के पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और उत्तराखंड के उधम सिंह नगर, चंपावत और धारचूला जिलों के प्रशासनिक एवं सुरक्षा अधिकारियों ने भाग लिया।
11 सीमा स्तंभों का पुनर्निर्माण, 402 स्तंभों के निरीक्षण में अधिकांश मिले क्षतिग्रस्त
52 अन्य की मरम्मत पूरी
सिद्धार्थनगर/कपिलवस्तु। भारत और नेपाल ने सीमा स्तंभों की सुरक्षा, मरम्मत और पुनर्निर्माण को अधिक तेज और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। सोमवार को नेपाल के महेंद्रनगर (कंचनपुर) में आयोजित नेपाल-भारत संयुक्त सीमा सर्वेक्षण फील्ड टीम संख्या-4 की बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा संरचनाओं की भौतिक स्थिति सुधारने और उनके संरक्षण पर जोर दिया।
बैठक में संयुक्त सीमा सर्वेक्षण टीम के प्रमुख ज्ञानेंद्र बिष्टा ने चालू वित्तीय वर्ष में किए गए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि सुदूर पश्चिम नेपाल के पांच जिलों में अब तक 11 सीमा स्तंभों का पुनर्निर्माण और 52 अन्य स्तंभों की मरम्मत का कार्य पूरा किया जा चुका है।
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बैठक में 402 सीमा स्तंभों के स्थलीय निरीक्षण की समीक्षा भी की गई। इनमें अधिकांश स्तंभ क्षतिग्रस्त या खराब स्थिति में पाए गए। इसके मद्देनजर दोनों देशों ने आने वाले समय में मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया।
कंचनपुर के मुख्य जिला अधिकारी मदन कोइराला ने स्पष्ट किया कि बैठक का उद्देश्य सीमा विवादों का समाधान नहीं, बल्कि वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़े सीमा स्तंभों के रखरखाव, सुरक्षा और प्रभावी प्रबंधन पर चर्चा करना था। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के प्रशासनिक, सुरक्षा, सर्वेक्षण और वन विभाग के अधिकारियों के बीच सीमा स्तंभों के बेहतर प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनी है।
नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे कैलाली के मुख्य जिला अधिकारी हीरालाल रेग्मी ने पिछले तीन महीनों के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि लापता सीमा स्तंभों की खोज और गिरे हुए स्तंभों की मरम्मत का अभियान और तेज किया जाएगा।
भारतीय पक्ष का नेतृत्व कर रहे उधम सिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने संयुक्त टीम के कार्यों को अधिक असरदार बनाने के लिए भारत की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में नेपाल के कैलाली, कंचनपुर, डडेलधुरा, बैतड़ी और दार्चुला जिलों के अधिकारी शामिल हुए। वहीं, भारत की ओर से उत्तर प्रदेश के पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और उत्तराखंड के उधम सिंह नगर, चंपावत और धारचूला जिलों के प्रशासनिक एवं सुरक्षा अधिकारियों ने भाग लिया।