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Siddharthnagar News: सऊदी में मौत के डेढ़ माह बाद भी लाया नहीं जा सका शव, लगाई गुहार
Fri, 31 Jul 2026 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 31 Jul 2026 11:54 PM IST
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मृतक रिजवान अहमद का परिवार।
- फोटो : Demand to withdraw FIRs registered during the Parliament gherao.
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इटवा। रोजी-रोटी कमाने सऊदी अरब गए इटवा थाना क्षेत्र के डोकम अमया गांव निवासी रिजवान अहमद (40) की डेढ़ माह पहले मौत हो गई थी लेकिन उनका शव अब तक वतन नहीं पहुंच सका है। अंतिम संस्कार तो दूर, परिजन आखिरी बार उनका चेहरा भी नहीं देख पाए हैं। शव की वापसी के लिए परिवार लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है।
परिजनों के अनुसार रिजवान अहमद करीब एक वर्ष पहले मजदूरी के लिए सऊदी अरब गए थे। डेढ़ माह पहले अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ। साथियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलने के बाद से परिवार सदमे में है लेकिन सबसे बड़ा दर्द यह है कि अब तक उनका शव भारत नहीं लाया जा सका है।
रिजवान दो भाइयों में बड़े थे। उनके छोटे भाई रेहान रजा इटवा क्षेत्र के भावपुर स्थित एक विद्यालय में शिक्षक हैं। उनके पिता अतहर भी पहले सऊदी अरब में मजदूरी कर चुके हैं। रिजवान भी वर्षों से विदेश जाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। मृतक अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और तीन बेटियां छोड़ गए हैं।
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परिजनों के अनुसार रिजवान अहमद करीब एक वर्ष पहले मजदूरी के लिए सऊदी अरब गए थे। डेढ़ माह पहले अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ। साथियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलने के बाद से परिवार सदमे में है लेकिन सबसे बड़ा दर्द यह है कि अब तक उनका शव भारत नहीं लाया जा सका है।
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रिजवान दो भाइयों में बड़े थे। उनके छोटे भाई रेहान रजा इटवा क्षेत्र के भावपुर स्थित एक विद्यालय में शिक्षक हैं। उनके पिता अतहर भी पहले सऊदी अरब में मजदूरी कर चुके हैं। रिजवान भी वर्षों से विदेश जाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। मृतक अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और तीन बेटियां छोड़ गए हैं।
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