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Siddharthnagar News: तरही शब्बेदारी में रातभर गूंजे नौहे, हजरत कासिम की शहादत पर नम हुईं आंखें
Fri, 31 Jul 2026 11:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 31 Jul 2026 11:46 PM IST
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डुमरियागंज क्षेत्र के कस्बा हल्लौर में आयोजित तरही शबबेदारी में नौहा मातम करते अकीदतमंद। संवाद
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भवानीगंज। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के हल्लौर कस्बा स्थित इमाम बारगाह हुसैनिया अली हसन में बृहस्पतिवार रात अंजुमन फिदा-ए-कासिम के तत्वावधान में तरही शब्बेदारी का आयोजन किया गया। मरसिया, मजलिस और नौहाख्वानी के बीच पूरी रात अकीदतमंदों ने हजरत कासिम की याद में मातम किया। कार्यक्रम का समापन शुक्रवार सुबह हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत महताब हैदर ने पवित्र कुरआन की तिलावत से की। इसके बाद इमाम बारगाह हुसैनिया अबू तालिब से हजरत कासिम के ताबूत की शबीह और अलम का जुलूस निकाला गया। नौहाख्वानी और मातम के बीच जुलूस इमाम बारगाह हुसैनिया अली हसन पहुंचकर संपन्न हुआ।
इसके बाद हैदरे कर्रार और उनके सहयोगियों ने मरसिया पेश किया। मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना शाहकार हुसैन जैदी ने हजरत इमाम हसन के कमसिन बेटे हजरत कासिम की शहादत का मार्मिक वर्णन किया। उनके बयान से मजलिस में मौजूद अजादार भावुक हो उठे।
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मजलिस के बाद नौहाख्वानी और सीनाजनी का सिलसिला शुरू हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे मेहमान नौहाख्वां अता अब्बास काशिफ ककरौलवी ने दर्दभरे नौहे पेश किए। वहीं अंजुमन सिपाहे हुसैनी भनोली सादात (अमेठी), अंजुमन अब्बासिया निमाली (फैजाबाद), अंजुमन फरोग मातम और अंजुमन गुलदस्ता मातम के मातमी दस्तों ने भी नौहाख्वानी और मातम पेश किया।
कार्यक्रम का संचालन जाहिद कानपुरी और अफसर हल्लौरी ने किया। इस दौरान असगर रिजवी (गुड्डू), अर्शी रिजवी, कैफी रिजवी, समर अब्बास, मोअत्तर रिजवी सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।न
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कार्यक्रम की शुरुआत महताब हैदर ने पवित्र कुरआन की तिलावत से की। इसके बाद इमाम बारगाह हुसैनिया अबू तालिब से हजरत कासिम के ताबूत की शबीह और अलम का जुलूस निकाला गया। नौहाख्वानी और मातम के बीच जुलूस इमाम बारगाह हुसैनिया अली हसन पहुंचकर संपन्न हुआ।
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इसके बाद हैदरे कर्रार और उनके सहयोगियों ने मरसिया पेश किया। मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना शाहकार हुसैन जैदी ने हजरत इमाम हसन के कमसिन बेटे हजरत कासिम की शहादत का मार्मिक वर्णन किया। उनके बयान से मजलिस में मौजूद अजादार भावुक हो उठे।
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मजलिस के बाद नौहाख्वानी और सीनाजनी का सिलसिला शुरू हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे मेहमान नौहाख्वां अता अब्बास काशिफ ककरौलवी ने दर्दभरे नौहे पेश किए। वहीं अंजुमन सिपाहे हुसैनी भनोली सादात (अमेठी), अंजुमन अब्बासिया निमाली (फैजाबाद), अंजुमन फरोग मातम और अंजुमन गुलदस्ता मातम के मातमी दस्तों ने भी नौहाख्वानी और मातम पेश किया।
कार्यक्रम का संचालन जाहिद कानपुरी और अफसर हल्लौरी ने किया। इस दौरान असगर रिजवी (गुड्डू), अर्शी रिजवी, कैफी रिजवी, समर अब्बास, मोअत्तर रिजवी सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।न