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Siddharthnagar News: बरसात में थमी काम की रफ्तार, शुद्ध पानी के लिए करना होगा इंतजार
Tue, 28 Jul 2026 02:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 28 Jul 2026 02:34 AM IST
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शहर के विस्तारित क्षेत्र व पुरानी आबादी में आठ पेयजल परियोजना पर हो रहा कार्य
पहले बजट और अब बारिश बना रोड़ा, तीन माह नहीं हो सकेगा पाइप बिछाने का काम
सिद्धार्थनगर। शहर में आठ पेयजल परियोजनाओं की धीमी रफ्तार से लोगों को शुद्ध पानी के लिए अभी इंतजार करना होगा। पहले बजट का रोड़ा रहा, अब बरसात के चलते पाइप लाइन बिछाने में अड़चन आने से कार्य अवरुद्ध हो गया है। इनमें कुछ वाटरहेड टैंक निर्माण अंतिम चरण में है तो कुछ परियोजनाएं अभी शुरू भी नहीं हो पाई हैं। वहीं, दो परियोजना के लिए अभी जमीन ही उपलब्ध नहीं हो सकी है।
नगर पालिका सिद्धार्थनगर के विस्तार में आसपास के गांवों के शहर में शामिल होने के बाद भी पुरानी आबादी और विस्तारित क्षेत्र के लोगों को अभी पूर्व में संचालित पेयजल परियोजनाओं से ही आपूर्ति की जा रही है। इससे लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। नगर पालिका ने शहर में आठ स्थानों पर पेयजल परियोजनाओं के निर्माण के लिए 80 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी थी, जिसकी स्वीकृति मिलने के बाद जलनिगम शहरी की ओर से निर्माण कार्य शुरू कराया गया है।
परियोजना के तहत शहर के विभिन्न मोहल्लों में 191 किमी से अधिक लंबी पाइप लाइन बिछाने के साथ 22 नए ट्यूबवेल लगाए जाने हैं। वर्तमान में तीन स्थानों पर वाटरहेड टैंक का निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं। वहीं, दो स्थानों पर कुछ कार्य हुआ है जबकि एक स्थान पर अभी कार्य शुरू हुआ है। यहां तक कि दो पेयजल परियोजनाओं के लिए अभी जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई है।
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इन स्थानों पर बनेगी नई पानी टंकी
वर्तमान में शहर में छह स्थानों पर पानी की टंकियां हैं जबकि आठ अन्य स्थानों पर पानी की टंकियां बनाने का कार्य किया जाना है। इसमें रोआपार, पिपरी बुजुर्ग, दतरंगवा, बसडिलिया, मुड़िला, थरौली और पुरानी नौगढ़ शामिल है। इनमें रोआपार, परसाशाह आलम और बसडिलिया में वाटरहेड टैंक निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। दतरंगवा, पिपरी बुजुर्ग और मुड़िला में कुछ कार्य हुए है। वहीं, थरौली मोहल्ला और पुरानी नौगढ़ में पेयजल परियोजना के लिए अभी भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है। पुरानी नौगढ़ में उपलब्ध कराई गई भूमि विवादित होने के कारण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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यहां के लोगों को शुद्ध पानी का इंतजार
नगर पालिका परिषद में विस्तार के बाद करीब आधे शहर में शुद्ध पीने के पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। नए प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद विस्तारित क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पानी मिलने लगेगा। इसमें भीमापार, महनगा, मधुकरपुर, बसडिलिया, रोवापार, मुड़िला, परसा शाह आलम, सनई, बड़गो के लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जानी है। पिपरा पांडेय, पकड़ी, थरौली और इंदिरानगर और सिंहेश्वरी मंदिर के पास विस्तारित क्षेत्र में भी सभी घरों को पानी मिलने लगेगा। साथ ही शहर की पुरानी आबादी में भी सुचारू रूप से शुद्ध पानी की उपलब्धता हो सकेगी।
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हर दिन तीन लाख का पानी खरीद रहा शहर
जल निगम ने वर्ष 2025 के अनुसार अनुमानित आबादी व घरों की रिपोर्ट तैयार की है। इसमें आबादी 81,743 और घरों की संख्या 20,182 होगी, जबकि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार आबादी 64,477 और घर 15,919 थे। इसके अलावा शहर में काफी संख्या में लोग दूसरे शहरों से आकर रहते हैं। एक अनुमान के अनुसार शहर की करीब 40 हजार आबादी पानी खरीद कर पी रही है। शहर में आठ आरओ वॉटर प्लांट हैं। इनकी ओर से तीन लाख रुपये से अधिक का पानी हर दिन बेचा जा रहा है।
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पुरानी पेयजल परियोजनाओं से शहर की नई आबादी में वाटर सप्लाई नहीं हो रही है। इससे लोगों को शुद्ध पानी के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है।
राकेश कसौधन, शास्त्रीनगर
नई पेयजल परियोजनाओं के पूर्ण होने से लोगों को शुद्ध पानी मिलने की उम्मीद है लेकिन इसमें देरी होने से लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
नागेंद्र, मधुकरपुर
