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Siddharthnagar News: कार्यशाला की सीख के जरिये करें पिछड़ रहे बच्चों की मदद
Tue, 28 Jul 2026 02:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 28 Jul 2026 02:28 AM IST
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शहर के एक होटल में आयोजित हुआ एआरपी की एक दिवसीय कार्यशाला
सिद्धार्थनगर। बेसिक शिक्षा विभाग में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत एक दिवसीय कार्यशाला सोमवार को शहर के एक होटल में आयोजित की गई। मुख्य अतिथि बीएसए शैलेश कुमार ने कहा कि सभी लोग इस कार्यशाला की सीख प्रत्येक विद्यालय तक पहुंचाकर सीखने में पिछड़ रहे बच्चों की मदद करेंगे। विशेष रूप से ग्रामीण अभिभावकों को भी जागरूक करने की आवश्यकता है।
बच्चों की भाषा समृद्ध करने के लिए हर दिन मातृभाषा और कुछ नए शब्दों पर चर्चा करेंगे। इससे उनमें समझ विकसित होगी। प्रत्येक विद्यालय में अखबार पठन को धरातल पर उतारने की आवश्यकता है। शिक्षक और छात्र का वह संबंध है कि यदि एक बच्चा सफल होता है तो सबसे ज्यादा प्रसन्नता उसके शिक्षक को होगी। गर्व नागपाल, श्वेता किरन, देवम त्रिपाठी ने भाषा के महत्व को समझाते हुए कहा कि भाषायी समझ जिसके जीवन में प्रभावी हो जाती है, वह जीवन के कार्यों को सहजता से पूर्ण कर सकता है।
विद्यालय में शैक्षिक गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए दस पॉइंट टूल्स, कैच अप कार्यक्रम, शिक्षण अधिगम सामग्री, बाल वाटिका में खेल-खेल में शिक्षण कार्य इत्यादि के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। आज के प्रशिक्षण सत्र में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने और अधिगम स्तर प्राप्त करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही अवगत कराया गया कि बच्चे बचपन में कक्षा एक और दो में पढ़ने के लिए सीखते हैं। वही बड़े होकर सीखने के लिए पढ़ते हैं। यही निपुण भारत मिशन की संकल्पना है।
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इस दौरान डीसी निपुण आशीष कुमार सिंह, बीईओ अशोक सिंह, धर्मेंद्र पाल, ओमप्रकाश मिश्र, महेंद्र कुमार, भूपेंद्र सिंह, डीसी प्रशिक्षण आशीष कुमार मिश्रा आदि आदि रहे।
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सिद्धार्थनगर। बेसिक शिक्षा विभाग में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत एक दिवसीय कार्यशाला सोमवार को शहर के एक होटल में आयोजित की गई। मुख्य अतिथि बीएसए शैलेश कुमार ने कहा कि सभी लोग इस कार्यशाला की सीख प्रत्येक विद्यालय तक पहुंचाकर सीखने में पिछड़ रहे बच्चों की मदद करेंगे। विशेष रूप से ग्रामीण अभिभावकों को भी जागरूक करने की आवश्यकता है।
बच्चों की भाषा समृद्ध करने के लिए हर दिन मातृभाषा और कुछ नए शब्दों पर चर्चा करेंगे। इससे उनमें समझ विकसित होगी। प्रत्येक विद्यालय में अखबार पठन को धरातल पर उतारने की आवश्यकता है। शिक्षक और छात्र का वह संबंध है कि यदि एक बच्चा सफल होता है तो सबसे ज्यादा प्रसन्नता उसके शिक्षक को होगी। गर्व नागपाल, श्वेता किरन, देवम त्रिपाठी ने भाषा के महत्व को समझाते हुए कहा कि भाषायी समझ जिसके जीवन में प्रभावी हो जाती है, वह जीवन के कार्यों को सहजता से पूर्ण कर सकता है।
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विद्यालय में शैक्षिक गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए दस पॉइंट टूल्स, कैच अप कार्यक्रम, शिक्षण अधिगम सामग्री, बाल वाटिका में खेल-खेल में शिक्षण कार्य इत्यादि के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। आज के प्रशिक्षण सत्र में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने और अधिगम स्तर प्राप्त करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही अवगत कराया गया कि बच्चे बचपन में कक्षा एक और दो में पढ़ने के लिए सीखते हैं। वही बड़े होकर सीखने के लिए पढ़ते हैं। यही निपुण भारत मिशन की संकल्पना है।
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इस दौरान डीसी निपुण आशीष कुमार सिंह, बीईओ अशोक सिंह, धर्मेंद्र पाल, ओमप्रकाश मिश्र, महेंद्र कुमार, भूपेंद्र सिंह, डीसी प्रशिक्षण आशीष कुमार मिश्रा आदि आदि रहे।