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Sitapur News: आंख के अस्पताल में अब एआई के माध्यम से होगी रेटिना की जांच
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आंख अस्पताल में यही होंगी निशुल्क जांचे।
- फोटो : आंख अस्पताल में यही होंगी निशुल्क जांचे।
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सीतापुर। सीतापुर आंख के अस्पताल में अब रेटिना की स्क्रीनिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के माध्यम से होगी। इससे महज पांच मिनट के अंदर जांच हो जाएगी। इसके लिए मरीजों से कोई शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। डायबिटिक रेटिनोपैथी व ग्लूकोमा स्क्रीनिंग सेंटर शुरू किया गया है।
आंख के अस्पताल में लगातार सुविधाओं में इजाफा हो रहा है। इस क्रम में अब रेटिना की जांच में एआई का उपयोग किया जाएगा। इससे रिजल्ट तत्काल मिलेगा और जांच की सटीकता भी बढ़ेगी। अस्पताल में डायबिटिक रेटिनोपैथी और ग्लूकोमा स्क्रीनिंग सेंटर शुरू होने से महज पांच मिनट के अंदर रिपोर्ट मिल जाएगी।
ऐसे मिलेगा लाभ
यदि कोई मरीज इसका लाभ लेना चाहता है तो सबसे पहले आंख के अस्पताल की ओपीडी में पंजीकरण कराना होगा। चिकित्सक परचे पर जांच की सलाह देंगे तो मरीज सेंटर पर जाकर स्क्रीनिंग करा सकेंगे। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद चिकित्सक आगे का इलाज करेंगे।
रोजाना आते हैं करीब 900 मरीज
सीतापुर आंख के अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 900 मरीज आते हैं। ये सीतापुर सहित लखनऊ, हरदोई, बहराइच, श्रावस्ती, कानपुर सहित अन्य जनपदों के होते हैं। इसमें ग्लूकोमा के 100 से अधिक मरीज आते हैं। इन मरीजों को अगर समय से इलाज नहीं मिलता है तो इनकी रोशनी जाने का डर बना रहता है। वहीं, अस्पताल में रोजाना 300 से 400 ऑपरेशन हो रहे हैं।
ग्लूकोमा के यह होते हैं लक्षण
चिकित्सक डॉ. प्रीति सिंह ने बताया कि डायबिटीज रोगियों में ग्लूकोमा होने की अधिक संभावना रहती है। 40 साल के बाद यह बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है। अगर परिवार में किसी को ग्लूकोमा है तो यह दूसरे सदस्यों में भी हो सकता है। वहीं, अगर धुंधला दिखाई दे रहा है, बार-बार सिरदर्द हो रहा है। चश्मे का नंबर बार-बार बदल रहा है तो ग्लूकोमा के लक्षण हो सकते हैं। यह समय से जांच कराने पर ठीक हो जाता है। अगर ध्यान नहीं दिया तो रोशनी जा सकती है।
सोमवार से शुक्रवार तक होगी जांच
इस सेंटर पर रेटिना की जांच सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर 12 से तीन बजे तक होगी। शनिवार को छुट्टी रहेगी।
मिलेगी सटीक रिपोर्ट
अस्पताल में एआई के माध्यम से रेटिना की स्क्रीनिंग शुरू हो गई है। इससे सटीक रिपोर्ट मिलेगी, जिससे बेहतर उपचार किया जा सकेगा।
डॉ. कांत वाइकर, सीएमओ, आंख अस्पताल
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आंख के अस्पताल में लगातार सुविधाओं में इजाफा हो रहा है। इस क्रम में अब रेटिना की जांच में एआई का उपयोग किया जाएगा। इससे रिजल्ट तत्काल मिलेगा और जांच की सटीकता भी बढ़ेगी। अस्पताल में डायबिटिक रेटिनोपैथी और ग्लूकोमा स्क्रीनिंग सेंटर शुरू होने से महज पांच मिनट के अंदर रिपोर्ट मिल जाएगी।
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ऐसे मिलेगा लाभ
यदि कोई मरीज इसका लाभ लेना चाहता है तो सबसे पहले आंख के अस्पताल की ओपीडी में पंजीकरण कराना होगा। चिकित्सक परचे पर जांच की सलाह देंगे तो मरीज सेंटर पर जाकर स्क्रीनिंग करा सकेंगे। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद चिकित्सक आगे का इलाज करेंगे।
रोजाना आते हैं करीब 900 मरीज
सीतापुर आंख के अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 900 मरीज आते हैं। ये सीतापुर सहित लखनऊ, हरदोई, बहराइच, श्रावस्ती, कानपुर सहित अन्य जनपदों के होते हैं। इसमें ग्लूकोमा के 100 से अधिक मरीज आते हैं। इन मरीजों को अगर समय से इलाज नहीं मिलता है तो इनकी रोशनी जाने का डर बना रहता है। वहीं, अस्पताल में रोजाना 300 से 400 ऑपरेशन हो रहे हैं।
ग्लूकोमा के यह होते हैं लक्षण
चिकित्सक डॉ. प्रीति सिंह ने बताया कि डायबिटीज रोगियों में ग्लूकोमा होने की अधिक संभावना रहती है। 40 साल के बाद यह बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है। अगर परिवार में किसी को ग्लूकोमा है तो यह दूसरे सदस्यों में भी हो सकता है। वहीं, अगर धुंधला दिखाई दे रहा है, बार-बार सिरदर्द हो रहा है। चश्मे का नंबर बार-बार बदल रहा है तो ग्लूकोमा के लक्षण हो सकते हैं। यह समय से जांच कराने पर ठीक हो जाता है। अगर ध्यान नहीं दिया तो रोशनी जा सकती है।
सोमवार से शुक्रवार तक होगी जांच
इस सेंटर पर रेटिना की जांच सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर 12 से तीन बजे तक होगी। शनिवार को छुट्टी रहेगी।
मिलेगी सटीक रिपोर्ट
अस्पताल में एआई के माध्यम से रेटिना की स्क्रीनिंग शुरू हो गई है। इससे सटीक रिपोर्ट मिलेगी, जिससे बेहतर उपचार किया जा सकेगा।
डॉ. कांत वाइकर, सीएमओ, आंख अस्पताल
