सीतापुर। शहर स्थित आचार्य नरेंद्र देव स्मृति पार्क को लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क की तर्ज पर विकसित करने की मंशा 10 साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। विकास कार्य की गुणवत्ता भी खराब है। इसका नतीजा है कि पार्क में दीवारों पर हुई पेंटिंग फीकी पड़ गई है। साथ ही वाटर टैंक की टाइल्स भी उखड़ गई हैं। यह कार्य उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को वर्ष 2016 में आवंटित किया गया था और अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है। जनवरी में डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने इस स्थल का निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था को गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने के निर्देश दिए थे।
वर्ष 2016 में वन विभाग के आचार्य नरेंद्र देव स्मृति पार्क का विकास लखनऊ स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क की तर्ज पर करने का प्रस्ताव तैयार किया गया। करीब 34 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बना। इसके सापेक्ष 10 करोड़ रुपये का बजट आवंटित हुआ। 75 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले इस पार्क में हरियाली, आकर्षक रोशनी, वाॅकिंग ट्रैक, बच्चों के लिए आधुनिक झूले, आधुनिक रिसेप्शन काउंटर और औषधीय वाटिका विकसित की जा रही है। इसमें अभी एक हेक्टेयर यानि करीब दस हजार वर्ग मीटर में विकास कार्य कराए गए हैं।
इनमें प्रमुख रूप से वॉच टॉवर, वैटर टैंक, बाउंड्रीवाॅल, पेंटिंग, टाइलीकरण, बाउंड्रीवाल के कार्य अधोमानक साबित हो रहे हैं। डीएम डॉ राजा गणपति आर ने जनवरी में पार्क के विकास कार्याें का निरीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण काम कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही इसमें फूलों से सजी पगडंडियां, सुंदर वॉल पेंटिंग, एलईडी लाइटें, सोलर लाइट, शानदार प्रवेश द्वार और बैठने की बेहतर व्यवस्था करने के लिए कहा था। इसके बावजूद विकास कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से नहीं कराए गए हैं।