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नगर पालिका में आठ पेयजल परियोजनाओं का निर्माण कराया जा रहा है। बजट और बारिश के कारण कुछ अड़चन है फिर भी कुछ परियोजनाओं का निर्माण अंतिम चरण में है। सभी परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण कराया जाएगा।
ओमप्रकाश चौधरी, सहायक अभियंता, शहरी जलनिगम
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पहले बजट और अब बारिश बना रोड़ा, तीन माह नहीं हो सकेगा पाइप बिछाने का काम
सिद्धार्थनगर। शहर में आठ पेयजल परियोजनाओं की धीमी रफ्तार से लोगों को शुद्ध पानी के लिए अभी इंतजार करना होगा। पहले बजट का रोड़ा रहा, अब बरसात के चलते पाइप लाइन बिछाने में अड़चन आने से कार्य अवरुद्ध हो गया है। इनमें कुछ वाटरहेड टैंक निर्माण अंतिम चरण में है तो कुछ परियोजनाएं अभी शुरू भी नहीं हो पाई हैं। वहीं, दो परियोजना के लिए अभी जमीन ही उपलब्ध नहीं हो सकी है।
नगर पालिका सिद्धार्थनगर के विस्तार में आसपास के गांवों के शहर में शामिल होने के बाद भी पुरानी आबादी और विस्तारित क्षेत्र के लोगों को अभी पूर्व में संचालित पेयजल परियोजनाओं से ही आपूर्ति की जा रही है। इससे लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। नगर पालिका ने शहर में आठ स्थानों पर पेयजल परियोजनाओं के निर्माण के लिए 80 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी थी, जिसकी स्वीकृति मिलने के बाद जलनिगम शहरी की ओर से निर्माण कार्य शुरू कराया गया है।
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परियोजना के तहत शहर के विभिन्न मोहल्लों में 191 किमी से अधिक लंबी पाइप लाइन बिछाने के साथ 22 नए ट्यूबवेल लगाए जाने हैं। वर्तमान में तीन स्थानों पर वाटरहेड टैंक का निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं। वहीं, दो स्थानों पर कुछ कार्य हुआ है जबकि एक स्थान पर अभी कार्य शुरू हुआ है। यहां तक कि दो पेयजल परियोजनाओं के लिए अभी जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई है।
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इन स्थानों पर बनेगी नई पानी टंकी
वर्तमान में शहर में छह स्थानों पर पानी की टंकियां हैं जबकि आठ अन्य स्थानों पर पानी की टंकियां बनाने का कार्य किया जाना है। इसमें रोआपार, पिपरी बुजुर्ग, दतरंगवा, बसडिलिया, मुड़िला, थरौली और पुरानी नौगढ़ शामिल है। इनमें रोआपार, परसाशाह आलम और बसडिलिया में वाटरहेड टैंक निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। दतरंगवा, पिपरी बुजुर्ग और मुड़िला में कुछ कार्य हुए है। वहीं, थरौली मोहल्ला और पुरानी नौगढ़ में पेयजल परियोजना के लिए अभी भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है। पुरानी नौगढ़ में उपलब्ध कराई गई भूमि विवादित होने के कारण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
यहां के लोगों को शुद्ध पानी का इंतजार
नगर पालिका परिषद में विस्तार के बाद करीब आधे शहर में शुद्ध पीने के पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। नए प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद विस्तारित क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पानी मिलने लगेगा। इसमें भीमापार, महनगा, मधुकरपुर, बसडिलिया, रोवापार, मुड़िला, परसा शाह आलम, सनई, बड़गो के लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जानी है। पिपरा पांडेय, पकड़ी, थरौली और इंदिरानगर और सिंहेश्वरी मंदिर के पास विस्तारित क्षेत्र में भी सभी घरों को पानी मिलने लगेगा। साथ ही शहर की पुरानी आबादी में भी सुचारू रूप से शुद्ध पानी की उपलब्धता हो सकेगी।
हर दिन तीन लाख का पानी खरीद रहा शहर
जल निगम ने वर्ष 2025 के अनुसार अनुमानित आबादी व घरों की रिपोर्ट तैयार की है। इसमें आबादी 81,743 और घरों की संख्या 20,182 होगी, जबकि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार आबादी 64,477 और घर 15,919 थे। इसके अलावा शहर में काफी संख्या में लोग दूसरे शहरों से आकर रहते हैं। एक अनुमान के अनुसार शहर की करीब 40 हजार आबादी पानी खरीद कर पी रही है। शहर में आठ आरओ वॉटर प्लांट हैं। इनकी ओर से तीन लाख रुपये से अधिक का पानी हर दिन बेचा जा रहा है।
पुरानी पेयजल परियोजनाओं से शहर की नई आबादी में वाटर सप्लाई नहीं हो रही है। इससे लोगों को शुद्ध पानी के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है।
राकेश कसौधन, शास्त्रीनगर
नई पेयजल परियोजनाओं के पूर्ण होने से लोगों को शुद्ध पानी मिलने की उम्मीद है लेकिन इसमें देरी होने से लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
नागेंद्र, मधुकरपुर
नगर पालिका में आठ पेयजल परियोजनाओं का निर्माण कराया जा रहा है। बजट और बारिश के कारण कुछ अड़चन है फिर भी कुछ परियोजनाओं का निर्माण अंतिम चरण में है। सभी परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण कराया जाएगा।
ओमप्रकाश चौधरी, सहायक अभियंता, शहरी जलनिगम